Category: बच्चों का पोषण

बच्चे की भूख बढ़ाने के घरेलू नुस्खे

By: Salan Khalkho | 14 min read

बच्चों में भूख की कमी एक बढती हुई समस्या है। यह कई कारणों से होती है जैसे की शारीर में विटामिन्स की कमी, तापमान का गरम रहना, बच्चे का सवभाव इतियादी। लेकिन कुछ घरेलु तरीके और कुछ सूझ-बूझ से आप अपने बच्चे की भूख को बढ़ा सकती हैं ताकि उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उसके शारीर को सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्त्व मिल सके।

बच्चे की भूख बढ़ाने के घरेलू नुस्खे

बच्चों में भूख की कमी होने पे उन्हें कुछ भी खाने की इक्षा नहीं होता ही। ऐसे में माँ-बाप की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है की बच्चे को क्या खिलाया जाये की उसके शारीर के पोषक तत्वों की आवश्यकता को आहारों के माध्यम से पूरा किया जा सके। 

क्योंकि बच्चों के भोजन को पर्याप्त रूप से ना खाने से उनके शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके मस्तिष्क विकास पर  भी बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे आपका बच्चा आने वाले समय में पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद आदि जैसी क्रियाओं में उसके पीछे रहने की सम्भावना बन जाती है। 

बच्चों में भूख की कमी कई कारणों से होता है और ऐसा होना एक आम बात भी है जिसके लिए आप को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बच्चों को खाने के लिए प्रेरित करना, उनके आहार को बढ़ाना एक चुनौती भरा कार्य है जिसे आप थोड़ी  समझ से पूरा कर सकती हैं। अगर शिशु को उसके आहार से पूरा पोषण नहीं मिल पा रहा है तो आप:

ध्यान दें: अगर बच्चे का लगातार वजन घट रहा है, या फिर उसका वजन बढ़ना रूक गया है, तो यह किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता हैं और यह घम्भीर चिंता का विषय है। इस स्थिति में आप को अपने बच्चे को डॉक्टर को दिखाना चाहिए ताकि बच्चे का समय पे सही इलाज किया जा सके। समय पे इलाज ना मिलने की स्थिति में बच्चे को कुपोषण भी हो सकता है। जो बच्चे बार बार बीमार पड़ते हैं उनके शारीर में भी पोषक तत्वों की कमी पाई गयी है। इस समस्या से निपटने के लिए डोक्टर की राय आवश्यक है। आप बच्चे को उसके बीमारी के अनुसार भी आहार दे सकती हैं। उदहारण के लिए दस्त के दौरान शिशु को आहार उसके इस अवस्था के अनुसार दें। कई बार बच्चे कब्ज की वजह से भी खाना खाना बंद कर देते हैं। ऐसे में कब्ज की समस्या का निवारण होते ही फिर से आहार ग्रहण करना प्रारंभ कर देते हैं।  

इस लेख में:

  1. शिशु की रूचि के अनुसार आहार दें
  2. बच्चे के साथ खाना खाएं
  3. कार्टून वाले बर्तनों का प्रयोग करें
  4. दूसरे बच्चों के साथ खिलाएं
  5. बच्चे की भूख बढ़ाने के लिए करें विटामिंस का प्रयोग
  6. बच्चे की खाने से कराएं दोस्ती
  7. मानसून फलों का भी कराये सेवन
  8. थोड़े थोड़े समय अंतराल पर बच्चों को खिलाते रहे
  9. डॉक्टर से ले परामर्श
  10. अभिभावकों को देनी चाहिए इन बातों पर ध्यान
  11. कुछ बातें बच्चों को भी सिखाएं
  12. डाइटीशियन डॉक्टर की सलाह
  13. निष्कर्ष

शिशु की रूचि के अनुसार आहार दें 

बच्चों को तरह तरह के स्वाद वाले भोजन पसंद आते हैं। कुछ ऐसे विशेष भोजन होते हैं जो उन्हें नहीं पसंद आते हैं और वहीँ कुछ ऐसे भोजन होते हैं जो उन्हें बहुत पसंद आते हैं। 

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बच्चे चटक स्वाद वाली भोजन को ही ज्यादा पसंद करते हैं जिसकी वजह से उन्हें सब्जियों व संतुलित आहार से मिलने वाले पोषण विटामिंस आदि प्रयाप्त रुप से नहीं मिल पाती है।

अगर बच्चे केवल अपनी इक्षा से ही भोजन करें तो कई महत्वपूर्ण आहारों से वंचित रह जायेंगे जो उनके विकास के लिए बहुत आवश्यक है। उदहारण के लिए बच्चों को चॉकलेट बहुत पसंद आती है लेकिन उनमें ना तो विटामिन होता है और ना ही कोई अन्य पोषक तत्व। दूसरी तरफ बच्चों को सब्जियां बिलकुल पसदं नहीं आती हैं। लेकिन सब्जियौं में भरपूर मात्र में पोषकतत्व पाए जाते हैं जो उसके विकास के लिए अच्छे हैं।

इन बातों का विशेष रुप से ध्यान रखें-

बच्चे के साथ खाना खाएं-

आप अपने बच्चे के साथ बैठकर खाना खाएं और उसे छोटे-छोटे बाइट बनाकर दें। खाने को रोचक तरीके से खिलाएं। अपने बच्चे के साथ खाते समय उसके साथ प्रतियोगिता करें कि कौन पहले खाना खाता है।

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ऐसे में आप का बच्चा खाने को जल्द से जल्द खत्म करना चाहेगा और पूरे खाने को खाने की कोशिश करेगा। ऐसा करने से बच्चे के पूरा खाना ना खाने की समस्या काफी हद तक दूर हो जाती है। 

कार्टून वाले बर्तनों का प्रयोग करें

बच्चों के मनपसंद के कार्टून वाले बर्तनों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।  ऐसा करने से बच्चे अपने पसंद के कार्टून वाले बर्तन में खेल-खेल में खाने को पूरा खा लेते हैं तथा खाने को खाते समय उनका मन भी लगा रहता है।

कार्टून वाले बर्तनों का प्रयोग करें

कार्टून वाले बर्तन बच्चों को बहुत ही आकर्षित करते हैं। यह बच्चों को पूरा भोजन खिलाने का एक सबसे सरल तरीका है। इससे बच्चे पूरे खाने को खाने की आदत सीख लेते हैं।

इस प्रकार के बर्तन में आप बच्चे को तरह तरह से आहारों को परोस सकते हैं। इससे आप के बच्चे की खाने में रुचि बढ़ेगी और खाना खाना उसके लिए एक खेल के जैसे हो जाएगी। 

दूसरे बच्चों के साथ खिलाएं-

बच्चे को कभी भी अकेले खाना ना खिलाए। या तो आप खुद बच्चे के साथ बैठकर खाना खाएं या घर के किसी अन्य बच्चे के साथ खाना खिलाए।  दुसरे बच्चों के साथ बैठकर खाना खाने से उनमें आहार के प्रति रूचि बढती है तथा उन पर आप नजर भी रख सकती हैं कि बच्चा अपने खाने को पूर्ण रूप से खा रहा है या नहीं।

दूसरे बच्चों के साथ खिलाएं

बच्चों में एक विशेषता होती है कि जब वे किसी अन्य बच्चे के साथ बैठकर खाना खाते हैं तो वे उस खाने को खेल-खेल में ही कब पूरा खा जाते हैं उन्हें पता भी नहीं चलता है। इससे बच्चे के पूरा खाना ना खाने की समस्या दूर की जा सकती है।

बच्चे की भूख बढ़ाने के लिए करें विटामिंस का प्रयोग

यदि आपके बच्चे को आवश्यकता से कम भूख लगती है तो आप डॉक्टर की सलाह लें तथा उन से परामर्श ले कर उन्हें कुछ विटामिंस की खुराक देने का प्रयास करें।

बच्चे की भूख बढ़ाने के लिए करें विटामिंस का प्रयोग

विटामिन बच्चे की भूख बढ़ाने में आपकी मदद करेगी। कुछ विशेष प्रकार के विटामिन जैसे विटामिन बी बच्चे की शरीर के विकास में मदद करती है।

इसमें बी-12 और फोलिक एसिड होते हैं। जो बच्चे की भूख को बहुत ही अधिक मात्रा में बढ़ाने में सहायक होते हैं साथ ही बच्चे के बौधिक विकास के लिए फोलिक एसिड एहम भूमिका निभाता है। 

बच्चे की खाने से कराएं दोस्ती

बच्चे के पसंदीदा खाने को पौष्टिक व संतुलित बनाने की कोशिश करें। इसके लिए उसके पसंदीदा खाने में ऐसे आहारों को सम्मलित करें जिसमें भरपूर मात्र में पोषक तत्त्व हों। इस तरह खेल खेल में उनमें पौष्टिक आहारों के प्रति रुचि बढ़ेगी। 

.बच्चे की खाने से कराएं दोस्ती

यदि किसी भोजन को बच्चा खाने से मना करता है तो उस भोजन को आप स्वयं खुद खा कर उसे दिखाएं और उसे ऐसा व्यक्त करें कि वह भोजन स्वाद में बहुत ही अच्छा है।

ऐसा करने से बच्चे को ऐसा प्रतीत होगा कि भोजन स्वादिष्ट है और उस भोजन को वह खाने के लिए रुचि दिखाएगा। एक बार बच्चे की दोस्ती भोजन से हो जाने पर। इसलिए जितना संभव हो सके अभिभावकों को अपने बच्चों को नए-नए भोजन से दोस्ती कराते रहना चाहिए।

मौसमी फलों का भी कराये सेवन

यह अवश्य ध्यान दें कि बच्चों को संतुलित आहार के साथ-साथ मौसम में आने वाले फलों का भी निरंतर रूप से सेवन कराते रहें। ऐसी स्थिति में बच्चे की पाचन शक्ति बढ़ती है तथा बच्चे को भूख भी लगती है। 

मानसून फलों का भी कराये सेवन

बच्चे को फलों से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के विटामिन उसके स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक हैं। फलों का बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

जिन फलों को बच्चे खाने में रुचि लेते हैं उन फलों को उन्हें निरंतर खिलाते रहे। क्योंकि फलों का सेवन किसी भी रुप से शरीर के लिए नुकसानदेह नहीं होता है।

थोड़े थोड़े समय अंतराल पर बच्चों को खिलाते रहे-

 बच्चे को हर थोड़े थोड़े समय के अंतराल पर खिलाते रहने से यदि वह किसी समय अपने भोजन को पूर्ण रुप से नहीं खाया होता है तो उस अधूरे पोषण की पूर्ति हो जाती है।

थोड़े थोड़े समय अंतराल पर बच्चों को खिलाते रहे

 समय-समय पर बच्चे को खिलाते रहने से उसके भूख लगने की क्रिया काफी बढ़ जाती है भोजन के ना मिलने पर बच्चे खुद ब खुद कुछ ऐसी हरकतों को करके जैसे रोके चिल्ला के आदि।

 संकेतों से यह आपको बताते हैं कि उनको भोजन की आवश्यकता है।

डॉक्टर से ले परामर्श-

बच्चे की भूख ना लगने की बढ़ती समस्या को देखते हुए आप किसी अच्छे डॉक्टर से इस बारे में आवश्यक परामर्श ले सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर कुछ दवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है।

डॉक्टर से ले परामर्श

 किसी भी दवा का प्रयोग बिना डॉक्टर के परामर्श के बच्चों को नहीं देना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से बच्चों के शरीर में बहुत ही बुरा असर पड़ता है।

 इसलिए जब भी आप ऐसी कुछ स्थिति में पढ़ें तो आप एक बार डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवाओं का प्रयोग करें सही दवा के प्रयोग करने से बच्चे की भूख लगने की क्षमता बढ़ जाएगी तथा वह भोजन को पूर्ण रुप से खाना प्रारंभ कर देगा।

अभिभावकों को देनी चाहिए इन बातों पर ध्यान

  • बच्चे के खाने पर रखें नजर - बच्चे के खाना खाते समय उन पर नजर रखने की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है क्योंकि बच्चे खेलने TV देखने आदि इन सब क्रियाओं के चक्कर में अपने खाने को पूरा नहीं खाते वह खाना को खाने में काफी समय भी लगाते हैं।बच्चे के खाने पर रखें नजरऐसी स्थिति में बच्चे का खाने से रूसी हट जाता है तथा वह अपने खाने को पूरी तरह से नहीं खाता है ऐसे में यह ध्यान दें कि बच्चा जब अपने खाने को खाता है। तो उसका सारा ध्यान उसके प्लेट पर हो कितनी ज्यादा हो सके आप बच्चे के पास बैठकर उन्हें पूरे खाने को खत्म करने के लिए कहते रहना चाहिए।
  • बच्चे को प्यार से खिलाए खाना - बच्चे को खाना खिलाते समय हमेशा विनम्रता वह प्यार की भावना ही रखनी चाहिए कभी भी बच्चे को दबाव डालकर या गुस्से से खाना नहीं खिलाना चाहिए ऐसा करने से बच्चे का खाने के प्रति रुचि कम होने लगता है इसलिए आप अपने बच्चे को जब भी खाना खिलाएं उसे प्यार के साथ खाना खिलाएं खाना खिलाते समय उनसे कुछ नटखटी बातें भी करते रहे जिनसे उनका मन खाने को खाने में बना रहे
  • बच्चे को बाहरी खाने से रखे दूर - अभिभावकों को इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि बच्चे को बाहर के खाने से दूर रखा जाए क्योंकि ऐसे खाने ऐसे बच्चों को स्वास्थ्य मिल जाता है लेकिन उनके शरीर के विकास के लिए आवश्यक पौष्टिक तत्व नहीं मिल पाते हैं।extra2बिस्किट चॉकलेट नमकीन टॉफी आदि ऐसी चीजों से बच्चों को तू रखना चाहिए इनमें स्वाद होने की वजह से बच्चे पौष्टिक आहार ओ को ना खाना पसंद करते हैं
  • स्वयं पर भी रखें  कंट्रोल - बच्चों के सामने कभी भी ऐसे भोजन का सेवन ना करें जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता को देख कर ही सीखते हैं उनके सामने जितना हो सके पौष्टिक आहार कोई खाएं तथा उन आहार के बारे में उनको जानकारी भी देते रहें कि ऐसे भोजन के क्या क्या फायदे होते हैं तथा ऐसे खानों में उनकी रुचि बनाते रहे।

कुछ बातें बच्चों को भी  सिखाएं-

  • खाने के समय का निर्धारण करना - बच्चे के खाने के समय को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए तथा उनका एक निश्चित समय बना देना चाहिए कि उनको किस समय किस प्रकार के भोजन को करना है ऐसा करने से खाने की निरंतरता बनी रहती है जिससे बच्चे को कभी भी कम भूख लगने की समस्या नहीं उत्पन्न होती है तथा सही समय पर भोजन को करने से बच्चे के शारीरिक विकास की गति बहुत तीव्र हो जाती है
  • बच्चे से शेयर करें भोजन के फायदे - जब भी बच्चे को आप भोजन देते हैं तो उस भोजन की विशेषता को उनसे जरुर शेयर करें तथा उनसे आसान तरीके से यह बताएं कि इस भोजन को करने से उनके शरीर में क्या विकास होगा इस क्रिया को आप बच्चे के साथ खेल खेल में भी कर सकते हैं।

डाइटीशियन डॉक्टर की सलाह- 

डाइटीशियन डॉक्टर राशि घर का मानना है। बच्चों को मैं खाने के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए उन्हें कहानियां कविताएं जैसी चीजों से हल्दी खाने के महत्व के बारे में बताना चाहिए। उसे एक बार में सब कुछ खिलाना बहुत ही मुश्किल होगा ऐसी स्थिति में उन्हें कुछ समय अंतराल पर वह थोड़ी थोड़ी मात्रा में लेकिन निरंतर क्रम में ऐसे पौष्टिक भोजन को देते रहना चाहिए दिन में कम से कम तीन बार ऐसे भजनों का सेवन कराते रहना चाहिए। जैसे स्नैक्स फल दूध आदि ऐसा करने से बच्चे में खाने के प्रति अनुशासन भी बना रहेगा और उसे खाने से संपूर्ण पोषण भी प्राप्त होता रहेगा जैसा कि पहले भी बताया गया है। कि कि माता-पिता अपने साथी बच्चे को खाना खिलाएं रोटी से ज्यादा बच्चों में सब्जी के प्रति रुचि बनाना आवश्यक है इसके लिए आप चुकंदर पालक गोभी जैसे सब्जियों का प्रयोग कर सकते हैं क्योंकि बच्चे को खाना खिलाने का उद्देश्य उनके शरीर का पूर्ण रूप से विकास से ही होता है। अभिभावकों को यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात का ध्यान देना चाहिए कि बच्चे को जब खाना खिलाते हैं तो खाने के साथ-साथ उसे पानी पीते रहने की आदत बिल्कुल ना पड़े यह आगे चलकर एक बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिससे बच्चे को भूख लगना कम होने लगता है।

निष्कर्ष

ऐसे ही कुछ विशेष तरीकों के साथ आप अपने बच्चों के भूख की समस्या को दूर कर सकते हैं तथा धीरे-धीरे उनमें संतुलित आहार के भोजन के प्रति रुचि डालने से उनको आसानी से खाना शुरू कर देंगे यह आदत बच्चों में 1 दिन में तो नहीं संभव है।

 लेकिन एक निश्चित समय के साथ साथ उनको निरंतर ऐसे पौष्टिक आहार देते रहने से उनको ऐसे बोलने की आदत पड़ जाए शुरुआती दौर में बच्चे ऐसे भोजन को खाना नहीं पसंद करते हैं।

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लेकिन एक नियमित आदत से यह चीज संभव है।आपका बच्चा जितना अधिक पौष्टिक भोजन को करेगा उतना ही वह स्वस्थ रहेगा वह उनके शरीर का विकास भी पूर्ण रुप से होता रहेगा।

बच्चों के साथ कभी भी जबरदस्ती करके फिर से वह उन पर दबाव डालकर ऐसी चीजों की आदत नहीं डलवाई जा सकती है।

इसीलिए जितना संभव हो अब अपने बच्चे से प्यार से पेश आएं विजिट करने से बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं।

वह खाने को जानबूझकर नहीं खाते हैं और अगर वह ऐसा करते हैं तो उनके शरीर पर इसका बहुत ही ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ने लगता है।

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Manu Gupta
Hello mam my name is eshal i m ur subscriber me apki sb vedio dekhti hu apki sb vedio bht informative hti hy mjy bht help milti hy apki vedio sy mam mera ap sy ak que hy mera byta 8 month ka hy pr abi b tek sy neck ni smbhlta thori smbhlta hy pr proper ni thori dair bd pichy gira dy ga ya upr dekhny lg jy ga me bht tenshn me hu me kya kru dctr ko dekhaya wo khty hy k muscle weak hy medicine b dy rai hu malish b kr rai hu pr tek sy smbhl ni pa rha plz mam mjy btye k me kya kru plzzz reply zaror krna?
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Bhawna Sharma
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Roma Rathi
Hii mam meri beti 13 month's ki ho Gyi h per vo ab feeding chair p beth k khana nh khati h jb s us n chalna churu kiya h tb s use bethna pasand he nh h vo 11 month's s chalne lagi the or usk thode din bad s he USN feeding chair p bethna chod diya ab us p bethne p vo roti h or khana he nh khati pure gher m bhag bhag k khana khti h kabir b ab chalne laga h to kya apko b y problem a rahi h kya karna chaiye?
Ritu Upadhyay
Thank u mam aap ki vedio mere liye bahut halpfull hoti hai mari kafi sari muskilo ko sort out karne mein halp karta hai kuch dino se mari bati khana thik se kha nahi rahi thi jo bhi dati thi muh se nikal k fak dati thi bahut muskil se todha khana khila pati thi pata nahi use kiya hua tha kiya garmi ki waja se aisa ho sakta hai aur ek bat coconut water nimbu pani mari bati to khahi nahi rahi hai water ka taste todasa bhi badel jaye to muh se nikal dati hai kiya karu?
Vimlesh Gupta
Hello mam meri beti 3yrs ki use b khane mn bilkul interest ni h mujhe bhot mushkil hoti h use kuch b khilane mn milk toh wo pina hi nehi chahti h bt any how i managed to give her nd she drinks but use khane k liye mobile ya tv chaiye wo bina mobile ya tv k khana bilkul ni chahti h.. abhi wo school ja rhi h toh school mn wo aram se apna tiffin finish krti h bt ghr mn bhot tantrums show krti h .. kya krun help me?
Sarita Mittal
Mere baby two years four month Ka h usko six months se constipation h five six Dr ki dikha Diya same wahi medicine dete h aur khuch Nahi HOTA h aur wo healthy BHI Nahi uska whaight 12 kg reg Gaya samjh Nahi a Raha h usko aisa Kiya Karu Kiya khialu aur wo milk Nahi peeta h main syrung Ka use Kar Rahi hu milk Pilane ke liye wo BHI iPad main cartoon dekhkar please aap mujhe khuch bataiye . Advice khuch Idea dijiye?
Radha Goyal
My baby is 12 months now, she is eating on mood sometimes good sometimes very little. The problem is that we any how can't put her in routine. So one problem is that second she is much more depending on breastfeeding she is not even taking bottle. I want to ask you that she is not gaining weight since three months but her activities are good. so what should I do? I have recently started job so I'm very much tensed.?
Reena Kumari
Meri beti 10th month ki hai Wo Subah dudh biscuit ki bad kabhi kabhi Kuch nahi khati hai kabhi kabhi Sirf dal rice ya Mango juice hi piti hai bas. Ap kahti hai Bachhe 15 din me Kisi bhi hobbit me aajate hai same time same work Kare to par Meri beti ka esa nahi hai use same time par nind jarur aati hai par Khana nahi khati hai. Kya Karu family me koi help bhi nahi Karta hai.?
Anu Arora
My daughter is of eleven months and ones I started solids after six moths she is facing problems on gastric (bloating). Twice she got admitted and was on drips due to this problem. She will be asking fr food and as soon as she eats she gets bloating and starts nausea. I gv her bonnisan three time but doesn?t work well.. please suggest a good remedy for gastric n stomach bloating?
Megha Gupta
Hello mam Meri beti 6 months ki hai, abhi Maine solid start Kiya hai Main usse morning me ragi deti aur evening me milk biscuits deti hu Kya ye sahi hai Kya sirf ek time hi solid Dena chahiye , me deti hu dono time aur wo khaa bhi let hai but Kya usse ek time solid du ya dono time du but kha to rahi hai plz batao mam?
Urvi Sachdeva
Hii mem mera beta 10 month ka hai or use me normally glass ke bottal se feed karvati hu but kuch dino se use potty karne me bhut problem ho rahi thi to use dr.ke pass le gye the ham dr.ne bola ki baby ko bottal se feed karvane ki vajah se stamac infection hai? Me apne baby ke liye konsi bottal use kru jisse use koi problem nhi ho?
Tamanna Kalra
Hi mam i really need ur help...i am really concerned that ny 5 months old baby who is bth bottle and breastfeed majorly breastfeed is peeing alot less from 10 days i can understand because of summer and also he is drooling alot. I also give him plain water to drink earlier i use to add honey to it but later i realized i shouldnot so i hav stopped
Pratima Riang
Hlo mam mera bacha 6 month ka hai or mane use 6th month start hote hi soiled dena suru kr dea tha abhi one month gya or m use kitna time khana dau or kya kya ho skta hai uska khane main vo abhi bht kam khata hai or feed bhi bht kam krta hai plz app bta do plz answer me app bht ache ho?
Arpana Gupta
Hello mam, meri beti 16month ka he. wo jyada ?? and ?? dekhna pasand kartahe, Boliwood song and advertise dekhna pasand kartahe or usi madhymse enjoy kartahe like that running, shouting, claping, or dance vi or khana vi khilati hun nehin to wo khana khane ki time pe vomit karne ki kosish kartahe or kavi kavi vomit bi kardetahe kya ye sab mujhe avoid Karna chahiye??

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