बच्चों के मसूड़ों के दर्द को ठीक करने का तरीका

छोटे बच्चों के मसूड़ों के दर्द को तुरंत ठीक करने का घरेलु उपाय हम आप को इस लेख में बताएँगे। शिशु के मसूड़ों से सम्बंधित तमाम परेशानियों को घरेलु नुस्खे के दुवारा ठीक किया जा सकता है। घरेलु उपाय के दुवारा बच्चों के मसूड़ों के दर्द को ठीक करने का सबसे बड़ा फायेदा ये होता है की उनका कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं होता है। यह शिशु के नाजुक शारीर के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं और इनसे किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन होने का भी डर नहीं रहता है। लेकिन बच्चों का घरेलु उपचार करते समय आप को एक बात का ध्यान रखना है की जो घरेलु उपचार बड़ों के लिए होते हैं - जरुरी नहीं की बच्चों के लिए भी वह सुरक्षित हों। उदाहरण के लिए जब बड़ों के मसूड़ों में दरद होता है तो दांतों के बीच लोंग दबा लेने से आराम पहुँचता है। लेकिन यह विधि बच्चों के लिए ठीक नहीं है क्यूंकि इससे बच्चों को लोंग के तेल से छाले पड़ सकते हैं। बच्चों के लिए जो घरेलु उपाय निर्धारित हैं, केवल उन्ही का इस्तेमाल करें बच्चों के मसूड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए।

बच्चों के मसूड़ों के दर्द को ठीक करने का तरीका

जैसा की मैंने आप को ऊपर बताया की बड़ों के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलु उपाय बच्चों पे नहीं आजमायें, इसीलिए जरुरी है की आप जब बच्चों से सम्बंधित शारीरिक तकलीफों के बारे में इन्टरनेट पे कुछ खोज रही हों तो केवल उन्ही वेबसाइट को पढ़ें जो केवल बच्चों के स्वस्थ के बारे जानकारी दें। गलत जानकारी से बच्चों के स्वस्थ लाभ के बजाये उन्हें हानी भी हो सकती है। 

इस लेख में:

  1. मसूड़ों में दर्द की मुख्या वजह
  2. नये दांत आने की वजह से दर्द
  3. दातों में संक्रमण की वजह से दर्द
  4. मसूड़ों में तकलीफ के लक्षण
  5. मसूड़ों के दर्द का इलाज
  6. कब डॉक्टर से मिलें

मसूड़ों में दर्द की मुख्या वजह

मसूड़ों में दर्द की मुख्या वजह 

  • नये दांत आने की वजह से दर्द 
  • दातों में संक्रमण की वजह से दर्द 

नये दांत आने की वजह से दर्द

नये दांत आने की वजह से दर्द

अगर नये दांत के आने की वजह से आप के शिशु के दातों में दर्द और मसूड़ों में सुजन है तो आप निम्न घरेलु उपये अपना सकती हैं: 

  1. शिशु को गरम पानी से गार्गल कराएँ। 
  2. शिशु को ऐसे toothbrush का इस्तेमाल करने को दें जा बहुत मुलायें हों
  3. बच्चे के मसूड़ों को उंगली  की मदद से हलके-हलके मसाज करें। उंगलियों से मसाज करने से पहले अपने हाटों को अच्छी तरह से धो लें। 
  4. उंगलियों से बच्चे के मसुडो को अच्छी तरह से 2 मिनट के लिए दबाएँ। इससे दांत निकलते समय होने वाले दर्द से बच्चे को आराम मिलता है।  
  5. आप अपने शिशु को इस्तेमाल करने के लिए टीथर भी दे सकती हैं। जब बच्चे का दांत निकलता है तो वह मुह में कुछ भी रख कर चबाने का कोशिश करता है। इस समय अगर आप अपने बच्चे को टीथर देंगी तो उसे दर्द में आराम मिलेगा। 
  6. अगर दर्द ज्यादा है तो शिशु के डोक्टर से pain killer के लिए बात करें

दातों में संक्रमण की वजह से दर्द

दातों में संक्रमण की वजह से दर्द 

बच्चों में मसूड़ों का दर्द एक आम बात है और यह कई कारणों से हो सकता है - उदहारण के लिए नये दातों का आना या दातों की गन्दगी के कारण संक्रमण। कारण चाहे जो भी हो - बच्चों के मसूड़ों के दर्द को हलके में नहीं लेना चाहिए। 

अगर शुरुआत में ही ध्यान नहीं रखा जाये तो मसूड़ों की यह समस्या आगे चलके बीमारी का रूप भी ले सकती है। यानो की मसूड़ों का दर्द होने वाली बीमारी के संकेत हैं और अगर शुरू में ही इनका इलाज करदिया जाये तो आगे चलके बच्चे मसूड़ों के गंभीर समस्या से बच सकते हैं। 

मसूड़ों का सुजन बच्चों में एक आम समस्या है और यह मसूड़ों के बीमारी का भी संकेत हैं। माता - पिता को मसूड़ों के सुजन सम्बन्धी संकेतों को समझना जरुरी है। 

मसूड़ों में तकलीफ के लक्षण

मसूड़ों में तकलीफ के लक्षण (Symptoms of Sore Gums)

मसूड़ों के तकलीफ का पता लगाना आसान काम है। अगर शिशु मसूड़ों में दर्द की शिकायत करे तो मसूड़ों सम्बन्धी बीमारी का पता लगाने का यह एक तरीका है। 

लेकिन कई बार मसूड़ों में तकलीफ होने के बावजूद बच्चों को इसका पता नहीं चलता है। ऐसे स्थिति में आप को ऐसे लक्षणों को देखना पड़ेगा जो मसूड़ों की बीमारी के तरफ इशारा करते हैं। 

उदाहरण के लिए अगर सुबह मुह धोते समय शिशु के दातों से खून निकले, उसके मसूड़ों या गाल में सुजन दिखे, या उसके मसूड़े फुले हुए और सामान्य से ज्यादा लाल दिखे तो ये मसूड़ों के बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। 

अगर आप का शिशु किसी विशेष प्रकार के आहार को खाते वक्त दिक्कतों का सामना करे तो यह भी मसूड़ों से सम्बंधित बीमारी की तरफ संकेत करता है। 

बच्चे अक्सर दर्द या तकलीफ को छुपाने की कोशिश करते हैं। इसीलिए आप उनसे खुल कर पूछें। पूछने पे अगर कोई तकलीफ होगा तो वे बता देंगे।

मसूड़ों के दर्द का इलाज

मसूड़ों के दर्द का इलाज (Treating Sore Gums)

अगर आप के शिशु के दातों या मसूड़ों में दर्द है तो डॉक्टर से मिलने से पहले आप कुछ बातों का ख्याल रखना शुरू कर दें। सम्भावना है की निम्न बातों पे ध्यान देने भर से आप के शिशु के दातों का दर्द ख़त्म हो जायेगा। 

  1. सबसे पहले तो आप अपने बच्चे के दातों के साफ सफाई की और ध्यान देना प्रारंभ कर दें। इस बात का ख्याल रहे की आप का बच्चा सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले अच्छी तरह से अपने दातों को हर दिन साफ़ करे। 
  2. अपने शिशु को दातों को साफ़ करने के लिए ऐसा toothpaste दें जिसमे fluroid का इस्तेमाल किया गया है। Fluroid वाले toothpaste दातों के ऊपर plaque को जमने नहीं देते हैं। 
  3. अगर ऐसा करने पे भी आप के शिशु के दातों का दर्द समाप्त नहीं होता है तो आप दातों के डॉक्टर से संपर्क करें।

कब डॉक्टर से मिलें

कब डॉक्टर से मिलें

बच्चों के मसूड़ों का घरेलु इलाज सबसे बेहतर है, लेकिन यह भी जानना बहुत जरुरी है की कब आप को डॉक्टर से मिलना चाहिए। अगर आप अपने बच्चे में परिस्थिति देखें तो अपने बच्चे को दातों के डोक्टर से जरुर दिखाएँ:

  1. अगर आप के शिशु के दातों से खून आता है
  2. अगर आप के शिशु के मसूड़े सूजे और फुले हुए और सामान्य से ज्यादा लाल हैं
  3. अगर मसूड़े दातों से अलह हो रहे हैं
  4. खाना खाते समय दातों में दर्द होता है
  5. ठण्ड या गरम के प्रति दांत संवेदनशील है

ऊपर बतेये गए परिस्थिति में आप को अपने शिशु के डोक्टर (दांत विशेषज्ञ) से तुरंत मिलना चाहिए।