Category: टीकाकरण (vaccination)

रोटावायरस वैक्सीन (RV) - Schedule और Side Effects

By: Salan Khalkho | 4 min read

रोटावायरस वैक्सीन (RV) (Rotavirus Vaccine in Hindi) - हिंदी, - रोटावायरस वैक्सीन का टीका - दवा, ड्रग, उसे, जानकारी, प्रयोग, फायदे, लाभ, उपयोग, दुष्प्रभाव, साइड-इफेक्ट्स, समीक्षाएं, संयोजन, पारस्परिक क्रिया, सावधानिया तथा खुराक

रोटावायरस वैक्सीन (RV) (Rotavirus Vaccine in Hindi)

शिशु को गंभीर दस्त लगने का सबसे आम कारण है रोटावायरस का संक्रमण। छह महीने के बच्चे से लेकर दो साल तक के बच्चे को रोटावायरस के संक्रमण का खतरा बना रहता है। 

रोटावायरस वैक्सीन (RV) (Rotavirus Vaccine) के आभाव में शिशु को रोटावायरस के संक्रमण से बचा पाना लगभग असंभव है। 



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इससे पहले की शिशु पांच साल (5 years) का हो, हर शिशु को कम से कम एक बार तो रोटावायरस के संक्रमण के कारण दस्त होता ही है। 

रोटावायरस - (मुँह में लिया जाने वाला डायरिया वैक्सीन) - डोज़ (dose) - Schedule of immunization

  • पहली खुराक - 6 सप्ताह (डेढ़ माह ) की उम्र में
  • दूसरी खुराक - 10 सप्ताह (ढाई माह) की उम्र में 
  • तीसरी  खुराक - 14 सप्ताह की उम्र में

इसीलिए आवश्यक है की हर बच्चे को  टीकाकरण चार्ट - 2018 के अनुसार समय पे टीका लगवाया जाये और बच्चे को तथा देशो को रोटावायरस वैक्सीन (RV)  की महामारी से बचाया जा सके। 

यह टीका क्योँ दिया जाता है?

रोटावायरस वैक्सीन (RV) (Rotavirus Vaccine) सबसे आसान और प्रभावित तरीका है शिशु को दस्त की गंभीर बीमारी से बचाने का। जिन बच्चों को रोटावायरस का टिका लग चूका है अगर उन बच्चों को दस्त (diarrhoea and vomiting) लग जाये तो भी उनकी स्थिति उतनी कष्टदायक नहीं होती है जितनी की उन बच्चों की जिन्हे रोटावायरस वैक्सीन (RV) (Rotavirus Vaccine) का टिका नहीं लगाया गया है। 

रोटावायरस का टिका केवल  रोटावायरस के विषाणु (virus) दुवारा होने वाले गंभीर दस्त (diarrhoea and vomiting) से शिशु को बचाता है। अगर शिशु को किसी दुसरे कारण से दस्त हो जाते तो  रोटावायरस का टिका उसे रोकने में मदद नहीं कर सकता है। 

रोटावायरस - (मुँह में लिया जाने वाला डायरिया वैक्सीन) - डोज़ (dose) - Schedule of immunization

सावधानी (precuations)

  1. जिस दिन आप के बच्चे को टिका लगना है - अगर उस दिन आप के बच्चे की तबियत ठीक नहीं है तो तब तक अपने बच्चे को टिका न लगवाएं जब तक की आप का शिशु पूरी तरह से स्वस्थ न हो जाये। 

रोटावायरस वैक्सीन - दुष्प्रभाव (side effects)

रोटावायरस वैक्सीन - दुष्प्रभाव (side effects)

रोटावायरस का टिका बहुत ही सुरक्षित वैक्सीन है। मगर फिर भी हर  वैक्सीन की तरह इसके भी कुछ संभावित दुष्प्रभाव है। ये दोष प्रभाव हमेशा या हर बच्चे में नहीं होते हैं। रोटावायरस वैक्सीन (RV) का टिका देने पे अगर आप के बच्चे में ये लक्षण दिखे तो परेशान होने की कोई भी आवश्यकता नहीं है। कुछ समय बाद आप का शिशु स्वतः हो ठीक हो जायेगा। मगर रोटावायरस के टिका से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव अगर समाप्त न हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। रोटावायरस के वैक्सीन से होने वाले साधारण संभावित दुष्प्रभाव निचे दिए गए हैं। 

  • दिल का तेज़ धड़कना 
  • शरीर का पीला पड़ जाना
  • सांस लेने मे तकलीफ
  • घरघराहट

अगर ये लक्षण कुछ समय बाद समाप्त हो जाते हैं तो चिंता की बात नहीं - अन्यथा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। 

यह टीका किन बच्चों को नहीं लगाया जाना चाहिए 

जब आप अपने बच्चों को रोटावायरस वैक्सीन (RV) का बूस्टर डोज (booster dose) लगवाने जा रहे हैं तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं अगर आप के बच्चे में पहली बार रोटावायरस वैक्सीन (RV) देने के बाद अगर कोई गंभीर लक्षण दिखे थे तो। उदाहरण के तौर पे अगर आप के शिशु को प्रथम बार रोटावायरस का टिके लगने के बाद बहुत समय तक 102 degrees F (39 degrees C) तापमान या इससे अधिक तापमान पे बुखार था तो। 

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