बच्चों के रोने की वजह और उन्हें संभालने के उपाय

बच्चा रो कर ही अपनी बात माँ के सामने रखता हैं। आपका छोटा सा बच्चा खुद अपने आप कुछ नहीं कर सकता हैं। बच्चा अपने हर छोटी-बढ़ी जरूरत के लिए माँ पर आश्रित रहता हैं और रो कर ही अपनी जरूरतों को बताता है।

बच्चों के रोने की वजह

आज के युग में अधिकतर महिलाएं कामकाजी हैं और उनकी दिनचर्या काफी व्यस्त है ऐसे में अपने बच्चे की देखभाल की ज़िम्मेदारी बहुत कठिन होती है। 

फिर भी हर माँ अपने बच्चे को खुश और स्वस्थ्य देखना चाहती है। ऐसे में यदि आपका बच्चा लगातार रोने लगे तो आपका परेशान होना जायज है। 

यह बिलकुल सामान्य बात है की सभी बच्चे रोते है। अधिकांश बच्चे प्रत्येक दिन कुल एक घंटे से लेकर तीन घंटे तक के समय के लिए रोते हैं।

बच्चा क्यों रोता है - Why children cry?

बच्चा रो कर ही अपनी बात माँ के सामने रखता हैं। आपका छोटा सा बच्चा खुद अपने आप कुछ नहीं कर सकता हैं। 

बच्चा अपने हर छोटी - बढ़ी जरूरत के लिए माँ पर आश्रित रहता हैं। बच्चा जब भी भूखा रहता हैं, आराम चाहता है या फिर माँ का दुलार चाहता। 

आपका बच्चा रो कर ही अपने जरूरतों को बता सकता है की उसे किसी चीज़ की ज़रुरत है। आपके लिए कई बार यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है की आखिर आपका बच्चा रो क्यों रहा है। 

लेकिन समय के साथ आप बच्चे के रोने का कारण जान जाती हैं। जैसे- जैसे आपका बच्चा बढ़ता है वह आप के साथ बात चीत करने के अन्य तरीके सीख लेता है जैसे की आँखों का समपर्क,  शोर मचाना या फिर मुस्कुराते हुए आपका ध्यान अपनी तरफ खींचना।

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आराम से सोता बच्चा

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बच्चे के रोने के आम कारण - Common reasons why children cry?

अगर आपका बच्चा लगातार रो रहा है और चुप नहीं हो रहा है तो हो सकता है वह आपसे से कुछ मांग कर रहा हैं या उसको आप की गोद में आराम नहीं मिल रहा हैं।

  • कभी - कभी बच्चा आप से कुछ कहना चाहता हैं जैसे भूख लग रही है।भूख किसी बच्चे के रोने का सबसे बड़ा कारण हैं। आप उसकी समस्या को जान कर उससे दूध पिलाने की कोशिश करे।
  • आप का बच्चा आपका ध्यान अपनी ओर खींचने क लिए रोने लगता है। खासकर तब, अगर उनकी कोमल त्वचा में खुजली या खुश्की हो। कुछ बच्चे  अपनी कलोट बदलने के लिए भी जोर -जोर से रोना शुरू करते हैं। कभी- कभी उसकी कलोट या नैपी आरामदायक ढंग से बंधी नहीं होती हैं जो बच्चे को परेशां करती हैं अपनी नैपी बदलने के लिए जोर- जोर से रोना शुरू कर देता हैं। 
  • कभी- कभी आप का बच्चा रो कर ये बताने की कोशिश करता हैं की मुझे ठण्ड लग लग रही हैं या बिस्तर बहुत गर्म हैं। 
  • बच्चे के लगातार रोने पर उसका पेट छूकर देखे अगर वे ठन्डे हैं तो उससे कुछ चादर या कम्बल ओढ़ादे और यदि वे गर्म हैं तो चादर हटा दे। 
  • मौसम के अनुसार कमरे का तापमान सामान्य रखे क्योंकि कमरे क तापमान के  अनुसार बच्चा अपने को एडजस्ट करता हैं।  तापमान सामान्य न होने पर भी बच्चा जोर - जोर से रोने लगता हैं। 
  • कभी - कभी बच्चे के पेट में तकलीफ हो जाती हैं और आप समझ नहीं पाती हैं। बच्चे के दूध पीते समय उसके पैट में गैस बन जाता हैं ,जिसकी वजह से वह रोने लगता हैं।
  • आप का बच्चा कभी - कभी आपका स्पर्श और प्यार चाहता हैं और रो कर ही वह अपनी बात आपके सामने रखता हैं।
  • कभी - कभी माँ का दूध पीते समय भी उसको  साँस लेने में परेशानी होने लगती हैं और वह रोना शुरू कर देता हैं।
  • कुछ स्थिति में बच्चे के रोने का कारण उसके कान में खुजली का होना भी होता हैं।  

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अपने बच्चे को चुप करवाने के लिए या सम्भालनें के उपाय - Method to calm a crying child

यहां कुछ उपाए दिए गए हैं, जिससे आप अपने बच्चे को शांत कराकर उसको राहत पहुंचा सकते हैं

रोते बच्चे को कैसे संभालें

  • बच्चा यदि भूख से रो रहा है तो सबसे पहले उसे दूध पिलायें या कोई खाद्य सामग्री खिलाएं जिससे उसकी भूख शांत हो सके।
  • आपका बच्चा यदि दूध पीने के बाद भी नहीं शांत हो रहा है तो उसका पेट छूकर देखें कि कहीं उसका गैस तो नहीं बना है, यदि ऐसा है तो उसे कंधे पर चिपकाकर पीठ पर थपकी दें।
  • यदि उसे ठण्ड लग रही है तो उसे गरम कपड़े में लपेटे और अपनी गोद में चिपकाएं। माँ कि गोद में चिपकने से उसमें सुरक्षा का भाव आएगा और उसे माँ के स्पर्श से गरमाहट भी आएगी।
  • बच्चा माता पिता के गोद में आते ही चुप हो जाता हैं। क्यों कि वह आपके दिल की धड़कन को सुन के सुखदायक महसूस करता हैं। गर्भ में भी आपका बच्चा आपके दिल की धड़कन लगातार सुनता रहता है। इस लिए आप अपनी मीठी आवाज़ में लोरी गाकर बच्चे को थपकी दें। इस मधुर आवाज़ को सुनकर आपके बच्चे को राहत मिलेगी।
  • अपनी गोद में बच्चे को घुमाएं क्योंकि घूम कर बच्चा खुश हो जाता है। और कभी - कभी सो भी जाता है।
  • बच्चे मालिश करवाना पसंद करते हैं क्योंकि इससे बच्चे की थकान उतर जाती है और उसे नींद आ जाती है। बच्चे को आपने मालिश का समय पता होता है, देर होने पर रोना शुरू कर देते हैं।
  • मालिश के थोड़ी देर बाद बच्चे को एक गुनगुना स्नान दें। गुनगुने पानी से नहलाने से आपका बच्चा ताजगी महसूस करेगा और रोना बंद कर देगा। 

यदि इतना सब करने के बाद भी आपका बच्चा शांत नहीं हो रहा है तो आप घर के किसी बुज़ुर्ग कि मदद ले या उसे डॉक्टर के पास ले जाएँ।

Video: रोते बच्चों को कैसे शांत करें - Best ways to calm crying baby

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