Category: शिशु रोग

15 आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे शिशु की खांसी की अचूक दवा - Complete Guide

Published:09 Nov, 2017     By: Salan Khalkho     12 min read

सर्दी के मौसम में बच्चों का बीमार होना स्वाभाविक है। सर्दी और जुकाम के घरेलु उपचार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी यहाँ प्राप्त करें ताकि अगर आप का शिशु बीमार पड़ जाये तो आप तुरंत घर पे आसानी से उपलब्ध सामग्री से अपने बच्चे को सर्दी, जुकाम और बंद नाक की समस्या से छुटकारा दिला सकें। आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे शिशु की खांसी की अचूक दवा है।


शिशु की सर्दी-खाँसी को दूर करे ये घरेलू इलाज - सम्पूर्ण जानकारी - Complete Guide to cure cold and cough in children

छोटे बच्चे सर्दी और जुकाम की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। 

इसके तीन मुख्या कारण है: 

  • पहला - बच्चों का रोगप्रतिरोधक तंत्र (immune system) इतना विकसित नहीं होता है की शरीर को बीमारियोँ से बचा सके। 
  • दूसरा -  बच्चे किसी की नहीं सुनते। बच्चों पर से जरा सा ध्यान हटा नहीं की वे पानी में खेलना शुरू कर देंगे, ठंडी जमीन पे लेट जायेंगे, नंगे पैर दौड़ेंगे, धूल-धकड़ में खेलेंगे। आप ही बताइये की ऐसे मैं क्या बच्चे बीमार नहीं पड़ेंगे?
  • तीसरा - बच्चों का शरीर इतना सक्षम नहीं होता है की वो अपने शरीर का तापमान पूरी दक्षता के साथ नियंत्रित कर सके। 

इस लेख में आप पढ़ेंगी वो सारे घरेलु नुस्के जो आप के शिशु को सर्दी, जुकाम, नाक बंद, और बुखार से रहत पहुंचा सकते हैं। सर्दी और जुकाम को ठीक करने के घरेलु नुस्के में इस्तेमाल की जाने वाली सारी सामग्री आप को अपने रसोई (kitchen) में आसानी से मिल जाएँगी। आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे शिशु की खांसी की अचूक दवा है - वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट्स (side effects) के।

ठंडी के दिनों में यह जरुरी है की बच्चों पे विशेष ध्यान दिया जाये। उन्हें बड़ों की तुलना में एक लेयर (extra layer) कपडे ज्यादा पहनाएं, जाड़े में घर के अंदर रखें ताकि सर्द हवा से बच सके, पैरों में हर वक्त जूते पहना के रखें। इसके आलावा आप को अपनी समझ और सूझ-बुझ से इस बात का ख्याल रखना है की बच्चे को किसी भी तरह ठंडी न लगे। 

जब बच्चों को जुकाम हो जाता है तो फिर उनके लिए तो परेशानी है ही, - यह पुरे घर के लिए भी परेशानी का सबब बन जाता है।

जुकाम होने पे बच्चे ना तो स्तनपान कर पाते हैं, ना ही आहार ग्रहण कर पाते हैं तो ना ही रात को ठीक से सो पाते हैं। 

जुकाम बढ़ जाने पे बच्चों को बंद नाक की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। घर में अगर छोटे बच्चे हैं तो आप पाएंगे की रात को सोते समय उन्हें दिन की उपेक्षा ज्यादा खांसी आती है और बंद नाक की समस्या उनमे ज्यादा विकराल होती है।

अधकांश बच्चे तो रात को सोते से उठ कर रोने लगते हैं और रोते रोते उलटी भी कर देते हैं। अगर सूझ-बूझ से काम ना लिए जाये तो बच्चे को सर्दी और जुकाम के कारण कुपोषण भी हो सकता है। आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे शिशु की खांसी की अचूक दवा - Complete Guide

सर्दी और जुकाम में शिशु के लिए घरेलु इलाज

इस लेख में आप पढ़ेंगी:

  1. शिशु में सर्दी, जुकाम और बुखार के आम लक्षण:
  2. शिशु में सर्दी, जुकाम और बुखार के गंभीर लक्षण
  3. सर्दी, जुकाम और बुखार को दूर करने के घरेलु उपाय
  4. हल्दी - Turmeric
  5. शिशु को भाप दें
  6. शिशु को हर थोड़ी देर पे स्तनपान कराएँ
  7. अजवाइन
  8. गर्म सूप (Soup)
  9. अदरक (ginger)
  10. तुलसी के पत्ते का काढ़ा
  11. लहसून (garlic)
  12. गुड़, काली मिर्च और जीरा
  13. नीबू और शहद का मिश्रण
  14. पानी और रसदार आहार
  15. शिशु को डॉक्टर के पास लेके जाएँ

शिशु को सर्दी, जुकाम और बुखार (common cold) होने पे उनमें निम्न लक्षण दिखेंगे:

  • शिशु के शरीर का तापमान 101 डिग्री फारेनहाइट (101 F)
  • शिशु के आखों में लालीपन
  • खांसने की वजह से गले में खराश
  • शिशु को जबड़ों और कान के दर्द की शिकायत 
  • शिशु का नाक बंद होना या निरंतर बहना
  • शिशु को उलटी होना
  • शिशु को भूख ना लगना
  • शिशु में चिड़चिड़ापन और बेचैनी 

शिशु को सर्दी, जुकाम और बुखार (common cold) के आम लक्षण

शिशु में सर्दी, जुकाम और बुखार (common cold) के गंभीर लक्षण 

  • अगर शिशु के शरीर का तापमान बुखार की वजह से 101 डिग्री फारेनहाइट (101 F) तक या उससे ऊपर पहुँच जाते तो तुरंत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें ताकि आप के बच्चे का समय पे इलाज हो सके। 
  • अगर शिशु जबड़ों और कान में दर्द की शिकायत करे तो भी उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेके जाएँ। 

शिशु में सर्दी, जुकाम और बुखार (common cold) के गंभीर लक्षण

शिशु में सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षणों को दूर करने के घरेलु उपाय

हल्दी - Turmeric

पिछले कई सॉ सालो से सर्दी और जुकाम के इलाज में हल्दी का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिशु पे इसका कोई भी बुरा प्रभाव (side effect) नहीं पड़ता है। सर्दी और जुकाम में हल्दी को इस्तेमाल करने का तरीका

हल्दी - Turmeric in cold and cough and nose congestion

  • नवजात शिशु: अगर आप का शिशु छह महीने से छोटा है तो उसे स्तनपान के आलावा या फार्मूला दूध के आलावा कुछ भी ना दें। हल्दी से नवजात शिशु का इलाज करने के लिए आप अपने शिशु को स्तनपान करने से पहले अपने स्तन पे जरा सा हल्दी पाउडर लगा लें। इससे शिशु जब स्तनपान करेगा तो उसके शरीर को हल्दी भी मिल जाएगी। 
  • छह महीने से बड़े बच्चे: बच्चे जब तक की एक साल के ना हो जायें उसके स्तनपान करना ना छोड़िये। छह महीने से बड़े बच्चों में ठोस आहार की शुरुआत कर देनी चाहिए - मगर स्तनपान या बोतल का दूध जारी रखना चाहिए। एक साल से छोटे बच्चों का मुख्या आहार दूध ही होना चाहिए। अगर आप अपने बच्चे को बोतल से दूध पीला रही हैं तो शिशु के लिए दूध बनाते वक्त दूध की बोतल में एक चुटकी हल्दी मिला दें। 
  • बड़े बच्चे - Toddlers: अगर आप का बच्चा इतना बड़ा हो गया है की बिना किसी मदद के खुद ही दूध पी सके तो उसे रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध में हल्दी मिलाके दे दें। इससे बच्चे को सर्दी और जुकाम मैं बहुत राहत मिलेगी। 

शिशु को भाप दें 

शिशु को सर्दी और जुकाम में भाप दिलाना बहुत फायदेमंद है। साँस के दुवारा भाप अंदर लेने से नाक और छाती में जमा कफ (mucus) ढीला पद जाता है और आसानी से बहार आ जाता है। शिशु को भाप दिलाने के लिए बहुत से तरीके हैं। 

शिशु को गरम पानी का भाप दें

  • शिशु को ह्यूमिडिफायर (Humidifier) की सहायता से भाप दिलाएं
  • अगर घर पे ह्यूमिडिफायर (Humidifier) नहीं है तो आप स्नान घर के दरवाजे बंद करके कुछ देर के लिए गरम पानी वाला नल चला दें। जब स्नान घर पानी के भाप से भर जाये तब आप अपने बच्चे को लेके पंद्रह मिनट के लिए अंदर बैठजाएँ। 
  • गरम पानी से भाप - आप शिशु को गरम पानी का भाप भी दे सकती हैं। इसके लिए जब शिशु सो जाये तो एक डेकची में गरम पानी लेलें। बिस्तर पे जहाँ आप का बच्चा सोया है, आप वहां बैठ जाएँ। बच्चे से एक फ़ीट की दुरी पे गरम पानी का डेकची रखें। अब आप बैठे हुए स्थिति में तरह से कम्बल को ओढ़ लें की शिशु और पानी का डेकची भी कम्बल के अंदर समां जाये। इससे तरह से कम्बल के अंदर भाप भर जाएगी और शिशु साँस के जरिये भाप अंदर ले सकेगा। इस तरह से जब आप अपने शिशु को भाप दिलाने की कोशिश करें तो अकेले ना करें। घर में किसी दुसरे बड़े की सहायता ले लें। 

शिशु को गरम पानी का भाप दें

साँस के दुवारा भाप अंदर लेने से शिशु का फेफड़ा साफ़ हो जायेगा और बंद नाक थता खांसी की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। जिस तरह बड़े भाप लेते हैं, उस तरह बच्चों को भाप न दिलाये। बच्चों के चेहरे की त्वचा बहुत नाजुक होती है और गर्म भाप से जल भी सकती है। दिन में दो बार भाप दिलाने से बच्चे को सर्दी और जुखाम से जल्द राहत मिलेगी। 

शिशु को हर थोड़ी देर पे स्तनपान कराएँ 

शिशु को हर थोड़ी देर पे स्तनपान कराएँ keep breastfeeding your child to cure cold and cough

शिशु के शरीर में रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) पूरी तरह विकसित नहीं होती है। इस वजह से बच्चे आसानी से संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। जो बच्चे स्तनपान करते हैं, वो बच्चे दुसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योँकि उन्हें माँ के शरीर में मौजूद एंटीबाडी स्तनपान के जरिये मिल जाती है। माँ से मिलने वाले ये एंटीबाडी जुकाम के संक्रमण के साथ मुकाबला करते हैं और शिशु को स्वस्थ रखते हैं। कहने का तात्पर्य यह है की अपने बच्चे को कम-से-कम एक साल तक की उम्र तक स्तनपान कराते रहें ताकि आप का शिशु रहे स्वस्थ। 

अजवाइन

अजवाइन में जीवाणु प्रतिरोधक गुण है जिस वजह से यह सर्दी और खांसी के संक्रमण से शिशु को बचाने में सक्षम है। एक रूमाल में थोड़ा सा अजवाइन बंद लें और पोटली की तरह बना लें। गरम तवे पे इसे सेंक लें। अजवाइन की पोटली बहुत जयादा गरम ना हो - शिशु की त्वचा बहुत कोमल होती है और जल सकती है। अब अजवाइन की पोटली से शिशु की छाती को सकें। 

Ajwain अजवाइन दिलाये राहत सर्दी और जुकाम से

शिशु के छाती को सेकने के लिए उसके कपडे ना उतारने, बल्कि उसे कपडे के अंदर हाथ डाल के उसके छाती को सकें। इस प्रक्रिया को दो से तीन दिनों तक दोहराने से शिशु को जुकाम मैं बहुत राहत मिलेगा। 

अजवाइन का गंध/महक बलगम (mucus) को दूर करने में कारगर है। बच्चों को जुकाम में सरसों के तेल में अजवाइन मिलाके मालिश करने से भी बहुत आराम मिलता है। 

Ajwain अजवाइन दिलाये राहत सर्दी और जुकाम से

मालिश करने के लिए आप तेल इस तरह त्यार कर सकती है। एक कटोरी में थोड़ा सा तेल लें और हलके आंच में गर्म कर लें। जब सरसों का तेल गरम हो जाये तब उसमे अजवाइन की थोड़ी से मात्रा मिला दें। 

अजवाइन और सरसों के तेल से बच्चे की हथेली, छाती, पैर और पूरे बदन में मालिश करने से बच्चे को जुकाम में बहुत राहत मिलता है। 

गर्म सूप (Soup)

अगर शिशु छह महीने से बड़ा हो गया है तो आप उसे स्तनपान के साथ-साथ ठोस आहार भी दे सकती हैं। सर्दी और जुकाम में सबसे बेहतर आहार है - सब्जियों का सूप। अगर आप के बचे को जुकाम है और नाक भी बंद है तो आप अपने बच्चे को गर्म सूप पिला सकती हैं। 

गर्म सूप (Soup) शिशु की सर्दी को दूर करे

गर्म सूप (Soup) ना केवल जुकाम में राहत पहुंचता, बंद नाक खोलने में मदद करता है, बल्कि इसके साथ-साथ शिशु की रोग प्रतिरक्षा तंत्र (immune system) को मजबूत भी बनता है और शरीर को तंदरूस्त भी रखता है। 

अदरक (ginger)

सर्दी और जुकाम को दूर करने में अदरक बहुत ही प्रभावी घरेलु नुस्खा है। इसे भारत में सदियोँ से आजमाएगा है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने सर्दी और जुकाम में अदरक की चाय ना पी हो। 

लेकिन हम यहां अदरक का जिक्र इस लिए नहीं कर रहे हैं की आप अपने शिशु को अदरक की चाय पिलायें - बिलकुल नहीं। छोटे बच्चों को चाय बिलकुल पिने को ना दें। 

अदरक (ginger) is effective in cold and cough

बच्चों की सर्दी और जुकाम को दूर करने के लिए 6 कप पानी में आधा कप बारीक कटा हुआ अदरक ले लें। अब इसमें दालचीनी के दो छोटे टुकड़े। इस मिश्रण को 20 मिनट तक धीमी आंच पे पकने दें। इससे अदरक का काढ़ा त्यार हो जायेगा। 

बीस मिनट तकपकने के बाद गैस को बंद कर दें और इस मिश्रण (अदरक का काढ़ा) को  ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब ठंडा हो जाये तो चाय छन्नी की सहायता से छान लें और इसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच चीनी या मिश्री मिला के एक साफ़ बोतल में रख लें। 

अदरक और दालचीनी भगाए सर्दी और जुकाम

शिशु को सर्दी और जुकाम में दिन में तीन बार एक-एक चम्मच पिलायें। इससे शिशु को बंद नाक या गले की खराश में रहत मिलेगी। शिशु को रात में सोने से पहले पिलाने से उसे नींद भी अच्छी आएगी और जुकाम भी कम होगा। 

तुलसी के पत्ते का काढ़ा

अगर आप के शिशु की उम्र एक साल से अधिक है तो आप अपने शिशु को सर्दी और जुकाम में तुलसी के पत्ते का काढ़ा भी पीला सकती हैं। 

अदरक की तरह, तुलसी के पत्ते भी सर्दी और जुकाम को दूर करने में बहुत प्रभावी हैं। अच्छी बात तो यह है की अदरक की तरह तुलसी के पत्ते भी आसानी से हर भारतीय घरों में मिल जाते हैं। 

तुलसी के पत्ते का काढ़ा आहत पहुचाये शिशु को सर्दी और जुकाम से

तुलसी के पत्तों में जीवाणु प्रतिरोधक (anti bacterial) गुण होते हैं जिस वजह से यह शिशु को जुकाम से बचाता है। तुलसी के पत्ते का काढ़ा त्यार करने के लिए एक डेकची में एक लीटर पानी उबालें। 

इस में तुलसी के पच्चीस से तीस ताजा और साफ पत्तों को डालें। इसमें दस से बारह पीसी हुई काली मिर्च डालें, दो तेजपत्ता, आधा चम्मच पीसा हुआ अदरक, दो से तीन दालचीनी के छोटे टुकड़े, चार से पाँच लौंग डालकर उबालें। 

तुलसी के पत्तों में जीवाणु प्रतिरोधक (anti bacterial) गुण

इस मिश्रण को तबतक उबालें जब ताकि बर्तन का पानी घट के आधा ना हो जाये। इस तरह त्यार हुए  तुलसी के पत्ते के काढ़े  को छान लें और इसमें हर आधे कप काढ़े में दो चम्मच शहद के हिसाब से शहद मिला के दिन में दो से तीन बार अपने बच्चे को पिलायें। 

इससे बच्चे की खांसी ठीक होती है, छाती में जमा बलगम समाप्त होता है और बच्चे की बंद नाक की समस्या भी ख़तम होती है। 

लहसून (garlic)

शिशु को लहसून का तेल लगाने से सर्दी और जुकाम में आराम मिलता है। लहसून का तेल त्यार करने के लिए एक कटोरी में तीन चम्मच सरसों का तेल लें, उसमे लहस्सों की दो से तीन कलियाँ डाल के गरम करें।

लहसून (garlic) keeps cold and cough away सर्दी, जुकाम, खांसी, बंद नाक और कफ शिशु में

जब लहसून हल्का सा भू जाये तो आंच बंद कर दें और तेल को ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब तेल ठंडा हो जाये तो उस तेल से बच्चे की छाती, हथेली और नाक पे हलके घंटों से मालिश करें। इससे बच्चे को बहुत आराम मिलेगा और खांसी की समस्या से भी निजात। 

लहसून (garlic) keeps cold and cough away

गुड़, काली मिर्च और जीरा

यह भी बहुत प्रभावी तरीका है शिशु की खांसी को दूर करने का। लेकिन ये तरीका केवल तीन साल से बड़े बच्चों के लिए है। 

काली मिर्च दे राहत सर्दी और जुकाम मैं

इसे त्यार करने के लिए एक गिलास गरम पानी में आधा चम्मच पिसा हुआ कला मिर्च, आधा चम्मच पिसा हुआ जीरा, और एक चम्मच गुड़ मिला के मिश्रण त्यार कर लें। 

इसके सेवन से शिशु की सर्दी और जुकाम की समस्या दूर होती है। यह मिश्रण छाती में जमे बलगम को भी दूर करता है। 

जीरा दे राहत सर्दी और जुकाम मैं

मगर एक बात का ध्यान रखें - इस मिश्रण में काली मिर्च का इस्तेमाल हुआ है इसलिए पहली बार शिशु को इस मिश्रण का केवल थोड़ी से मात्रा ही दें। 

अगर शिशु को अगले दिन कोई समस्या न हो तो आप अगले दिन से शिशु में सर्दी और जुकाम का इलाज करने के लिए इस मिश्रण का इस्तेमाल कर सकती हैं। 

गुड़ दे राहत सर्दी और जुकाम मैं

लेकिन अगर इस मिश्रण की वजह से शिशु के पेट में दर्द या ऐठन हो तो बच्चे को यह मिश्रण दुबारा न दें। 

नीबू और शहद का मिश्रण

सर्दी और खांसी की समस्या से शिशु को निजात दिलाने के लिए आप शिशु को नीबू के रस में शहद मिला के भी दे सकती हैं। नीबू के रस में विटामिन सी (Vitamin C) की मात्रा प्रचुर मात्रा मैं होती है। 

विटामिन सी (Vitamin C) शिशु के शरीर को जुकाम के संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनाता है। शहद गले के खराश और सूजन को दूर करता है, नाक और छाती में जमे कफ/बलगम को ख़त्म करता है और बंद नाक से राहत दिलाता है। 

नीबू और शहद का मिश्रण शिशु के सर्दी खांसी और जुकाम में

इसे त्यार करने के लिए एक चम्मच में नीबू का रस गार लें। इसमें आधा चम्मच शहद मिला दें। इसे बच्चे को दें। 

अगर आप का बच्चा एक साल का है तो इस दशा में आधे ग्लास पानी में आधा नीबू निचोड़ दें। अब इसमें आधा चम्मच शहद मिला के शिशु को पिलायें। 

पानी और रसदार आहार

सर्दी और जुकाम में शिशु रोग विशेषज्ञ बच्चों को खूब सारा पानी पिने की सलाह देते हैं। पानी शरीर को संक्रमण से लड़ने में तीन तरह से सहायता करता है। 

  • पहला यह की यह नाक और छाती में जमे कफ/बलगम को पतला करता है जिस वजह से बच्चे की नाक साफ होती है।
  • दूसरा यह की यह शरीर को जुकाम के संक्रमण से लड़ने में सहायता करता है।
  • तीसरा यह की यह शरीर में मौजूद संक्रमण के जीवाणुओं को मूत्र के रास्ते शरीर से बहार करता है। 

पानी और रसदार आहार कम करे सर्दी और जुकाम

ठण्ड के दिनों में बच्चे को पानी हल्का गरम कर के पिलायें। बच्चे को ठंडा पानी पिलाने से उसकी खांसी और जुकाम और बढ़ जाएगी। 

आप बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने के लिए उसे तरल आहार भी दे सकती हैं जैसे की सूप। 

शिशु को डॉक्टर के पास लेके जाएँ

शिशु को डॉक्टर के पास लेके जाएँ

  • अगर ऊपर दिए तरीके से आप के शिशु की सर्दी और खांसी ठीक नहीं हो रही है तो आप अपने बच्चे को डॉक्टर के पास लेके जाएँ। डॉक्टर समय पे आप के शिशु के लिए सही राय दे सकेगा। 
  • अगर आप के शिशु की सर्दी और जुकाम इतनी ज्यादा बढ़ गयी है की आप के शिशु को साँस लेने में कठिनाई हो रही है, या उसका शरीर नीला पड़ गया है तो आप बिना समय गवाएं अपने शिशु को नजदीकी शिशु स्वस्थ केंद्र le के जाएँ। 
  • अगर आप का शिशु अत्यधिक उलटी कर रहा है तो भी बिना समय गवाएं अपने शिशु को तुरंत डॉक्टर के पास लेके जाएँ। अत्यधिक उलटी से आप के बच्चे को dehydration हो सकता है - जिससे आप के बच्चे की जान भी जा सकती है। 
  • अपने बच्चे के शारीर के तापमान का भी ध्यान रखें। छोटे बच्चों का शारीर इतना सक्षम नहीं होता है की अपने शारीर का तापमान अच्छी तरह से नियंत्रित कर सके। अगर आप के शिशु का तापमान तेजी घटे तो उसे कम्बल में लपेटके रखें। अगर फिर भी आप के शिशु को अपना तापमान नियंत्रित करने में दिक्कत हो रही है तो आप तुरंत अपने शिशु को डोक्टर के पास ले के जाएँ। 
    ठण्ड में बच्चे को कम्बल में लपेट के रखें
  • अगर आप के शिशु के शारीर का तापमान 101 डिग्री F या इससे ज्यादा हो जाये तो भी तुरंत डॉक्टर के पास लेके जाएँ। 

ऊपर दिए गए घरेलु नुस्कों के दुवारा आप अपने शिशु का घर पे ही सर्दी और जुकाम का सफल इलाज कर सकती हैं। 

अगर सारी सावधानियां बरतने के बाद भी आप के शिशु को बार बार सर्दी और जुकाम हो जा रहा है तो आप को चिंता अर्ने की अव्शाकता नहीं है - क्यूंकि दो साल तक की उम्र तक बच्चे को कम से कम आठ से दस बार सर्दी और जुकाम होगा। यानी की बच्चे को दो साल तक की उम्र तक सर्दी और जुकाम होना आम बात है। 

बच्चों का शारीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं होता है। मगर हर संक्रमण के बाद शिशु का शारीर संक्रमण से लड़ने में पहले से कहीं ज्यादा सक्षम हो जाता है। 

दो साल से छोटे बच्चे को सर्दी और जुकाम होना आम बात है, इसका मतलब यह नहीं है की आप पनेबच्चे को लेके अश्श्वस्थ हो जाएँ। आप को अपने बच्चे को सर्दी और जुकाम से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। 

ठण्ड के दिनों में ध्यान रहे की बच्चे की छाती खुली ना रहे, बच्चा पानी में ना खेले, बच्चे के कपडे सूखें हो, और बच्चा मौसम के अनुकूल कपडे पहने हो। 

अगर घर पे कोई और बीमार पड़े, या उसे सर्दी और जुकाम लगे तो बच्चे को उसके पास ना जाने दें। इस बात का ध्यान रखें की सर्दी और जुकाम ठीक होने के पंद्रह दिनों बाद तक भी सर्दी और जुकाम के संक्रमण शारीर में मौजूद रहता है। 

घर में अगर कोई बच्चा बीमार पड़ जाये तो उसे बाकि बच्चों से तब तक दूर रखें जब तक की उसकी सर्दी और जुकाम पूरी तरह से ठीक ना हो जाये।  

अगर आप इन बैटन का ध्यान रखेंगी तो आप के बच्चे सर्दी और जुकाम के मौसम में कम बीमार पड़ेंगे और अगर बीमार पड़ भी गए तो जल्दी ठीक भी जायेंगे। 


Important Note: यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो kidhealthcenter.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है।

Latest Articles

BMI-Calculator

स्वस्थ शरीर

BMI calculator

 
1-साल-के-बच्चे-का-आदर्श-वजन-और-लम्बाई

स्वस्थ शरीर

1 साल के बच्चे (लड़के) का आदर्श वजन और लम्बाई

 
नवजात-शिशु-का-BMI

स्वस्थ शरीर

नवजात शिशु का BMI Calculate करने का आसन तरीका (Time 2 Minutes)

 
6-महीने-के-शिशु-का-वजन

स्वस्थ शरीर

6 महीने के शिशु का आदर्श वजन और लम्बाई

 
शिशु-को-अंडा

बच्चों का पोषण

6 Month के शिशु को कितना अंडा देना चाहिए

 
शिशु-का-वजन-बढ़ाये-देशी-घी

बच्चों का पोषण

शिशु का वजन बढ़ाने के लिए उसके उम्र के अनुसार उसे देशी घी दें

 
कोलोस्‍ट्रम

बच्चों का पोषण

माँ का पहला गहड़ा दूध (कोलोस्ट्रम) किस प्रकार शिशु की मदद करता है?

 
शिशु-का-वजन-घटना

बच्चों का पोषण

क्योँ जन्म के बाद नवजात शिशु का वजन घट गया?

 
नवजात-शिशु-वजन

स्वस्थ शरीर

नवजात शिशु का आदर्श वजन कितना होना चाहिए?

 
बच्चों-का-डाइट-प्लान

बच्चों का पोषण

छोटे बच्चों का डाइट प्लान (Diet Plan)

 
शिशु-को-खासी

शिशु रोग

शिशु को खासी से कैसे बचाएं (Solved)

 
शिशु-सर्दी

शिशु रोग

शिशु को सर्दी जुकाम से कैसे बचाएं

 
शिशु-बुखार

शिशु रोग

7 Tips - शिशु को सर्दी के मौसम में बुखार से बचाएं इस तरह

 
बंद-नाक

शिशु रोग

7 Tips - शिशु के बंद नाक का आसन घरेलु उपाय (How to Relieve Nasal Congestion in Kids)

 
बच्चे-बीमार

शिशु रोग

क्योँ कुछ बच्चे कभी बीमार नहीं पड़ते

 
कई-दिनों-से-जुकाम

शिशु रोग

शिशु को कई दिनों से जुकाम हो तो यह इलाज करें - 1 Month to 6 Month Baby

 
डायपर-के-रैशेस

शिशु रोग

सर्दियौं में शिशु को किस तरह Nappy Rash से बचाएं

 
शिशु-खांसी-के-लिए-घर-उपचार

शिशु रोग

शिशु खांसी के लिए घर उपचार

 
बच्चों-की-नाक-बंद-होना

शिशु रोग

बच्चों की नाक बंद होना - सरल उपचार

 
khansi-ka-gharelu-upchar

शिशु रोग

12 Tips शिशु की खांसी का घरेलु उपचार - khansi ka gharelu upchar

 
khansi-ka-ilaj

शिशु रोग

बंद नाक में शिशु को सुलाने का आसन तरीका (khansi ka ilaj)

 
Sharing is caring

Most Read Articles
khansi-ka-ilaj
बच्चों में सर्दी और खांसी के घरेलु उपचार

सर्दी, जुकाम और खाँसी (cold cough and sore throat) को दूर करने के लिए कुछ आसान से घरेलू उपचार

बच्चों-में-सर्दी
शिशु टीकाकरण चार्ट - 2018 Updated

टीकाकरण अभियान का लाभ उठा कर आपने बच्चों को अनेक प्रकार के बीमारियों से बचाएं।

टीकाकरण-चार्ट-2018
बच्चों की त्वचा को गोरा करने का घरेलू तरीका

त्वचा को गोरा और दाग रहित बनाने के लिए घरूले नुश्खे

बच्चों-को-गोरा-करने-का-तरीका-
6 माह के बच्चे का baby food chart और Recipe

6 महीने के बच्चे का आहार - 6 month baby Food Chart-Meal Plan

उलटी-और-दस्त
8 माह के बच्चे का baby food chart और Indian Baby Food Recipe

इस लेख में आप जानेगे की ८ महीने के बच्चे को आहार देने का सही तरीका क्या है।

8-month-baby-food
चार्ट - शिशु के उम्र के अनुसार लंबाई और वजन का चार्ट - Baby Growth Weight & Height Chart

शिशुओं और बच्चों के लिए उम्र के अनुसार लंबाई और वजन का चार्ट डाउनलोड करें (Baby Growth Chart)

Weight-&-Height-Calculator
6 से 12 वर्ष के शिशु को क्या खिलाएं - Indian Baby food diet chart

ठोस भोजन की शुरुआत का सही तरीका - The right way to start solid food in 5 to 6 month old baby

6-से-12-वर्ष-के-शिशु-को-क्या-खिलाएं
7 माह के बच्चे का baby food chart और Indian Baby Food Recipe

यह निर्धारित करने के लिए की बच्चे को सुबह, दोपहर और शाम को क्या खाने को दें|

7-month-के-बच्चे-का-baby-food
13 जुकाम के घरेलू उपाय (बंद नाक) - डॉक्टर की सलाह

बच्चों में बंद नाक की समस्या को बिना दावा के ठीक किया जा सकता है।

बच्चों-में-यूरिन
3 साल तक के बच्चे का baby food chart

अक्सर माताओं के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण रहता है की 3 साल के बच्चे को क्या पौष्टिक आहार दें

बच्चों-में-न्यूमोनिया
शिशु को कई दिनों से जुकाम हो तो यह इलाज करें - 1 Month to 6 Month Baby

शिशु की खांसी, सर्दी, जुकाम और बंद नाक का इलाज आप घर के रसोई (kitchen) में आसानी से मिल जाने वाली सामग्रियों से कर सकती हैं

कई-दिनों-से-जुकाम
नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के तरीके

जानिए की नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के लिए आप को क्या क्या करना पड़ेगा|

शिशु-का-वजन
बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना कैसे रोकें (bed wetting)

बिस्तर पे पिशाब करना (bed wetting) कोई गंभीर समस्या नहीं है और इसे आसानी से हल किया जा सकता है।

बिस्तर-पर-पेशाब-करना
2 साल के बच्चे का शाकाहारी आहार सारणी - baby food chart और Recipe

इस लेख में आप पड़ेंगे दो साल के बच्चे के लिए vegetarian Indian food chart जिसे आप आसानी से घर पर बना सकती हैं|

शाकाहारी-baby-food-chart
बच्चों को ड्राइफ्रूट्स खिलाने के फायदे

शारारिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से तेज़ रखने के लिए दें बच्चों को ड्राई फ्रूट्स

बच्चों-के-ड्राई-फ्रूट्स
बच्चों का भाप (स्‍टीम) के दुवारा कफ निकालने के उपाय

भाप (स्‍टीम) एक बहुत ही प्राकृतिक तरीका शिशु को सर्दी और जुकाम (colds, chest congestion and sinusitus) में रहत पहुँचाने का।

कफ-निकालने-के-उपाय
9 माह के बच्चे का baby food chart - Indian Baby Food Recipe

नौ माह का बच्चा आसानी से कई प्रकार के आहार आराम से ग्रहण कर सकता है - शिशु आहार सारणी

9-month-baby-food-chart-
12 माह के बच्चे का baby food chart (Indian Baby Food Recipe)

बढ़ते बच्चों के माँ-बाप को अक्सर यह चिंता रहती है की उनके बच्चे को सम्पूर्ण पोषक तत्त्व मिल पा रहा है की नहीं?

12-month-baby-food-chart
बच्चों को चोट लगने पर प्राथमिक चिकित्सा

तुरंत ही नहीं ईलाज नहीं किया गया तो ये चोट गंभीर घाव का रूप ले लेते हैं

बच्चों-में-स्किन-रैश-शीतपित्त
11 माह के बच्चे का baby food chart (Indian Baby Food Recipe)

11 महीने के बच्चे का आहार सारणी इस तरह होना चाहिए की कम-से-कम दिन में तीन बार ठोस आहार का प्रावधान हो|

बच्चों-में-पेट-दर्द
नवजात शिशु को हिचकी क्यों आता है?

बच्चे गर्भ में रहते वक्त तो हिचकी करते ही हैं, मगर जब वे पैदा हो जाते हैं तो भी हर वक्त उन्हें हिचकी आती है

शिशु-मैं-हिचकी
10 माह के बच्चे का baby food chart (Indian Baby Food Recipe)

दस साल के बच्चे को आहार में क्या खाने को दें - आहार सरणी (food chart)

10-month-baby-food-chart
बच्चों को सर्दी जुकाम से कैसे बचाएं

भारतीय सभ्यता में बहुत प्रकार के घरेलू नुस्खें हैं जिनका इस्तेमाल कर के बच्चों को बिमारियों से बचाया जा सकता है

सर्दी-जुकाम-से-बचाव
बच्चों की नाक बंद होना - सरल उपचार

बहुत ही सरल तरीकों से आप अपने बच्चों के बंद नाक की समस्या को कम कर सकती हैं और उन्हें आराम पहुंचा सकती हैं।

बच्चों-की-नाक-बंद-होना
29 शिशु आहार जो बनाने में आसान

रसोई में जो वस्तुएं पहले से मौजूद हैं उनकी ही मदद से आप बढ़िया, स्वादिष्ट और पौष्टिक शिशु आहार बना सकती हैं।

शिशु-आहार
10 सबसे बेहतरीन तेल बच्चों के मसाज के लिए

शिशु की मालिश में कई तरह के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है और हर तेल की अपनी विशेषता है।

बच्चों-का-मालिश
शिशु मालिश के लिए सर्वोतम तेल

बच्चों की मालिश करने के लिए सबसे बेहतरीन तेल

शिशु-मालिश
शिशु को सर्दी जुकाम से कैसे बचाएं

अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखें तो आप के बच्चे सर्दी और जुकाम के संक्रमण से बचे रह सकते हैं।

शिशु-सर्दी
नवजात बच्चे के चेहरे से बाल कैसे हटाएँ

अगर आपके बच्चे के जन्म के समय उसके पुरे शरीर पर महीन बाल हैं तो पढ़िए

बच्चे-के-पुरे-शरीर-पे-बाल
15 आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे शिशु की खांसी की अचूक दवा - Complete Guide

शिशु की सर्दी और जुकाम ठीक करने का घरेलु इलाज

खांसी-की-अचूक-दवा
नेबुलाइजर (Nebulizer) से शिशु के जुकाम का इलाज - Zukam Ka ilaj

नेबुलाइजर (Nebulizer) एक बहुत ही प्रभावी तरीका है शिशु के कफ को और जुखाम को कम करने के लिए।

नेबुलाइजर-Nebulizer-zukam-ka-ilaj
5 महीने का बच्चे की देख भाल कैसे करें

पांचवे महीने में शिशु की देखभाल में होने वाले बदलाव के बारे में पढ़िए इस लेख में|

5-महीने-का-बच्चे-की-देख-भाल-कैसे-करें
बच्चों में वजन बढ़ाने के आहार

यदि आपका बच्चा कमज़ोर है तो यहां दिए खाद्य वस्तुयों का प्रयोग आपके बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए कारगर होगा।

शिशु-का-वजन-बढ़ाने-का-आहार
ठंड में बच्चों को गर्म रखने के उपाय

कुछ विशेष स्वधानियाँ अगर आप बरतें तो आप का शिशु ठण्ड के दिनों में स्वस्थ और सुरक्षित रह सकता है।

ठण्ड-शिशु
दुबले बच्चे का कैसे बढ़ाए वजन

अपने शिशु का वजन बढ़ने के लिए आप शिशु के लिए diet chart त्यार कर सकते हैं।

शिशु-diet-chart
क्या शिशु को शहद देना सुरक्षित है?

विटामिन और मिनिरल से भरपूर, बढ़ते बच्चों को शहद देने के 8 फायदे हैं|

शहद-के-फायदे
6 से 8 माह के बच्चे के लिए भोजन तलिका

शिशु को ऐसे आहारे देने की आवश्यकता है जिसे उनका पाचन तंत्र आसानी से पचा सके।

भोजन-तलिका
बच्चों में पीलिये के लक्षण पहचाने - झट से

अगर बच्चे में पीलिया रोग के लक्षण दिखे तो इसे बहुत गम्भीरता से लेना चाहिए|

Jaundice-in-newborn-in-hindi
क्योँ कुछ बच्चे कभी बीमार नहीं पड़ते

अगर आप केवल सात बातों का ख्याल रखें तो आप के भी बच्चों के बीमार पड़ने की सम्भावना बहुत कम हो जाएगी।

बच्चे-बीमार
बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा - कारण और उपचार

अगर आप के बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो जानिए की आप को क्या करना चाहिए

बच्चे-का-वजन
सर्दियौं में शिशु को किस तरह Nappy Rash से बचाएं

नवजात शिशु को डायपर के रैशेस से बचने का सरल और प्रभावी घरेलु तरीका।

डायपर-के-रैशेस
मखाने के फ़ायदे | Health Benefits of Lotus Seed - Recipes

मखाना ड्राई फ्रूट से भी ज्यादा पौष्टिक है और छोटे बच्चों के लिए बहुत फायेदेमंद भी।

बच्चों-में-चेचक
टीके के बाद बुखार क्यों आता है बच्चों को?

जानिए की आप किस तरह टीकाकरण के दुष्प्रभाव को कम कर सकती हैं|

How to Plan for Good Health Through Good Diet and Active Lifestyle

Be Active, Be Fit