
इस लेख में:

गर्भवस्था में खुजली की मुख्या वजह
- गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं के पेट फूलने की वजह से खुजली की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस वजह से पुरे शारीर में भी खुजली भी होता है।
- गर्भावस्था के दौरान यह भी पाया गया है की महिलाओं के पेट, हाथ और पैर के पंजों में भी तेज खुजली होता है। डॉक्टरों के अनुसार पेट, हाथ और पैर के पंजों में खुजली लीवर सम्बन्धी समस्या की तरफ भी इशारा करता है।
- अगर आप को बहुत तेज़ खुजली का सामना करना पड़ रहा है तो यह इंट्राहेप्टिक कोलेस्टासिस ऑफ प्रेग्नेंसी (आईसीपी) के लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में आप को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्यूंकि यह स्थिति गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जानलेवा हो सकती है। आईसीपी की अवस्था में लिवर अपनी रसायनों को नियंत्रित करने की छमता को खो देता है जिससे की बाइल एसिड नसों को प्रभावित करता है और शारीर में तीव्र खुजली पैदा करता है। यह लक्षण मुख्यता गर्भावस्था के छठे सप्ताह में दिखाई देता है। इसमें पेशाब का रंग पिला पड़ जाता है।
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गर्भावस्था में खुजली का घरेलु उपचार
गर्भावस्था में खुजली का सामना करना सभी महिलाओं के लिए आम बात है। कुछ महिलाओं को ज्यादा तो कुछ महिलाओं को कम खुजली होता है। - लेकिन होता सभी को है। अगर आप भी गर्भावस्था की वजह से खुजली का सामना कर रही हैं तो हम आप को बताएँगे की किस प्रकार से आप उनका घर पे ही समाधान कर सकती हैं।
- शारीर को अन्दर से साफ़ रखने में पानी बहुत मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरुर पियें।
- गर्भावस्था में पेट पे खुजली होने पे आप खुजली वाली जगह पे लगातार मॉश्चाराइजर का इस्तेमाल करें।
- पेट पे तेज खुजली होने पे [तेजी से] खुजलाये नहीं। अपने हातों से आराम से सहला कर खुजली को कम करने की कोशिश करें।
- आप अपने डॉक्टर की सलाह पे एंटी-इचिंग भी लगा सकती है।
- आप चाहें तो विटामिन ई युक्त क्रीम का इस्तेमाल भी कर सकती है। यह त्वचा पे नमी बनाये रखने में मदद करता है और खुजली के संवेदना को कम करता है।
- गरम पानी के स्नान से भी भी पेट की त्वचा पे खिंचाव कम होता है, त्वचा पे नमी बढ़ता है और खुजली कम होता है।
- सूरज की किरण शारीर में आनुवंशिकता और ऐस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरौन हारमोन को नियंत्रित करते हैं। इसलिए जितना हो सके सूरज के तेज धुप में बहार निकलने से बचें।
- दिन के समय जब भी घर से बहार निकालें तो एसपीएफ 30 वाला सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकालें।
- आरामदायक कपडे पहने। ढीले ढाले सूती के कपडे शारीर को आराम पहुचाएंगे और उनसे शारीर पे तनाव भी कम होगा।
- गर्मी के दिनों में जितना हो सके अपने शारीर को ठंडा रखें।
- हर प्रकार के मानसिक तनाव से अपने आप को दूर रखने की कोशिश करें। जितना हो सके खुश रहें।

डॉक्टर से कब मिलें
- अगर गर्भावस्था के दौरान आप अपने शारीर पे नये तरह के rash को उभरते देखें तो अपने डोक्टर से इस बारे में बात करें।
- अगर आप के शारीर में त्वचा सम्बन्धी समस्या है जो गर्भावस्था के दौरान और भी घम्भीर हो रही है तो भी डॉक्टर से बात करें।
- अगर आप के शारीर पे कोई rash नहीं है लेकिन फिर भी आप के शारीर में तेज खुजली हो रही है तो तुरंत डोक्टर से संपर्क करें।
आप का डोक्टर जरुरत के अनुसार कुछ शारीरिक जाँच कराने के लिए कह सकता है। जाँच के परिणामों के आधार पे आप का डॉक्टर इलाज का सुझाव दे सकता है।
गर्भावस्था के दौरान खुजली की कुछ अवस्था गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती है। इसलिए यह जरुरी है की खुजली होने पे डोक्टर की सलाह ली जाये। गर्भावस्था में खुजली के अधिकांश मामलों में आप को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन कुछ दुर्लभ मामले गंभीर भी हो सकते हैं।