सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश कितना सुरक्षित

नौ महीने बच्चे को अपनी कोख में रखने के बाद, स्त्री का शारीर बहुत थक जाता है और कमजोर हो जाता है। शिशु के जन्म के बाद माँ की शारीरिक मालिश उसके शारीर की थकान को कम करती है और उसे बल और उर्जा भी प्रदान करती है। मगर सिजेरियन डिलीवरी के बाद शारीर के जख्म पूरी तरह से भरे नहीं होते हैं, इस स्थिति में यह सावल आप के मन में आ सकता है की सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश कितना सुरक्षित। इस लेख में हम इसी विषय पे चर्चा करेंगे।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश कितना सुरक्षित how safe is massage after delivery

शिशु के जन्म के बाद मां का शरीर बहुत थक जाता है।  मुख्यता प्रसव पीड़ा की वजह से और 9 महीने अपनी कोख में शिशु को पालने पोसने की वजह से। 

जाहिर है,  शिशु के जन्म के बाद आप चाहेंगी कि आपके शरीर की मालिश हो ताकि आपका शरीर पहले जैसा मजबूत हो सके। 

डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया के दौरान शरीर पर बहुत स्ट्रेस पड़ता है,  विशेषकर आपके पेट के निचले हिस्से में और आपके कूल्हों पर।  

मालिश से शरीर की मांसपेशियों में रक्त और ऑक्सीजन का संचार बढ़ जाता है।  इससे आपके शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकलने में सहूलियत मिलती है और शरीर को बहुत आराम पहुँचता है।

मसाज से शरीर में मौजूद विषैले तत्वों बहार निकलते हैं massage helps eliminate toxic elements from body after pregnancy

लेकिन,  शिशु के जन्म के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण सवाल एक स्त्री के मन में आता है वह  यह है कि क्या मालिश करवाना सुरक्षित है?  यह सवाल और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है अगर आप के शिशु का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन के द्वारा हुआ है। 

कुछ लोगों का मानना होता है कि नॉर्मल डिलीवरी के वक्त ही मां बहुत अधिक थकती है,  लेकिन सच बात तो यह है,  कि चाहे शिशु का जन्म नॉर्मल डिलीवरी के माध्यम से हो यह सिजेरियन ऑपरेशन के द्वारा, शरीर को बहुत तकलीफों से गुजरना पड़ता है।  

कई महीनों तक थकान, दबाव, और  स्ट्रेस में दिन गुजरते हैं। मालिश शरीर के थकान में कमी आती है और मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है। 

अगर  मालिश से संबंधित यह सवाल आप के भी मन में आता है कि क्या शिशु के जन्म के बाद शारीरिक मालिश सुरक्षित है और अगर हां तो शिशु के जन्म के कितने दिन बाद मालिश कराना बेहतर है? -  तो यह लेख आपके लिए ही है। डिलीवरी  के बाद अपने शरीर की मालिश करवाते वक्त आप निम्न बातों का ध्यान रखें।

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इस लेख में:

  1. ~~~#1^^^सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश में इन बातों का ध्यान रखें@@@
  2. ~~~#2^^^ऑपरेशन के कितने दिनों बाद मालिश करवाना सुरक्षित है@@@
  3. ~~~#3^^^शरीर के किन अंगों पर मालिश करवाएं@@@
  4. ~~~#4^^^मालिश में दबाव का ख्याल@@@
  5. ~~~#5^^^डिलीवरी के बाद मालिश से होने वाली समस्याएं@@@
  6. ~~~#6^^^मालिश से इंफेक्शन@@@
  7. ~~~#7^^^त्वचा में एलर्जी@@@ 


सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश में इन बातों का ध्यान रखें precautions to take in massage after pregnancy

anchorlink[1]anchorcloseसिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश में इन बातों का ध्यान रखें

  1. टांके वाली जगहों पे तेल मालिश के दौरान दबाव ना पड़े
  2. टांके वाली जगहों  पे तेल से मालिश ना करें।  तेल से मालिश करने पर ऑपरेशन के घाव पर दर्द हो सकता है।  इससे इन्फेक्शन भी हो सकता है।
  3. डिलीवरी के बाद मालिश करवाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
  4. हर स्त्री की शारीरिक संरचना और क्षमता भिन्न भिन्न होती है। आपके शिशु के जन्म के बाद आपकी शारीरिक स्थिति कैसी है,  इसका आकलन आपके डॉक्टर से बेहतर और कोई नहीं कर सकता है। आपका डॉक्टर आपके शरीर से संबंधित सभी तकलीफों से और जटिलगांवताओं से वाकिफ है।  इस वजह से वो बेहतर परिस्थिति में है कि आपको सही राय दे सकें। 

ऑपरेशन के कितने दिनों बाद मालिश करवाना सुरक्षित है

anchorlink[2]anchorcloseऑपरेशन के कितने दिनों बाद मालिश करवाना सुरक्षित है

अधिकांश डॉक्टर और विशेषज्ञ इस बात की राय देते हैं की शिशु के जन्म के बाद मालिश करवाने से पहले कम से कम 3 हफ्तों का अंतर अवश्य रखें।  

शरीर को कम से कम इतनी समय की आवश्यकता पड़ेगी की वह ऑपरेशन के घाव से और स्ट्रेस से उबर सके।  घाव के भर जाने पर उन में संक्रमण का खतरा भी नहीं रहता है। 

शरीर के किन अंगों पर मालिश करवाएं body parts to get massaged after baby delivery

anchorlink[3]anchorcloseशरीर के किन अंगों पर मालिश करवाएं

अपने हाथों पर और पैरों पर  मालिश करवाना सुरक्षित रहता है।  आप अपने पेट पर मालिश ना करवाएं।  आप बैठ कर अपनी पीठ पर भी मालिश करवा सकती हैं। 

मालिश में दबाव का ख्याल care during massage after child delivery

anchorlink[4]anchorcloseमालिश में दबाव का ख्याल

  1. अपने शरीर पर मालिश हल्के हाथों से करवाएं।  अभी कुछ ही दिनों पहले आपका शरीर प्रसव पीड़ा से गुजरा है इसीलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर पर बहुत ज्यादा जो या दबाव मालिश के द्वारा ना पड़े।  
  2. अभी आपका शरीर रिकवरी की स्थिति में है।  मालिश के भारी दबाव में आपके शरीर पर स्ट्रेस बढ़ेगा और उसे रिकवर होने में और ज्यादा वक्त लगेगा।  
  3. जब तक आपको अंदर से यह ना लगे की मालिश करवाने की आवश्यकता है,  तब तक मालिश ना  करवाएं।  आपके शरीर को आप से बेहतर ना कोई समझ सकता है ना कोई जान सकता है। 

anchorlink[5]anchorcloseडिलीवरी के बाद मालिश से होने वाली समस्याएं

 शिशु के जन्म के बाद मालिश करवाना सुरक्षित रहता है और फायदेमंद भी।  लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा गया तो इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।  

हम यहां दो ऐसे दुष्परिणाम  की चर्चा करने जा रहे हैं जो सावधानीपूर्वक मालिश नहीं करवाने से कई महिलाओं को गुजरना पड़ता है।

मालिश से इंफेक्शन infection due to massage after pregnancy

anchorlink[6]anchorcloseमालिश से इंफेक्शन

डिलीवरी के बाद,  विशेषकर सिजेरियन डिलीवरी के बाद,  स्त्री को  मालिश से,  जो  सबसे बड़ा खतरा रहता है,  वह  है संक्रमण का। मालिश  के दौरान टांके में चोट लगने से संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।  इसीलिए कोशिश करें कि ऑपरेशन वाली जगह पर तेल की मालिश ना की जाए।  

साफ सफाई का बहुत ध्यान रखा जाए।  और हो सके तो ऑपरेशन वाली जगह पर मालिश ना किया जाए तो संक्रमण से बहुत हद तक बचा जा सकता है। 

anchorlink[7]anchorcloseत्वचा में एलर्जी

कई बार मालिश के बाद त्वचा पर सूजन या लालिमा देखी गई है।  इसकी वजह है मालिश के द्वारा त्वचा पर होने वाली एलर्जी की समस्या।  अगर मालिश के बाद आपकी त्वचा पर ललिपन या सूजन दिखे तो कुछ दिनों के लिए मालिश को टाल दें और तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें। 

त्वचा में एलर्जी

यह बात सच है कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद या नॉर्मल डिलीवरी के बाद, मालिश करवाने से  शरीर को बहुत आराम मिलता है।  इसके साथ ही शरीर को जल्द ठीक होने में भी मदद मिलता है।  

लेकिन जब तक घाव पूरी तरह भर ना जाए, तब तक उस जगह पर बहुत ही हल्के हाथों से मालिश करें।   

इतने नरम हाथों से मालिश करें ताकि मालिश के दौरान उस जगह पर दर्द ना हो।  मालिश से,  मालिश वाली जगह पर रक्त का संचार बढ़ जाता है इससे घाव जल्दी भरने में मदद मिलता है। 

शिशु के जन्म के बाद मालिश आपके शरीर के लिए बहुत आवश्यक है,   लेकिन अगर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाए तभी।