
शिशु के जन्म के साथ ही कुछ चीज़ें हैं जिसका बखूबी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि पेरेंट्स जाने-अनजाने में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जिसका ख़ामियाज़ा आपके छोटे से बच्चे को भुगतना पड़ता है। खासकर, उन पेरेंट्स को इन बातों का विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है, जो पहली बार माँ बन रही हों।
निचे कुछ ऐसे बेबी प्रोडक्ट के बारे में बात की जा रही है जो न खरीदें तो बेहतर है, जिनमें निम्न शामिल हैं
वॉकर
अपने शिशु को वॉकर देना कितना सही और गलत है यह शायद आपको पता नहीं है। क्योंकि, कुछ पेरेंट्स मानते हैं कि वॉकर देने से बच्चे जल्दी चलना सीखते हैं और उनके पैरों की मांशपेशियां मजबूत होती हैं। लेकिन, एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि वॉकर का इस्तेमाल करने वाले बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होते हैं, क्योंकि वह इसमें अपना बैलेंस सही से नहीं बिठा पाते हैं, जिससे कि उनका गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है।
viralblock
दूसरी ओर चाइल्ड सेफ्टी यूरोप के एक शोध के मुताबिक यह बातें सामने आई हैं कि बेबी वॉकर बच्चों में चलने की गति 1 मीटर प्रति सेकंड तक बढ़ा देती हैं। और दूसरा यह है कि बच्चा ज़मीन से ऊपर उठा हुआ रहता है जिससे उसे ये एहसास होने में समस्या होती है की वो चल भी रहा है या नहीं। दरअसल, यह बच्चे की चल पाने की क्षमता पर असल डालते हैं और उसे घायल करने की परिस्थिति में डाल देते हैं। इसलिए इसे खरीदने से बचें।
पेसिफायर
अक्सर आपने देखा होगा कि माँ अपने बच्चे को शांत कराने के लिए उनके हाँथ में पेसिफायर पकड़ा देती हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। क्योंकि, इससे बच्चे तो शांत हो जाते हैं लकिन, इसका क्या नुकसान होता है शायद आपको पता नहीं। जो बच्चे पेसिफायर का प्रयोग करते हैं उनमें सबसे अधिक इंफेक्शन का खतरा रहता है, क्योंकि आप उसे बार-बार नहीं धुलते और साफ करते हैं। इतना ही नहीं, इससे दूध के दांतों की संरचना भी बिगड़ती हैं। इनसे बच्चे को उल्टी, पेटदर्द, दस्त और रेस्पिटेरटरी इंफेक्शन भी हो सकता है।
हालाँकि, चाहें तो इसके जगह आप अपने शिशु को गाजर, खीरा आदि को हांथ में पकड़ा सकती हैं। इससे दांत निकलते वक्त होने वाले दर्द से भी राहत मिल सकती है।
सिप्पी कप
अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चे को सिप्पी कप दो कारणों से देना पसंद करते हैं एक तो बच्चे आसानी से पानी पी लेते हैं और दूसरा की बच्चे पानी अपने मुंह से नहीं निकालते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि, यह बिल्कुल बोतल की तरह होता है। लेकिन, इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि आप इसे बोतल की निप्पल की तरह साफ नहीं कर सकते हैं। शायद यही कारण है कि सिप्पी कप बच्चों में कैविटी का कारण बन सकता है, और बाद में यह दांत से संबंधित समस्या पैदा कर सकता है।
ऐसे में आप अपने बच्चे को शुरू से ही ग्लास में पीने की आदत डालें। भले ही शुरुआत में उसे पीने में समस्या हो, लेकिन बाद में वह खुद ब खुद सीख लेगा।
टॉकिंग टॉयज (बोलने वाले खिलौने)
हालाँकि, पेरेंट्स को लगता है कि संगीत सुनाने या बोलने वाले खिलौने बच्चों को जल्दी बोलने में मदद करते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। क्योंकि, यह आपके छोटे बच्चों में भाषा सीखने और समझने के नाजुक प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। क्योंकि, एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि अधिक बोलने और शोर मचाने वाले खिलौने जब चलते हैं तो माता पिता और बच्चे चुप रहते हैं और उन के बीच शब्दों का आदान प्रदान नहीं होता और बच्चे नए शब्द नहीं सीखते। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को ऐसे खिलौने दिए जाएं जिनसे वे नए शब्द सीखें।
फीडिंग बोतल
जो माँ वर्किंग होती हैं वह अपने बेबी को बोतल से दूध पिलाती हैं। लेकिन, इससे दूध पीते वक्त बच्चे के पेट में हवा भर जाती है जिससे कि शिशु के पेट में दर्द हो सकता है। इतना है नहीं, बोतल से संक्रमण का खतरा रहता है। हालाँकि, अगर आप बोतल का प्रयोग करती हैं तो उसके साफ-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखें ताकि उसे किसी तरह का कोई इंफेक्शन न होने पाए। साथ ही, 1 से 2 महीने में इसे बदल दें, और हमेशा अच्छी क्वालिटी की बोतल खरीदें।
फैंसी कपड़े
बच्चे को फैंसी कपड़े न पहनाएं, क्योंकि एेसे कपड़ों से बच्चे को चुभन हो सकती है। इतना ही नहीं, ज्यादा काम और वर्क वाले कपड़ों से शिशु को एलर्जी और रेशेस की समस्या हो सकती है। ऐसे में, बेहतर है कि आप बच्चे को कॉटन के कपड़े पहनाएं।