Category: स्वस्थ शरीर

नवजात बच्चे के लिए कपडे खरीदते वक्त रखें इन बत्तों का ख्याल

By: Salan Khalkho | 3 min read

अक्सर नवजात बच्चे के माँ- बाप जल्दबाजी या एक्साइटमेंट में अपने बच्चे के लिए ढेरों कपडे खरीद लेते हैं। यह भी प्यार और दुलार जाहिर करने का एक तरीका है। मगर माँ-बाप अगर कपडे खरीदते वक्त कुछ बातों का ध्यान न रखे तो कुछ कपड़ों से बच्चे को स्किन रैशेज (skin rash) भी हो सकता है।

क्या आप को पता है 

की आप के शिशु की त्वचा बेहद नाजुक है? 



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 नवजात बच्चों की त्वचा बहुत ही संवेदनशील होती है। इसीलिए अगर ध्यान ना दिया जाये तो उन्हें कुछ कपड़ों से स्किन रैशेज (skin rash) होने का खतरा बना रहता है। 

 अगर आप चाहती हैं की आप के बच्चे की त्वचा पे स्किन रैशेज (skin rash) ना पड़े तो आप को अपने शिशु के लिए कपड़ों का चुनाव करते वक्त बहुत सावधानी और समझदारी बरतनी पड़ेगी। 

कुछ बातों का अगर आप ख्याल रखें तो यह काम इतना मुश्किल भी नहीं है जितना की यह लगता है। 

हम आप को यहां पर कुछ आसान टिप्स बता रहें हैं जिनकी सहायता से आप अपने आखों के तारे के लिए मौसम के अनुसार आरामदायक और त्वचा के लिए सुरक्षित कपड़ों का चुनाव कर सकेंगी। 

  •  गर्मी के मौसम मैं अपने बच्चे के लिए ऐसे कपडे खरीदें जो उसकी त्वचा को ठण्ड रखे। गर्मियों में सूती के कपडे नवजात शिशु के लिए सबसे उपयुक्त हैं। बच्चे को सिंथेटिक के कपडे ना पहनाएं। सिंथेटिक के कपडे गर्माहट को अंदर ही रोके रखते हैं। इससे बच्चे को दो तरह से नुकसान पहुँचता है। पहला यह की सिंथेटिक कपडे के अंदर गर्मी बढ़ती ही जाती है क्यूंकि गर्मी अंदर ही कैद हो के रह जाती है। दूसरा यह की नन्हे शिशु का शरीर अभी इतना विकसित नहीं हुआ है की वह बड़े लोगों की तरह अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित कर सके। गर्मी के मौसम में अत्यधिक गर्मी होने के कारण शरीर से अत्यधिक पसीना बहता है। गर्मियों के दिनों मैं बच्चों में घमौरियों का होना एक आम बात है। बच्चों को सूती कपडे पहना कर उन्हें घमोरियों से बचाया जा सकता है। सबसे ज्यादा बच्चे गर्मियों के मौसम में बीमार पड़ते हैं और जल्दी ठीक भी नहीं होते।
  •  जब भी आप अपने बच्चे को दिन के समय कहीं बहार ले के जाएँ, उसे अवश्य टोपी पहना के ले जाएं। बच्चों के लिए टोपी चौड़े रिम वाले खरीदें ताकि वह बच्चे के सर पे आराम से बैठ (fit) जाए और बच्चे के सर और चहरे को धुप से पूरी तरह बचा दे। छोटे बच्चों के बाजार में इलास्टिक पट्टी के सपोर्ट वाली हैट भी उपलब्ध है। छोटे बच्चों को इन्हे ना पहनाये। पहली बात तो यह की इस प्रकार की टोपियां बहुत तंग होती हैं और दूसरी बात यह की इनसे बच्चे के परिसंचारण पर दबाव पड़ सकता है। 
  •  डिस्पोजेबल (इस्तेमाल किया और फेंक दिया) वाले शिशु नैपियों से माँ-बाप को काफी सहूलियत होती है। इससे बच्चे का ध्यान रखना भी आसान हो जाता है। मगर कोशिश करें की दिन के समय बच्चे को कपड़े की नैपियां ही पहनाएं। डिस्पोजेबल diapers से शिशु को नैपी रैश का खतरा रहता है। चाहे आप बच्चे को डिस्पोजेबल diapers पहनाएं या फिर कपड़े की नैपियां, दोनों ही स्थितियों में समय-समय पे जाचंते रहें की कहीं नैपियां गीली तो नहीं हो गई हैं। बहुत देर तक गीली नैपि पहनने से बच्चे को स्किन रैशेज (skin rash) होने का खतरा रहता है। 
  •  ठण्ड के दिनों में अपने शिशु के लिए ऐसे कपड़ों का चुनाव करें जो गरम, नरम और आरामदेह हों। बच्चे के लिए ऐसे कपडे ना लें जिसमें ज़िप या टैग लगा हो क्यूंकि ज़िप से वायु अंदर घुसने का खतरा रहता है। कुछ कपड़ों की बनावट इस तरह होती है की ज़िप के ऊपर एक फ्लैप जैसी बनावट होती है जो वायु को अंदर घुसने से रोकती है। इस प्रकार के कपडे भी शिशु के लिए ठीक हैं। ठण्ड के दिनों में शिशु को गरम रखने के लिए उसे दस्ताने और मोजे पहना के रखें। बच्चे के सर को हमेशा ऊन के टोपी से ढक के रखें। ठण्ड से बचाव के लिए अगर बच्चे को गरम कपडे ना पहनाये गए तो बच्चे को हाइपोथर्मिया का खतरा रहता है। हाइपोथर्मिया होने पर बच्चे के शरीर का तापमान, अत्यधिक कम हो जाता है। हाईपोथर्मिया से पीड़ित वे बच्चे होते हैं, जो अत्यधिक कमज़ोर होते हैं। बच्चा यदि छोटा हैं तो उससे अपने गोद में लेकर ,कम्बल आदि में लपेटकर उससे गर्मी देने की कोशिश करें।
  •  छोटे बच्चों को और नवजात बच्चे को ऊनी कपड़ों से एलेर्जी हो सकता है। इससे बच्चे के शरीर पे स्किन रैशेज (skin rash) भी पड़ सकते हैं। बच्चे की त्वचा को स्किन रैशेज से बचाने के लिए उसे पहले आरामदायक सूती कपडे पहनाएं और उसके उप्पर ऊनी कपडे पहनाएं। इससे ऊनी कपडे शिशु के त्वचा के सीधे संपर्क में नहीं आते और उनसे बच्चे को स्किन रैशेज होने की सम्भावना ख़त्म हो जाती है। 
  •  अपने बच्चे को अच्छी गुडवत्ता के कपडे पहनाये। बच्चे के लिए कपडे सही नाप के खरीदें। बच्चों के कपडे जल्दी-जल्दी छोटे हो जाते हैं। इसीलिए बच्चे के लिए एक बार में ढेर सारा कपडा ना ख़रीदे बल्कि थोड़ा-थोड़ा कपडा हर कुछ दिनों पे खरीदते रहें। इससे आप के पास हमेशा बच्चे के लिए सही नाप के कुछ ना कुछ कपडे रहेंगे। - बच्चों के कपडे धोने के लिए माइल्ड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। इससे बच्चे के कपडे की गुडवत्ता बरक़रार रहेगी।
  • बच्चे को फैंसी कपड़े न पहनाएं, क्योंकि एेसे कपड़ों से बच्चे को चुभन हो सकती है। इतना ही नहीं, ज्यादा काम और वर्क वाले कपड़ों से शिशु को एलर्जी और रेशेस की समस्या हो सकती है। ऐसे में, बेहतर है कि आप बच्चे को कॉटन के कपड़े पहनाएं। 



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