बच्चों में न्यूमोनिया - लक्षण, कारण, बचाव और इलाज

न्यूमोनिया फेफड़ो पर असर करने वाला एक ऐसा संक्रमण है जिसकी वजह से फेफड़ो में सूजन होती है और उसमें एक प्रकार का गीला पन आ जाता है, जिससे श्वास नली अवरुद्ध हो जाती है और बच्चे को खाँसी आने लगती है। यह बीमारी सर्दी जुकाम का बिगड़ा हुआ रूप है जो आगे चल कर जानलेवा भी साबित हो सकती है। यह बीमारी जाड़े के मौसम में अधिकतर होती है।

बच्चों में न्यूमोनिया

आपका बच्चा यदि बार बार सर्दी - जुकाम से पीड़ित है, साथ ही उसको बुखार भी आ रहा है तो तुरंत ध्यान दीजिये कि कहीं आपके बच्चे को न्यूमोनिया तो नहीं हो गया है?

युनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार हर साल 20 लाख बच्चे निमोनिया-डायरिया के शिकार हो जाते हैं। रिपोर्ट में जिन देशो का नाम लिया गया है उनमें भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया, कांगो और इथोपिया जैसे देशों का नाम शामिल है। 

रिपोर्ट के अनुसार इसके मुख्या कारन हैं कुपोषण, साफ-सफाई की कमी, टीकाकरण की सुविधा का न होना और जागरुकता की कमी।

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अगर बच्चों के जन्म के 6 महीने तक उन्हे मां का दूध पिलाया जाए तो भी इसमें कमी आ सकती है.जिन बच्चों को मां का दूध नहीं पिलाया जाता उनके निमोनिया से ग्रस्त होने का खतरा 15 गुना ज्यादा होता है

हर साल पांच से कम उम्र में जितने भी बच्चों की मौत होती है उनमें से 29 फीसदी की मौत निमोनिया या डायरिया की वजह से ही होती है

न्यूमोनिया फेफड़ो पर असर करने वाला एक ऐसा संक्रमण है जो बहुत से वायरस और बैक्टीरिया में से किसी एक से प्रभावित होता है। 

जिसकी वजह से फेफड़ो में सूजन होती है और उसमें एक प्रकार का गीला पन आ जाता है, जिससे श्वास नली अवरुद्ध हो जाती है और बच्चे को खाँसी आने लगती है। 

यह बीमारी सर्दी जुकाम का बिगड़ा हुआ रूप है जो आगे चल कर जानलेवा भी साबित हो सकती है। यह बीमारी जाड़े के मौसम में अधिकतर होती है।

इस लेख में आप सीखेंगे - You will read in this article

  1. ~~~#1^^^न्यूमोनिया बीमारी के लक्षण@@@ 
  2. ~~~#2^^^न्यूमोनिया बीमारी के कारण@@@ 
  3. ~~~#3^^^न्यूमोनिया बीमारी से बचाव@@@ 
  4. ~~~#4^^^न्यूमोनिया बीमारी का इलाज@@@ 
  5. ~~~#5^^^Video: निमोनिया के लक्षण और उससे बचने के घरेलू उपाय@@@ 

anchorlink[1]anchorclose  न्यूमोनिया बीमारी के लक्षण - Symptoms of Pneumonia

  • साँस फूलना और साँस लेने में परेशानी होना।
  • तेज बुखार और कंपकंपाहट होना।
  • सीने और पेट में दर्द होना। 
  • हृदयगति का तेज होना। 
  • अत्यधिक कमज़ोरी लगना।
  • थकान का अनुभव होना। 
  • उल्टी होना।
  • बार बार मिचली आना।
  • सिर और मांसपेशियों में दर्द होना।
  • भूख न लगना।
  • खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना।
  • शरीर में पानी की मात्रा कम होना।
  • खाँसी आना।
  • अत्यंत पसीना होना।
  • दस्त होना।

न्यूमोनिया बीमारी के कारण

anchorlink[2]anchorclose  न्यूमोनिया बीमारी के कारण - Common causes of Pneumonia

  • यह बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूसरे संक्रमित बच्चे के माध्यम से होता है।
  • फेफड़े पर चोट लगने के कारण भी न्यूमोनिया होता है।
  • अत्यधिक सर्दी जुकाम होना।
  • फेफड़े में सूजन हो जाना।
  • फेफड़े में पानी भर जाना।
  • मौसम बदलते समय बच्चे को अत्यधिक खाँसी होना भी इसका एक कारण है।

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anchorlink[3]anchorclose  न्यूमोनिया बीमारी से बचाव - Steps to prevent Pneumonia

  • जैसे ही आपको अपने बच्चे में न्यूमोनिया के लक्षण दिखाई दे, आप तुरंत ही सतर्क हो जायें। इस बीमारी से अपने बच्चे को बचाने के लिए और निम्नलिखित उपाय करें।
  • अपने बच्चे को गरम और ऊनी कपड़े पहनायें।
  • न्यूमोनिया के विभिन्न लक्षण दिखने पर अपने बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जायें।

anchorlink[4]anchorclose  न्यूमोनिया बीमारी का इलाज - Cure from Pneumonia in children

  • एंटीबायोटिक दवाएं डॉक्टर के परामर्श से दें।
  • पानी की कमी होने पर ड्रिप के ज़रिये तरल पदार्थ दें।
  • नेबुलाइजर का प्रयोग करें।
  • बुखार कम करने के लिये पेरासिटामोल दवा का प्रयोग करें।
  • बच्चे को भरपूर आराम करवायें।
  • बच्चा छोटा है तो माँ का दूध सर्वोत्तम आहार है।
  • स्वच्छता का विशेष ध्यान दें।
  • अपना और बच्चे का हाथ धुले - दूध पिलाने से पहले, कुछ खिलाने से पहले, छीक और खाँसी के बाद, टॉयलेट से आने के बाद।
  • सम्पूर्ण टीका लगवायें।
  • प्रदूषित वातावरण में बच्चे को न जाने दें। यदि घर का कोई सदस्य सिगरेट पीते हैं हो तो बच्चे को उनके पास न जाने दें।
  • अपने बच्चे को पोषण युक्त आहार दें, जिससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े।
  • अपने बच्चे को भीड़ भरी जगहों पर न जाने दें।
  • अपने बच्चे को गरम तासीर के भोजन और पेय पदार्थ दें।
  • गरम तेल से मालिश करें।
  • सरसों के तेल में अजवाइन, लहसुन की कली डालकर पकालें, थोड़ा ठंडा होने पर अपने बच्चे को लगाएं।
  • कुपोषित और प्री मैच्योर बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उनका खास ध्यान देना चाहिये।
  • अधिक परेशान होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

anchorlink[5]anchorclose Video: निमोनिया के लक्षण और उससे बचने के घरेलू उपाय - Symptoms of Pneumonia and home remedy 

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