ठोस आहार की शुरुआत

ठोस आहार के शुरुवाती दिनों में बच्चे को एक बार में एक ही नई चीज़ दें। नया कोई भी भोजन पांचवे दिन ही बच्चे को दें। इस तरह से, अगर किसी भी भोजन से बच्चे को एलर्जी हो जाये तो उसका आसानी से पता लगाया जा सकता है।

ठोस आहार की शुरुआत

जन्म के कुछ महीने तक बच्चा सिर्फ माँ के दूध पर ही आश्रित रहता है। माँ के दूध से ही उसे सम्पूर्ण पोषण मिलता है। उसे किसी अन्य खाद्य पदार्थ कि आवश्कता नहीं पड़ती है, परन्तु जब बच्चा छः महीने का हो जाता है तो उसे अपने विकास के लिए अन्य पोषक खाद्य पदार्थ कि आवश्कता महसूस होने लगती है। यह पोषक पदार्थ अनाजों, सब्ज़ियों और फलों के माध्यम से मिलते हैं। जिन्हें वह विभिन्न प्रकार से ग्रहण करता है।

इस लेख में आप सीखेंगे - You will read in this article

  1. ~~~#1^^^कौन सा भोजन कब दिया जाना चाहिये@@@
  2. ~~~#2^^^ठोस आहार की शुरुआत करते वक्त इनकी जरूरक आपको पड़ेगी@@@
  3. ~~~#3^^^आपके बच्चे के लिए सेहतमंद खाद्य पदार्थ @@@
  4. ~~~#4^^^किस उम्र में क्या खिलाएं@@@
  5. ~~~#5^^^खाद्य पदार्थ देते समय सावधानियां @@@
  6. ~~~#6^^^आपके बच्चे के लिए पोषक तत्वों की भूमिका@@@

anchorlink[1]anchorclose  कौन सा भोजन कब दिया जाना चाहिये - When what food should be given?

ठोस आहार के शुरुवाती दिनों में बच्चे को एक बार में एक ही नई चीज़ दें। नया कोई भी भोजन पांचवे दिन ही बच्चे को दें। इस तरह से, अगर किसी भी भोजन से बच्चे को एलर्जी हो जाये तो उसका आसानी से पता लगाया जा सकता है।

आप अपने बच्चे को फल जैसे - केले, सब्जियां और कुछ अन्य अनाज जैसे की चावल शुरुवाती दिनों में दे सकती हैं। जब आपका बच्चा सात महीने का हो जाए, तो आप उसे माँ के दूध के साथ साथ ग्लूटेन देना भी शुरु कर सकती हैं जो की मुख्य रूप से गेहूं में पाया जाता है।

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anchorlink[2]anchorclose  ठोस आहार की शुरुआत करते वक्त इनकी जरूरक आपको पड़ेगी - You will need these accessories while cooking baby food

ठोस आहार की शुरुआत करते वक्त इनकी जरूरक आपको पड़ेगी

anchorlink[3]anchorclose  आपके बच्चे के लिए सेहतमंद खाद्य पदार्थ - Healthy foods for your baby

  • अगर भोजन ताजा और स्वच्छ बना होना चाहिये। मौसमी फल और सब्ज़ियों से बना खाना सबसे पौष्टिक होता है।
  • आप अपने बच्चे को मूंग की दाल की खिचड़ी दें, जिसमें हरी सब्ज़ियां काट कर डालें और उसे खूब पका दें।
  • सूजी भून कर दूध में पका दें। इस तरह की सूजी की खीर आपके बच्चे के लिए पौष्टिक और सेहत मंद रहेगा।
  • बनाना या एप्पल शेक बना कर अपने बच्चे को पिलाएं।
  • कस्टर्ड के अलग अलग फ्लेवर में मौसमी फल डाल कर अपने बच्चे को खिलाएं।
  • पालक, गाजर और चुकंदर का सूप बना कर अपने बच्चे को पिलायें।
  • दलियाँ पका कर भी आप अपने बच्चे को खिला सकती हैं।
  • चावल का पका हुआ माड़ हलका नमक डाल कर अपने बच्चे को खिलायें।
  • इसके आलावा घर में पका हुआ कोई भी खाद्य पदार्थ आप अपने बच्चे को खिला सकती हैं। जो भर पूर आयरन, कैल्शियम और कार्बोहायड्रेट की मात्रा से पूर्ण होगा।
  • आप अपने बच्चे को ग्लूकोज बिस्कुट, दूध और दही भी दें सकती हैं, जिससे बच्चे में प्रोटीन तथा अन्य पोषक तत्व पहुँच सके।
  • बच्चे को इडली और सांभर भी आप दें सकती हैं।
  • इन सब ठोस आहार के साथ साथ अपने बच्चे को पानी हमेशा उबाल कर, ठंडा कर के ही दें या फ़िल्टर का पानी दें।

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anchorlink[4]anchorclose  किस उम्र में क्या खिलाएं - Age-wise baby food introduction

 age wise baby food introduction

anchorlink[5]anchorclose  खाद्य पदार्थ देते समय सावधानियां - Precautions you should take while serving food

  • बच्चे को हमेशा ताज़ा खाद्य पदार्थ दें।
  • आप अपने बच्चे को तली, भुनी चीज़े न दें।
  • बच्चे को बाजार की पकी हुई चीज़े न दें।
  • बच्चे को इतना ही आहार दे, जितना वह आसानी से पचा सके।
  • ध्यान दें की बच्चे को दिए जाने वाला खाद्य पदार्थ मिर्च मसाले वाला न हो।
  • बच्चे को कैफीन युक्त पदार्थ न दें।
  • आप अपने बच्चे को मैगी और जंक फ़ूड न दें।
  • खाद्य पदार्थ कैलोरी और प्रोटीन से भरपूर होनी चाहिए।
  • बच्चे को थोड़े थोड़े अंतराल पर खाद्य पदार्थ दें।
  • बच्चे को हैंड वाश करा कर ही उसे कुछ खाने को दें।
  • बच्चे को आयरन से भर पूर चीज़े अवश्य दें जैसे - पका हुआ केला, अंडा आदि।

खाद्य पदार्थ देते समय सावधानियां

anchorlink[6]anchorclose आपके बच्चे के लिए पोषक तत्वों की भूमिका - Role of nutrition in your child's growth

  • आयरन, आपके बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास के साथ साथ हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी समायोजित करता है। 
  • हीमोग्लोबिन प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है।
  • कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों की मज़बूती के लिए जरूरी है। अपने बच्चे को प्रचुर मात्रा में कैल्शियम दें ताकी बाद में फ्रैक्चर आदि की आशंका कम हो जाये।
  • बच्चे के विकास और वृद्धि के लिए कैलोरी से भरपूर खुराक दें, जिससे बच्चे की ऊर्जा संबंधी जरूरतें पूरी हों।

इस तरह से अपने बच्चे को प्यार व दुलार से बना अपने हाथ का बना हुआ खाद्य पदार्थ ही देंजो उसके विकास को गति दे। यदि आपका बच्चा खाना खाने में आना कानी करता है तो बहुत ही सहन शीलता से किसी भी तरीके से बच्चे को खिलाएं और साथ में अपना दूध भी दें।

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