Category: शिशु रोग

दातों के दर्द को करें 5 तरीकों से दूर

By: Editorial Team | 15 min read

दांतों का दर्द बच्चों को बहुत परेशान कर देने वाला होता है। इसमें ना तो बच्चे ठीक से कुछ खा पाते हैं और ना ही किसी अन्य शारीरिक क्रिया में उनका मन लगता है। दांतों में दर्द की वजह से कभी कभी उनके चेहरे भी सूख जाते हैं। अगर शिशु के शरीर किसी अन्य हिस्से पर कोई चोट लगे तो आप उस पर मरहम लगा सकती हैं लेकिन दातों का दर्द ऐसा है कि जिसके लिए आप शिशु को न तो कोई दवाई दे सकती हैं और ना ही किसी स्प्रे का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसी वजह से बच्चों के दातों का इलाज करना बहुत ही चुनौती भरा काम है।

बच्चे के दातों के दर्द को करें 5 तरीकों से दूर

बच्चों के दातों की तकलीफ को लेकर अक्सर मां बाप भी विचलित हो जाते हैं और यह सोच कर परेशान हो जाते हैं कि शिशुओं में दांत दर्द को कैसे कम करे। इसलिए हम लेकर आए हैं ऐसे तरीकों के बारे में जानकारी जो बच्चों के लिए विशेष रूप से प्रभावी है और जिनका कोई बच्चों पे बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।

इस लेख मे : 

  1. बड़ों के इलाज बच्चों पर कारगर नहीं
  2. दांतों के दर्द को खत्म करने के 5 आसान घरेलू तरीके
  3. क्यों आसानी से बच्चों के दांतों में लग जाते हैं कीड़े?
  4. समय पर दांतो का इलाज ना करने के नुकसान
  5. बच्चों के दांतों को कीड़ों से बचाने के लिए निम्न सावधानियां बरतें
  6. बच्चों के दांतों में लग जाए कीड़ा तो घरेलू उपचार

बड़ों के इलाज बच्चों पर कारगर नहीं 

बड़ों को अगर दातों की तकलीफ सताती है तो वह इसका इलाज नमक के पानी के गरारे और लौंग की सहायता से इसे दूर कर लेते हैं। 

बड़ों के इलाज बच्चों पर कारगर नहीं

लेकिन छोटे बच्चों के मुंह की त्वचा बहुत नाजुक होती है और लौंग के इस्तेमाल से उम्र में जलन पैदा हो सकता है इसीलिए जो घरेलू तरीके बड़ों के लिए आजमाएं जाते हैं वे सभी तरीके बच्चों के दांतो के दर्द को ठीक करने के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।  इस लेख में हम आपको बताएंगे बच्चों के दांतों के दर्द को खत्म करने के 5 आसान घरेलू तरीकों के बारे में। 

दांतों के दर्द को खत्म करने के 5 आसान घरेलू तरीके

दांतों के दर्द को खत्म करने के 5 आसान घरेलू तरीके 

हम आप को पांच चीजें बताएंगे जो आप छोटे बच्चों पर भी आजमा सकती हैं।  बच्चों में दांतो के दर्द को ठीक करने के लिए घरेलू नुस्खे शिशु के नाजुक त्वचा को तकलीफ नहीं पहुंचाएगा और साथ ही उन्हें हो रही तकलीफ से राहत प्रदान करेगा।

  1. अमरूद के पत्ते -  अगर आपके घर में अमरूद का पेड़ है या आपके पड़ोस में किसी के घर में अमरूद का पेड़ है तो अमरूद के पेड़ के ताजे पत्तों को तोड़ कर दो लीजिए।  इन ताजे पत्तों को आधे लीटर पानी में उबाल लीजिए और फिर अपने शिशु को इस पानी के हल के ठंडे हो जाने पर गर्गल करने के लिए दीजिए।  इससे आपके शिशु को दांतो के दर्द से आराम मिलेगा।  इसके अलावा आप अमरूद के ताजा पत्तों को हल्का कुंच (crush) कर के भी शिशु को इसे हल्के हल्के चबाने के लिए दे सकती हैं। 
  2. प्याज का टुकड़ा -  प्याज का एक बहुत पतला स्लाइस काट लीजिए और अपने शिशु को इसे दुखते हैं वे दांत पर रखने के लिए कहे।  इसे शिशु चाहे तो अपने दांतो से हल्का जवाबी सकता है।  दातों में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो शिशु के दर्द को कम करने की क्षमता रखता है।  अगर आपका शिशु अपने मुंह में प्याज को रखना पसंद नहीं करता है तो प्यास को चम्मच से दबाकर इसे कुछ बूंद निकाल लीजिए और प्याज की बूंद को शिशु के दातों पर डालिए। 
  3.  लहसुन की कली - प्याज की तरह लहसुन में भी एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो दांतों पर मौजूद जीवाणुओं को नष्ट करते हैं और दर्द में राहत पहुंचाते हैं।  लहसुन के एक कली को हल्का सा उबाल लीजिए और इसे शिशु को देखते हुए दातों के ऊपर या आसपास रखने के लिए कहे। लहसुन में मौजूद रोग नाशी गुण शिशु के दांतो के दर्द को कम करेंगे। 
  4. गेहूं की घास -  हो सकता है यह आपको आसानी से अपने घर पर ना मिले। लेकिन अगर गेहूं की घास आपके पास उपलब्ध है तो गेहूं के छोटे पौधे या घास को मुंह में लेकर  इसे धीरे धीरे चबाएं।  या तो आप गेहूं के छोटे घास को थोड़े से पानी में उबाल लें और इस पानी से अपने शिशु को कुल्ली करने के लिए कहे। 
  5. नमक और सरसों का तेल - दातों को अच्छी तरह से साफ करने के लिए नमक और सरसों के तेल के मिश्रण को कई सदियों से भारत में इस्तेमाल किया जा रहा है।  लेकिन क्या आपको पता है कि यह दांतो के दर्द को भी कम करता है।  नमक और सरसों के तेल के  थोड़े से मिश्रण को शिशु के दर्द वाले दांत पर हल्का सा लगा कर छोड़ दें।  इससे उसे कुछ देर में आराम मिलेगा।


क्यों आसानी से बच्चों के दांतों में लग जाते हैं

क्यों आसानी से बच्चों के दांतों में लग जाते हैं कीड़े?

अक्सर देखा गया है कि बच्चे दांतो के दर्द  के आसानी से शिकार बन जाते हैं।   ऐसा मुख्यतः दो वजहों से होता है।पहले तो ब्रश ना करने की वजह से और दूसरा अत्यधिक मात्रा में मीठे का सेवन करने की वजह से। साथ ही यह भी देखा गया है कि बच्चे हर वक्त कुछ ना कुछ खाते रहते हैं जिससे हर समय उनके दातों में आहार  का अवशेष मौजूद रहता है। इससे कीटाणु को दांतों में पनपने का और अपनी संख्या बढ़ाने का पूरा मौका मिल जाता है। 

समय पर दांतो का इलाज ना करने के नुकसान

 छोटे बच्चों में दांतों का दर्द एक बहुत ही आम समस्या है।  लेकिन अगर इसका इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह आगे चलकर मुंह संबंधी किसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकता है।  अधिकांश मामलों में बच्चों के दांतों में सड़न ब्रश ना करने की वजह से होता है।

समय पर दांतो का इलाज ना करने के नुकसान  इससे उनके मुंह में मीठे हारों के अवशेष और चॉकलेट दातों के बीच वाली जगह में फंसे रहते हैं जहां पर बहुत आसानी से संक्रमण बनने लगता है।  कई बार तो यह पता भी नहीं चलता है और कीड़े बच्चों की दांतो को अंदर ही अंदर कमजोर करने लग जाते हैं।  इस बात का पता तब चलता है जब बच्चों के दातों में बहुत तेज दर्द उठता है या उनके दांतों से खून निकलने की समस्या पैदा होती है। दांतों में कीड़े का इलाज कुछ आसान तरीकों से किया जा सकता है जो इस प्रकार से हैं।

बच्चों के दांतों को कीड़ों से बचाने के लिए निम्न सावधानियां बरतें

बच्चों के दांतों को कीड़ों से बचाने के लिए निम्न सावधानियां बरतें

  1. अपने शिशु में नियमित ब्रश करने की आदत डालें  
  2.  उसे अत्यधिक मीठे का सेवन करने से रोके
  3.  अत्यधिक गर्म या अत्यधिक ठंडी चीजों का सेवन ना करने दे
  4.  फास्ट फूड और तली हुई वस्तुओं से दूर रखें
  5.  इस बात का ध्यान रखें कि आपका शिशु दिन भर में कितनी टॉफी चॉकलेट खा रहा है
  6.  शिशु को पौष्टिक आहार खिलाए। उसके भोजन में ऐसे आहार ओं को सम्मिलित करें जिनमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे कि फल और सब्जियां।
  7.  शिशु को ऐसे आहार दें जिनमें कैलशियम, मैग्निशियम, और विटामिन डी की मात्रा प्रचुर मात्रा में हो

बच्चों के दांतों में लग जाए कीड़ा तो घरेलू उपचार

बच्चों के दांतों में लग जाए कीड़ा तो घरेलू उपचार

अगर आपके बच्चे के दांतों में कीड़े लग गए हैं तो निम्न घरेलू उपचार (नुस्खें) के द्वारा आप उन्हें ठीक कर सकते हैं। 

  • हल्दी -   पीसी  हुई हल्दी को थोड़े से सरसों के तेल के साथ अच्छे से मिक्स करें। हर दिन अपने शिशु को इससे मंजन करवाएं।  सुबह और रात को सोने से पहले दिन में दो बार ऐसा करने से कुछ दिनों के अंदर ही उसके दांतों में लगे सभी कीड़े खत्म हो जाएंगे।
  •  फिटकरी -  थोड़ी सी फिटकरी को गर्म पानी में घोलने।  इस पानी को हल्का गर्म कर ले और इससे अपने शिशु को हर दिन कुल्ला करवाएं।  इसे ना केवल दांत में मौजूद कीड़े खत्म होंगे बल्कि दांतो की बदबू भी खत्म होगी।
  • हिंग - थोड़ी सी हींग को गर्म कर लें और इसे साफ कपड़े की मदद से शिशु के कीड़े लगे दातो पर रख दें।  सुबह सुबह ब्रश करने के बाद कुछ दिनों तक ऐसा करें।   इससे दांतों में लगे कीड़े दूर हो जाएंगे। 
  •  दालचीनी -  थोड़ी सी पी सी भी दालचीनी को सरसों के तेल में मिलाकर के 1 साफ कपड़े की मदद से बच्चों के दातों पर लगाएं।  अगर आप कुछ दिनों तक हर दिन ऐसा करेंगे तो आपके बच्चे के दांतों में कीड़े की परेशानी दूर होगी। 
  •  लोंग -  अगर आप का शिशु 5 साल से बड़ा है तो आप  उसके दांतो पर लौंग का तेल भी लगा सकती है।  शिशु के दांत के ऊपर लॉन्ग का तेल लगाने के लिए एक साफ कपड़े के कोने को लौंग के तेल में भिगएं और दातों के खोखले हिस्से में लगाएं।  इससे बच्चे को दांत के दर्द में आराम मिलेगा और उसके दांतो में मौजूद कीड़े भी नष्ट होंगे। 
  • जायफल का तेल - जायफल के तेल को रुई में भिगोकर 5 से 10 मिनट के लिए शिशु के दांत के ऊपर रखें।  इसके बाद अपने शिशु को  गरम पानी से कुली करवाएं।  अगर कुछ दिनों तक आप हर दिन ऐसा करवाती हैं तो आपके शिशु के दांतों में कीड़े की समस्या बहुत हद तक कम हो जाएगी। 
Terms & Conditions: बच्चों के स्वस्थ, परवरिश और पढाई से सम्बंधित लेख लिखें| लेख न्यूनतम 1700 words की होनी चाहिए| विशेषज्ञों दुवारा चुने गए लेख को लेखक के नाम और फोटो के साथ प्रकाशित किया जायेगा| साथ ही हर चयनित लेखकों को KidHealthCenter.com की तरफ से सर्टिफिकेट दिया जायेगा| यह भारत की सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली ब्लॉग है - जिस पर हर महीने 7 लाख पाठक अपनी समस्याओं का समाधान पाते हैं| आप भी इसके लिए लिख सकती हैं और अपने अनुभव को पाठकों तक पहुंचा सकती हैं|

Send Your article at contest@kidhealthcenter.com



ध्यान रखने योग्य बाते
- आपका लेख पूर्ण रूप से नया एवं आपका होना चाहिए| यह लेख किसी दूसरे स्रोत से चुराया नही होना चाहिए|
- लेख में कम से कम वर्तनी (Spellings) एवं व्याकरण (Grammar) संबंधी त्रुटियाँ होनी चाहिए|
- संबंधित चित्र (Images) भेजने कि कोशिश करें
- मगर यह जरुरी नहीं है| |
- लेख में आवश्यक बदलाव करने के सभी अधिकार KidHealthCenter के पास सुरक्षित है.
- लेख के साथ अपना पूरा नाम, पता, वेबसाईट, ब्लॉग, सोशल मीडिया प्रोफाईल का पता भी अवश्य भेजे.
- लेख के प्रकाशन के एवज में KidHealthCenter लेखक के नाम और प्रोफाइल को लेख के अंत में प्रकाशित करेगा| किसी भी लेखक को किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नही किया जाएगा|
- हम आपका लेख प्राप्त करने के बाद कम से कम एक सप्ताह मे भीतर उसे प्रकाशित करने की कोशिश करेंगे| एक बार प्रकाशित होने के बाद आप उस लेख को कहीं और प्रकाशित नही कर सकेंगे. और ना ही अप्रकाशित करवा सकेंगे| लेख पर संपूर्ण अधिकार KidHealthCenter का होगा|


Important Note: यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो kidhealthcenter.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है।

Most Read

Other Articles

Footer