Category: प्रेगनेंसी

गर्भधारण के लिए स्त्री का सबसे फर्टाइल समय और दिन

By: Admin | 6 min read

गर्भधारण के लिए हर दिन सामान्य नहीं होता है। कुछ विशेष दिन ऐसे होते हैं जब महिला के गर्भवती होने की सम्भावना सबसे ज्यादा रहती है। इस समय अंतराल को स्त्री का फर्टाइल स्टेज कहते हैं। इस समय यौन सम्बन्ध बनाने से स्त्री के गर्भधारण करने की सम्भावना बाढ़ जाती है।

गर्भधारण के लिए स्त्री का सबसे फर्टाइल समय और दिन

संछिप्त उत्तर: पीरियड के कीतने दीन बाद सेक्स करे तो गर्भ ठहरता हे

मां बनना किसी भी स्त्री के लिए बेहद गर्व की बात है। परिवार तभी पूर्ण होता है जब घर में छोटे बच्चों का आगमन होता है। शिशु का जन्म सिर्फ मां और उसके पिता के लिए ही नहीं वरन परिवार के सभी लोगों के लिए बेहद खुशी की बात है। 

लेकिन,

अफसोस कि गर्भवती  होना इतना आसान काम भी नहीं है।   बहुत से कारण है जिनकी वजह से कई महिलाएं गर्भ धारण नहीं कर पाती है या गर्भधारण करने में काफी परेशानियों का सामना करती है।

कुछ छोटी मोटी बातों का अगर आप ध्यान रखें तो आप आसानी से गर्भधारण कर सकती हैं।

गर्भधारण करने के लिए कुछ बातों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है जैसे कि: 

  • गर्भधारण के लिए केवल सेक्स ही जरूरी नहीं है बल्कि किस समय पर आप सेक्स करती हैं यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। 
  • सफल गर्भधारण करने के लिए ओवुलेशन पीरियड की जानकारी भी जरूरी है
  • गर्भधारण करने के लिए दिनभर में कोई भी समय उचित है
  • गर्भधारण से संबंधित हुए शोध में यह बात पता चली है कि जिन महिलाओं ने सेक्स के दौरान ऑर्गैज़म का अनुभव किया है उनमें गर्भधारण की संभावना अन्य महिलाओं की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

तो चलिए अब हम इसके बारे में विस्तार से आपको बताते हैं:

  1. गर्भधारण के समय की जानकारी
  2. पीरियड के बाद गर्भवती होने की संभावना
  3. अण्डोत्सर्ग के समय का इंतज़ार करें
  4. ओव्‍यूलेशन पीरियड है सही समय
  5. ऑर्गज्‍म से  बढ़ती है गर्भधारण की संभावना
  6. गर्भधारण में उर्म का महत्व
  7. गर्भधारण करने के लिए सबसे उपयुक्त आयुसीमा
  8. बढती उम्र के साथ बढ़ता बिर्थ डिफेक्ट्स का खतरा

गर्भधारण के समय की जानकारी

गर्भधारण के लिए सेक्स जितना जरूरी है उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि सेक्स करने का सही समय क्या है।  कई बार गर्भधारण करने का सही समय नहीं पता होने की वजह से बहुत महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

गर्भधारण के समय की जानकारी

पुरुष के शुक्राणु जब महिला के गर्भ में प्रवेश करते हैं तो गर्भधारण होता है।  पुरुष के शुक्राणु महिला के अंडाणु  का  जब सफल निषेचन करते हैं तब गर्भधारण होता है। 

अगर आपकी शादी को बहुत दिन हो गए हैं लेकिन फिर भी आप गर्भधारण नहीं कर पाई हैं तो गर्भधारण का प्रयत्न करने से पहले आप दोनो पति-पत्नी को अपना शारीरिक परीक्षण करवा लेना चाहिए।  

इससे यह साफ तौर पर पता लग जाएगा की समस्या क्या है।  एक बार यह पता लग जाए कि आप किस वजह से गर्भ धारण नहीं कर पा रही हैं तो डॉक्टरी मदद से समस्या का निदान किया जा सकता है

अगर आप यह जानना चाहती है कि पीरियड के बाद कौन सा दिन गर्भधारण के लिए सबसे बेहतर है तो यह लेख आपके लिए ही है। 

इस लेख में आप जान सकेंगे की पीरियड्स के बाद कब गर्भधारण करना सबसे बेहतर रहता है। साथ ही आप यह भी जान पाएंगे की परिवार शुरू करने से पहले आपको क्या-क्या तैयारी करना आवश्यक है। 

पीरियड के बाद गर्भवती होने की संभावना

पीरियड के बाद गर्भवती होने की संभावना

पीरियड 5 से 7 दिनों तक रहता है। यानी की रक्तस्राव 6 वें दिन बंद हो जाता है। पीरियड के ख़त्म होने के तुरंत बाद के कुछ दिन स्त्री के लिए गर्भधारण करने के लिए सबसे उपयुक्त दिन होते हैं। उदाहरण के लिए अगर रक्तस्राव पीरियड के 6 दिन के बाद बंद हो जाता है तो अगर आप सातवें दिन सेक्स करती है तो  आपकी गर्भवती होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। 

आपको यह अवसर उपलब्ध रहता है अगले 11 दिन तक। यह वह समय है जब अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। पीरियड्स के  छठे दिन से ही  शुक्राणु फैलोपियन ट्यूब में गर्भाधान के लिए इंतजार करते हैं। 

गर्भवती होने की संभावना

अण्डोत्सर्ग के दिन, जो की मानसिक धर्म के शुरू होने के 12 से 14 दिन पहले है, और पीरियड के 5 दिन बाद का समय जो होता है उस दौरान स्त्री की प्रजनन क्षमता बहुत अधिक होती है। 

गर्भवती होने की संभावना ज्यादा रहती है। पीरियड समाप्त होने के बाद गर्भवती होने के लिए यह आवश्यक है कि आप अपने साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

इस दौरान असुरक्षित संभोग करने से यह सफाई का ध्यान नहीं रखने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।  

अण्डोत्सर्ग के समय का इंतज़ार करें

गर्भधारण पर हुए अध्ययन में पाया गया है कि अधिकांश गर्भधारण अण्डोत्सर्ग के दिन या उसे 5 दिन पहले संभोग करने से सफल होता है। 

अण्डोत्सर्ग के समय का इंतज़ार करें

इसलिए अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो आपके लिए सबसे उपयुक्त समय होता है कि आप अंडोत्सर्ग का इंतजार करें। 

ओव्‍यूलेशन पीरियड है सही समय

मासिक धर्म से जुड़ा हुआ पीरियड होता है।  यह वक्त यौन संबंध बनाने के लिए सबसे उपयुक्त समय है।  इस समय गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। 

ओव्‍यूलेशन पीरियड है सही समय

ओव्‍यूलेशन साइकिल शुरू होता है मेंस्‍ट्रूएल पीरियड्स के 7 दिन के बाद, पीरियड शुरू होने के 7 दिन पहले तक बना रहता है। 

ये जो ओवुलेशन का समय होता है यह एक महिला के गर्भ धारण करने का सबसे बेहतर समय है।  इस  स्थिति को महिला का फर्टाइल स्टेज कहते हैं।  

अगर आप गर्भधारण करने के लिए यौन संबंध बना रहे हैं तो ओवुलेशन पीरियड का ध्यान रखने पर गर्भधारण की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 

ऑर्गज्‍म से  बढ़ती है गर्भधारण की संभावना

 हाल ही में विश्व स्तर पर हुए शोध में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।  इस जानकारी के अनुसार यौन संबंध बनाते वक्त जो महिलाएं ऑर्गज्‍म  का अनुभव करती हैं उनमें गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। 

ऑर्गज्‍म से बढ़ती है गर्भधारण की संभावना

अक्सर ऐसे हालात में जहां पति सिर्फ अपनी संतुष्टि का ख्याल रखते हैं और अपनी पत्नी के कामोत्तेजना को महत्व नहीं देते हैं उनकी पत्नियों को गर्भधारण में समस्या का सामना करना पड़ता है। 

संभोग के वक्त अगर पत्नी ऑर्गज्‍म  कि स्थिति तक पहुंचती है तो उसमें गर्भधारण की संभावना काफी ज्यादा रहती है।  

ऐसा इसलिए क्योंकि पुरुष के शुक्राणु को सही जगह पहुंचने  के लिए सही समय और उपयुक्त माहौल मिल जाता है तथा शुक्राणु ज्यादा समय तक जीवित भी रहते हैं। 

गर्भधारण में उर्म का महत्व

गर्भधारण करने के लिए उम्र का बहुत बड़ा महत्व है। गर्भवती होने के लिए सबसे उपयुक्त उम्र होती है  22 वर्ष से लेकर 29 वर्ष तक के बीच की।  

शादी को लेकर आज के दौर में लोगों की सोच बदल गई है।  आज के दौर में शादी की औसत उम्र होती है 30 वर्ष। लेकिन गर्भधारण करने के लिए सबसे उपयुक्त उम्र  तो 29  वर्ष में ही ख़त्म हो जाती है। 

गर्भधारण में उर्म का महत्व 

यही वजह है कि आज के समय में अधिकांश महिलाएं गर्भधारण करने में समस्याओं का सामना करती हैं अगर गर्भ धारण कर भी लें,  तो गर्भावस्था के 9 महीने बहुत कष्टकारी होते हैं।  

जहां कुछ दशक पहले सिजेरियन से जन्म अपवाद हुआ करता था,  आज यह एक आम बात हो गया है।  स्त्री की 25 वर्ष की उम्र उसकी शारीरिक और मानसिक रूप से गर्भवती होने के लिए सबसे उपयुक्त उम्र होती है।  

गर्भधारण करने के लिए सबसे उपयुक्त आयुसीमा

गर्भधारण से संबंधित अनेक शोध यह बात सामने आई है की लड़कियों के गर्भ धारण करने की सबसे उपयुक्त उम्र 18 साल से 35 साल तक के बीच में होती है। 

गर्भधारण करने के लिए सबसे उपयुक्त आयुसीमा

इस उम्र से पहले गर्भधारण करना या इस उम्र के बाद गर्भधारण करने में महिलाओं को कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है।  तथा  गर्भ में शिशु के विकास में भी इसका बुरा असर पड़ता है। 

शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार जो महिलाएं 35 वर्ष की उम्र के बाद गर्भ धारण करती हैं उन्हें शिशु के जन्म के समय कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

बढती उम्र के साथ बढ़ता बिर्थ डिफेक्ट्स का खतरा 

तथा शिशु में  बर्थ डिफेक्ट की संभावना भी रहती है। जो महिलाएं 40 वर्ष की उम्र की दहलीज पार कर चुकी है उन्हें गर्भधारण करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। 

इस उम्र के बाद वैसे ही कई प्रकार की बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं, और शिशु के स्वस्थ विकास के लिए शरीर उपयुक्त माहौल तैयार नहीं कर पाता है। 

जिस तरह हर काम को करने का एक उपयुक्त समय होता है उसी तरह से गर्भधारण करने की भी एक उपयुक्त आयु सीमा होती है।  इस आयु सीमा से पहले या बाद में गर्भधारण करने से अनेक प्रकार की जटिलताएं  मां और शिशु के लिए पैदा हो सकती है। 

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