आहार जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ाते हैं

ये आहार माइग्रेन के दर्द को बढ़ाते करते हैं। अगर माइग्रेन है तो इन आहारों को न खाएं और न ही किसी ऐसे व्यक्ति को इन आहारों को खाने के लिए दें जिसे माइग्रेन हैं। इस लेख में हम आप को जिन आहारों को माइग्रेन के दौरान खाने से बचने की सलाह दे रहे हैं - आप ने अनुभव किया होगा की जब भी आप इन आहारों को कहते हैं तो 20 से 25 minutes के अंदर सर दर्द का अनुभव होने लगता है। पढ़िए इस लेख में विस्तार से और माइग्रेन के दर्द के दर्द से पाइये छुटकारा।

हमारी खराब जीवन शैली की वजह से आज माइग्रेन एक आम बीमारी बन गई है।  माइग्रेन के शिकार लोग हफ्ते में एक बार या दो बार इसका सामना जरूर करते हैं।  कुछ लोगों को माइग्रेन उनके मां बाप से विरासत में मिलती है। माइग्रेन में सर में बहुत ही तीव्र दर्द होता है। माइग्रेन में सर दर्द थोड़ा अलग प्रकार का होता है।  इस सिर के किसी एक हिस्से में ही दर्द होता है। इसकी वजह से चक्कर उल्टी और थकान का सामना भी करना पड़ता है।

ये आहार माइग्रेन के दर्द को बढ़ाते हैं

  • अल्कोहल (रेड वाइन, बीयर, व्हिस्की, स्कॉच और शैंपेन सबसे अधिक पहचाने जाने वाले सिरदर्द ट्रिगर हैं)
  • मूंगफली, मूंगफली का मक्खन, बादाम, और अन्य नट और बीज
  • पिज्जा या टमाटर आधारित अन्य उत्पाद
  • आलू के चिप वाले उत्पाद
  • चिकन, लीवर और अन्य तरह के मांस
  • स्मोक्ड या सूखी मछली
  • मसालेदार भोजन और अचार
  • डबलरोटी, ब्रेड और ताजा बेक्ड खमीर का सामान जैसे डोनट्स, केक, घर का बना ब्रेड और रोल
  • पनीर
  • दाल, और सूखे बीन्स और मटर सहित अधिकांश बीन्स
  • प्याज, लहसुन
  • avocados
  • पके केले, खट्टे फल, पपीता, लाल आलूबुखारे, रसभरी, कीवी, और अनानास सहित कुछ ताजे फल
  • सूखे मेवे (अंजीर, किशमिश, खजूर)
  • एमएसजी (अजीनोमोटो) तथा preservatives 
  • डिब्बाबंद सूप
  • डेयरी के उत्पाद, खट्टा क्रीम, छाछ, दही
  • चॉकलेट
  • कॉफी, चाय और कोला सहित कैफीन युक्त पेय
  • एस्पार्टेम और अन्य कृत्रिम मिठास
  • नाइट्रेट / नाइट्राइट युक्त मीट जिसमें हॉट डॉग, सॉसेज, बेकन, लंचमीट्स / डेली मीट, पेपरोनी, अन्य ठीक या प्रोसेस्ड मीट शामिल हैं।
  • मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) जिसमें सोया सॉस, मीट टेंडराइज़र, एशियाई खाद्य पदार्थ और कई प्रकार के पैकेज्ड खाद्य पदार्थ शामिल हैं। एमएसजी एक अक्सर प्रच्छन्न घटक है; इन सामान्य उपनामों की भी तलाश करें: मोनोपोटेशियम ग्लूटामेट, ऑटोलिस्ड यीस्ट, हाइड्रोलाइज्ड प्रोटीन, सोडियम कैसिनेट

आहार के द्वारा माइग्रेन का दर्द होना कितना आम बात है?

लगभग 20% सिरदर्द रोगियों को खाद्य संवेदनशील माना जाता है। यानि की माइग्रेन के दर्द से पीड़ित 20% लोगों में यह पाया गया है की जब वे ऊपर दिए आहार कहते हैं तो उन्हें माइग्रेन के दर्द का सामना करना पड़ता है।


कैसे पता लगाएं की किस आहार के द्वारा आप को माइग्रेन का दर्द होता है। 

यह पता लगाने के लिए की कौन से आहार आप में सिरदर्द ट्रिगर करते हैं, विशेषज्ञ सभी खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों को ट्रैक करने की सलाह देते हैं जो आप हरदिन कहती हैं - इसकी सूचि त्यार करने के लिए आप डायरी का इस्तेमाल कर सकती हैं। आप अपने आप को एक निश्चित भोजन या पेय के प्रति संवेदनशील मान सकती हैं यदि उस भोजन को खाने के 20 मिनट से 2 घंटे बाद आप को सिरदर्द होने लगे। 

माइग्रेन  के दर्द से किस तरह बचें 

माइग्रेन के दर्द से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप  आहारों को पहचाने  जिनकी वजह से आपको सर का दर्द होता है।  अनेक प्रकार के आहारों में कई तरह के केमिकल पाए जाते हैं।  कई बार ये केमिकल भी माइग्रेन का कारण बनते हैं। यहां पर एक बात समझने की आवश्यकता है कि कई बार माइग्रेन का दर्द ऐसी आहार या  ड्रिंक या तरल आहार के द्वारा भी हो सकता है जिनका सेवन आपने कई घंटों पहले किया हो या कुछ दिनों पहले किया हो।  आहार के अलावा और भी बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से सर में माइग्रेन का दर्द उभर सकता है। 

माइग्रेन के दर्द से बचने के उपायों को भी आपको इस्तेमाल करना चाहिए।  उदाहरण के लिए अगर आपके परिवार में माइग्रेन के दर्द का इतिहास है जैसे कि आप की मां या आपके पिताजी को भी माइग्रेन की समस्या थी तो आपको माइग्रेन के दर्द से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।  दैनिक जीवन में थोड़ा सा बदलाव लाकर भी आप माइग्रेन की समस्या से निजात पा सकती है -  मसलन:

  • हर दिन पर्याप्त मात्रा में सोएं 
  • दिन भर खूब पानी पियें 
  • शारीरिक रूप से क्रियाशील बनी रहे और हर दिन एक्सरसाइज करें
  • जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया, उन आहार के सेवन से दूर रहें जिनसे माइग्रेन होने की संभावना रहती है। 
  • अपने आहार में सभी प्रकार की फल और सब्जियों को सम्मिलित करें ताकि आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में  सभी जरूरी पोषक तत्व  मिल सके। 
  •  डिब्बाबंद आहार और  फ़ास्ट फ़ूड से दूर रहे। 
  • उपवास करने से बचें और किसी भी वक्त के आहार को ना छोड़ें चाहे वह नाश्ता हो या दोपहर का खाना या फिर रात का डिनर।