
प्रत्येक बच्चे के अंदर पानी की मात्रा 75-78% होती हैं परन्तु प्रतियेक वर्ष गर्मियों के दिनों में पानी की यह मात्रा घट कर 65% तक रह जाती है। ऐसा इसलिए क्यूंकि जब तक बच्चा माँ के दूध पर आश्रित रहता हैं उसके अंदर पानी की यह मात्रा विद्यमान रहती हैं। मगर बाद में जब ठोस आहार शुरू होता है तो पानी की मात्रा शरीर में कम हो जाती है। पानी का संतुलन बनाये रखने के लिए बच्चे को तरल पदार्थ या पानी की मात्रा अलग से देना पड़ता हैं।
इस लेख में आप सीखेंगे - You will read in this article
- ~~~#1^^^डिहाइड्रेशन क्या है? @@@
- ~~~#2^^^डिहाइड्रेशन कैलकुलेटर@@@
- ~~~#3^^^बच्चों में डिहाइड्रेशन की समस्या@@@
- ~~~#4^^^बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण @@@
- ~~~#5^^^बच्चों में डिहाइड्रेशन होने के कारण@@@
- ~~~#6^^^खेल-कूद करने वाले बच्चों को पानी की कितनी आवश्यकता है@@@
- ~~~#7^^^बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के उपाए @@@
- ~~~#8^^^ध्यान देने योग्य बातें@@@
- ~~~#9^^^Video: गर्मियों में डिहाइड्रेशन से कैसे बचे@@@
anchorlink[1]anchorclose डिहाइड्रेशन क्या है?
पानी का यह संतुलन अगर न बनाया जाये तो बच्चा अस्वस्थ हो जायेगा। इसी स्तिथि को डिहाइड्रेशन कहते हैं। गर्मियों में बच्चे को डिहाइड्रेशन का शिकार होने से बचने के लिए, उसे थोड़े-थोड़े समय पर, पुरे दिन तरल पदार्थ या पानी देते रहना पड़ेगा।
anchorlink[2]anchorclose डिहाइड्रेशन कैलकुलेटर - Dehydration Calculator (calculate water requirement in your body)
anchorlink[3]anchorclose बच्चों में डिहाइड्रेशन की समस्या
इस कारण से बच्चे के शरीर में जितने तरल पदार्थ की आवश्यकता होती है, उतना वह स्थिर नहीं रह पाता। इसी स्थिति को डिहाइड्रेशन अथवा निर्जलीकरण कहते हैं। डिहाइड्रेशन की वजह से शरीर की पाचन- क्रिया सही तरह से काम नहीं कर पाती, जिसकी वजह से बच्चे को लगातार उल्टी और दस्त होना शुरु हो जाता है। लगातार उल्टी और दस्त की वजह से बच्चा कमजोर हो जाता हैं और बार- बार पानी पीने को मांगता हैं क्योकिं अंदर से बच्चे का गला सूखता रहता हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर प्यास अधिक लगती हैं परन्तु बार- बार पानी पीने पर बच्चा उससे पचा नहीं पता हैं।
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anchorlink[4]anchorclose बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण
- अत्यधिक प्यास लगना।
- मुँह सूख जाना।
- कम और रुक-रुक कर पीले रंग का पेशाब आना।
- थकान होना।
- अत्यधिक नींद आना।
- आँखों से पानी निकलना या आंखें निस्तेज हो जाना।
- सिर में दर्द होना।
- त्वचा में रूखापन और खिंचाव होना।
- आलस्य महसूस करना।
- कमजोरी की वजह से बीपी लो हो जाना और चक्कर आना।
- नाड़ी की गति तेज होना।
- बुखार हो जाना।
- कुछ भी ना पचना।
- लगातार उलटी - दस्त होना।

anchorlink[5]anchorclose बच्चों में डिहाइड्रेशन होने के कारण
- बच्चे के शरीर के लिए जरुरत के अनुसार तरल पदार्थो और खाद्य पदार्थ का ना होना।
- धूप लग जाना।
- अत्यधिक पसीना निकलने के कारण।
- अत्यधिक गरम वातावरण में रहने के कारण।
- उल्टी और दस्त होने के कारण।
- अत्यधिक पेशाब होने की वजह से।
- पानी के संक्रमण की वजह से।
- त्वचा हुए किसी संक्रमण की वजह से।
- बहुत समय तक बिना पानी पिए हुए रहने से।
- धूप में बहुत देर तक खेलते रहने की वजह से।
- पोटैशियम और सोडियम जैसे तत्वों की कमी होने की वजह से।
anchorlink[6]anchorclose खेल-कूद करने वाले बच्चों को पानी की कितनी आवश्यकता है

anchorlink[7]anchorclose बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के उपाए
- अपने बच्चे को डिहाइड्रेशन से बचाने का सबसे आसान तरीका यह हैं की उसे खूब सारा पानी पिलाए। पूरे दिन भर में थोड़ा रुक -रुक कर पानी पिलाए।
- पानी में इलेक्ट्रॉल पाउडर मिलकर थोड़ी- थोड़ी देर पिलाए।
- अधिक कमजोरी महसूस होने पर पानी में नीबू, नमक और चीनी मिलाकर अपने बच्चे को पिलाए।
- मुंग की दाल की पतली खिचड़ी बनाकर खिलाये।
- साबूदाने का पानी या उसकी खिचड़ी बनाकर अपने बच्चे को खिलाये।
- हरी मिर्च के बीज़पानी में मिलाकर या खिचड़ी में मिलाकर बच्चे को दें।हरी मिर्च उलटी रोकने का एक कारगर तरीका हैं।
- बच्चे को सब्जियों का सूप बनाकर पिलाएं।
- दूध का प्रयोग कम मात्रा में करें।
- बच्चे को खीरा , ककड़ी, तरबूज़ आदि का सेवन करवाएं।
- हरी सब्जियों का प्रयोग अधिक मात्रा में करें जिससे आपके बच्चे के शरीर को पोषण मिलेगा और डीहाइड्रेशन जैसी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
- गर्मी शुरू होते ही अपने बच्चे को रोज़ ताज़ी दही खिलाये इससे पाचन- तंत्र भी ठीक रहेगा और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से भी निजात मिलेगी।
- दही का छाछ और मठा भी बच्चे को पिला सकती हैं।
- पुदीने का रस भी बच्चे को पिला सकती हैं।
- आम को उबाल कर उसका शरबत पिलाने से भी आराम मिलता हैं।आम के शरबत में जिंक और विटामिन भरपूर मात्रा में होता हैं। यह इलेक्ट्रोलाइट्स और जल की मात्रा को नियंत्रित रखता है जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या से छुटकारा मिलता हैं।
- उबले आम के गूदे को बच्चे के हाथ- पैर के तलवे में लगाने से , धूप लगी हो तो उसमें आराम मिलता हैं।
- गर्मी की वजह से बुखार आने पर बच्चे के माथे पर भी उबले आम का गूदा लगाया जा सकता हैं।

anchorlink[8]anchorclose ध्यान देने योग्य बातें
- डीहाइड्रेशन से अपने बच्चे को बचाने के लिए रोजाना गन्ने के जूस में पुदीना मिलाकर पिलाएं।
- नारियल का पानी पिलाना डिहाइड्रेशन से बच्चे को बचाने का अच्छा विकल्प हैं।
- उलटी और दस्त अधिक होने पर बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।उसके इलाज़ में बिलकुल भी लापरवाही ना बरते। डॉक्टर यदि ड्रिप चढ़ाने को कहे तो उसमें देर ना करें।
anchorlink[9]anchorclose Video: गर्मियों में डिहाइड्रेशन से कैसे बचे - How to prevent dehydration in hot scorching summer?
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