Category: टीकाकरण (vaccination)

शिशु को 9 महीने की उम्र में लगाये जाने वाले टीके

By: Salan Khalkho | 2 min read

शिशु के नौ महीने पुरे होने पे केवल दो ही टीके लगाने की आवश्यकता है - खसरे का टीका और पोलियो का टिका। हर साल भारत में 27 लाख बच्चे खसरे के संक्रमण के शिकार होते है। भारत में शिशु मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण खसरा है।

शिशु को 9 महीने की उम्र में लगाये जाने वाले टीके पोलियो वैक्सीन (OPV) टीका

बधाई हो आप को :)

आप के शिशु के नौ महीने पुरे कर लिए हैं!

यह समय बहुत ही खुशियां देने वाला होता है। 

अब आप का शिशु इतना बड़ा हो गया है की आप को अपनी नटखट हरकतों के दुवारा दिन भर व्यस्त रख सके। 

यह समय है जब आप का शिशु बहुत तेजी से विकास कर रहा होता है। लेकिन ये वो समय भी है जब उसे 9 महीने पुरे होने पे कुछ अनिवार्य टिके लगाए जाएँ। 

अगर आप के शिशु को सारे टिके समय पे लगे - तो वो कई प्रकार के गंभीर बीमारियोँ से सुरक्षित रहेगा। 

चलिए देखते हैं की अब जब आप का बच्चा नौ महीने पुरे कर लिए है तो उसे कौन - कौन से महत्वपूर्ण टिके लगने चाहिए। 

शिशु को 9 महीने की उम्र में लगाये जाने वाले टीके:

  • खसरे का टीका
  • मुँह में लिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन – चौथी खुराक

खसरे का टीका

शिशु में खसरे की बीमारी बहुत ही गंभीर और जान लेवा हो सकती है। चिंताजनक बात यह है की यह आसानी से फैलती है और छोटे बच्चे इसके आसान शिकार हैं। हर साल भारत में 27 लाख बच्चे खसरे के संक्रमण के शिकार होते है। भारत में शिशु मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण खसरा है। इस बात से आप यह समझ सकते हैं की आप के शिशु के लिए खसरे का टीका कितना महत्वपूर्ण है। खसरा केवल संक्रामक बीमारी ही नहीं है वरन यह एक contagious बीमारी भी है जिसका मतलब है की अगर आप खसरे से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आप को भी संक्रमण लगने का खतरा बन जाता है। खसरा बड़े ही आसानी से एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में हवा से ही फ़ैल जाता है।  

मुँह में लिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन – चौथी खुराक

मुँह में दिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन (OPV) टीका शिशु के शारीर में एंटीबाडीज (antibodies) का निर्माण करता है। OPV टीका के द्वारा शिशु के शारीर में पैदा हुए एंटीबाडीज (antibodies), शिशु को पोलियो के वायरस से बचाते हैं। पोलियो का वायरस शिशु के nervous system पे आक्रमण करता है और शारीर को लकवा ग्रस्त कर देता है। लेकिन जिन बच्चों को मुँह में दिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन (OPV) दिया जाता है - उन बच्चों में पोलियो के वायरस से लड़ने के लिए  एंटीबाडीज (antibodies) पैदा हो जाता है और शिशु पोलियो के वायरस से सुरक्षित हो जाता है। 

शिशु के  नौ महीने पुरे होने पे केवल दो ही टीके लगाने की आवश्यकता है। 

आप समय निकलकर अपने बच्चे को खसरे का टीका और पोलियो का टिका अवश्य लगवाएं। इस संसार में आप के शिशु से बढ़ कर और कुछ भी आवश्यक काम नहीं है। आखिर आप अपने जिंदगी में जो भी कर रहें हैं वो अपन शिशु के लिए ही तो कर रहें हैं। 

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