Category: बच्चों का पोषण

29 शिशु आहार जो बनाने में आसान

Published:17 Aug, 2017     By: Salan Khalkho     26 min read

29 रोचक और पौष्टिक शिशु आहार बनाने की विधि जिसे आप का लाडला बड़े चाव से खायेगा। ये सारे शिशु आहार को बनाना बहुत ही आसान है, इस्तेमाल की गयी सामग्री किफायती है और तैयार शिशु आहार बच्चों के लिए बहुत पौष्टिक है। Ragi Khichdi baby food शिशु आहार


शिशु आहार baby food शिशु आहार

अपने शिशु के लिए पौष्टिक आहार बनाने के लिए आपको Master Chef होने की आवश्यकता है। आप के रसोई में जो वस्तुएं पहले से मौजूद हैं उनकी ही मदद से आप बढ़िया, स्वादिष्ट और पौष्टिक शिशु आहार बना सकती हैं।

हालाँकि बाजार के ready-made शिशु आहार से आराम तो मिलता है, समय की बचत होती है और एक माँ की व्यस्त जिंदगी थोड़ी सी सरल भी हो जाती है। मगर बाजार से खरदे हुए शिशु आहार उतने पौष्टिक नहीं होते हैं क्योँकि काफी उच्च तापमान पे उन्हें पकाया जाता है ताकि कई महीने तक वे बोतल/tin में सुरक्षित रह सकें। उच्च तापमान पे शिशु आहार बनाते वक्त बहुत से vitamin और mineral भी नष्ट हो जाते हैं। 

 

हम आप को बताएँगे 29 रोचक और पौष्टिक शिशु आहार बनाने की विधि जिसे आप का लाडला बड़े चाव से खायेगा।  ये सारे शिशु आहार को बनाना बहुत ही आसान है, इस्तेमाल की गयी सामग्री किफायती है और तैयार शिशु आहार बच्चों के लिए बहुत पौष्टिक है। 

बच्चे को ठोस आहार देने से पहले ये छह बातें सुनिश्चित कर लें 

बच्चे के 6 महीने पुरे होने पे ठोस आहार शुरू करते वक्त एक सामग्री से बने आहार बच्चे को दें। अगर बच्चे में आहार से कोई एलेर्जी उत्पन होगा तो तुरंत पता चल जायेगा की कौन सा आहार बच्चे को नहीं दिया जाना चाहिए। आप इस आहार को बच्चे को तीन महीने के अंतराल पे फिर से दे के देख सकती हैं। 

तो आइये अब चलते हैं की शिशु आहार बनाने की विधि के बारे में बात करते हैं

इस लेख में 

  1. गाजर की खिचड़ी
  2. सूजी का हलुआ
  3. मुंग दाल से शिशु आहार
  4. चावल की खिचड़ी
  5. लौकी की प्यूरी
  6. चावल का खीर
  7. आटे का हलुआ
  8. केले का smoothie
  9. मसूर दाल की खिचड़ी
  10. हरे मटर की प्यूरी
  11. केले का प्यूरी
  12. चावल का आहार
  13. अवोकाडो का प्यूरी
  14. शकरकंद की प्यूरी
  15. गाजर का प्यूरी
  16. कद्दू की प्यूरी
  17. गेहूं का दलीय
  18. रागी का खिचड़ी
  19. रागी डोसा
  20. पालक और याम से बना शिशु आहार
  21. लाल चुकंदर और काला अंगूर  
  22. अवोकाडो और केले से बना शिशु आहार
  23. गाजर मटर और आलू से बना शिशु आहार
  24. पपीते का प्यूरी
  25. मछली और गाजर की प्यूरी
  26. सूजी उपमा
  27. दही चावल
  28. वेजिटेबल पुलाव
  29. इडली दाल

गाजर की खिचड़ी 

गाजर की खिचड़ी शिशु आहार

केले की तरह गाजर को भी "perfect food" की श्रेणी में गिना जाता है। वैसे तो गाजर खाने में खुदी ही बहुत crunchy, स्वादिष्ट और पौष्टिक है, इससे मिलाकर बना खिचड़ी भी बच्चों को बहुत पसंद आएगा। गाजर से बच्चों को मिलता है beta-carotene, फाइबर, विटामिन K, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स जिसके बहुत सारे फायदे हैं। गाजर की खिचड़ी से शिशु को खिचड़ी के साथ-साथ गाजर के भी फायदे मिलते हैं।  गाजर की खिचड़ी बनाने की विधि

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  beta-carotene, फाइबर, Thiamin, विटामिन K, Niacin, पोटैशियम, विटामिन B6, फोलेट, मैनगनीज, Dietary Fiber और एंटीऑक्सिडेंट्स
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: गाजर की खिचड़ी बनाने की विधि 

सूजी का हलुआ 

सूजी का हलुआ शिशु आहार

सूजी का हलवा बनाने की बहुत सारी विधि है। मगर सूजी का हलवा अगर आप बहुत छोटे बच्चे के लिए बना रही हैं तो आप को कुछ विशेष बातों का ख्याल रखना होगा। सूजी या राव में प्रोटीन की आछी मात्र होती है जो बढते बच्चों के लिए बहुत फायेदेमंद है। इसके साथ-ही-साथ इससे बच्चे को मिलता है मैग्नीशियम, विटामिन B1, B2, B3, E, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन, फाइबर और कई प्रकार के मिनरल्स। सूजी का हलुआ बनाने की विधि

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  मैग्नीशियम, विटामिन B1, B2, B3, E, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन और फाइबर
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: सूजी का हलुआ बनाने की विधि 

मुंग दाल से शिशु आहार 

मुंग दाल शिशु आहार

मुंग का दाल बहुत ही हल्का आहार है और आसानी से पच जाता है। यही वजह है की अगर बड़ों का तबियत ख़राब हो तो वे भी मुंग का दाल खाते हैं। 6 महीने के बच्चे का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता है और चूँकि मुंग का दाल  हल्का होता है - ये 6 माह के बच्चे के लिए perfect आहार है। मुंग का दाल बनान बहुत सरल है और इसमें बहुत सारे पौष्टिक तत्त्व होते हैं। मुंग के दाल के सेवन से शिशु के त्वचा में निखार आता है। तो अगर आप के शिशु का रंग दबा हुआ है तो मुंग का दाल खिलाना फायदेमंद रहता है। मुंग के दाल में प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अगर आप के बच्चे को कब्ज (constipation) रहता है तो मुंग का दाल उसमे भी फायदेमंद है। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट और फाइबर 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: मुंग का दाल बनाने की विधि 

चावल की खिचड़ी

चावल की खिचड़ी शिशु आहार baby food

चावल की खिचड़ी उत्तर भारत में 6 महीने के बच्चे को दिया जाने वाला आम आहार है। चावल आराम से  6 माह के बच्चे को पच जाता है और उसे पसंद भी बहुत आता है। अगर आप का बच्चा खिचड़ी खाने से इंकार करे तो जबरदस्ती न खिलाये, बल्कि कुछ दिन रुक कर फिर से कोशिश करें। चावल उन चुनिंदा आहारों में से एक है जिनसे 6 month के बच्चे को एलेर्जी का कोई खतरा नहीं है। पोषण के मामले में चावल का कोई जवाब नहीं। इसमें मिलता है मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मनगनीज, सेलेनियम, आयरन, folic acid, thiamine and niacin।

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मनगनीज, सेलेनियम, आयरन, folic acid, thiamine and niacin 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: चावल की खिचड़ी बनाने की विधि 

लौकी की प्यूरी 

छह माह के बच्चे के लिए लौकी की प्यूरी सबसे उपयुक्त शिशु आहार है। इसमें ढेरों विटामिन, minerals और nutrients है जो बच्चे के पोषण के लिए अच्छा है। इसे 6 महीने का बच्चा आसानी से पचा सकता है और ये बच्चे में कब्ज होने से बचता है।       

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  आयरन, फोलेट, antioxidant, विटामिन B और C, सोडियम, कैल्शियम, जिंक और पोटैशियम   
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: लौकी की प्यूरी बनाने की विधि 

चावल का खीर 

चावल का खीर शिशु आहार baby food

शिशुओं में ठोस आहार शुरू करने के लिए खीर देना आम प्रथा है। इसके तीन कारण हैं। पहला - ये बहुत स्वदिष्ट होता है और नवजात शिशु को बहुत पसंद आता है। दूसरा - नवजात बच्चे का पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं होता है - इसलिए खीर सर्वोत्तम है क्योँकि ये आसानी से पच जाता है।  तीसरा - इसमें भरपूर मात्रा मैं पोषक तत्त्व होता हैं। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, सोडियम, विटामिन A और C,     
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: चावल का खीर बनाने की विधि 

आटे का हलुआ 

आटे का हलुआ शिशु आहार

आटे का हलुआ शिशु में ठोस आहार शुरू करने के लिए सबसे बेहतरीन शिशु आहार है। शिशु में नया आहार शुरू करते वक्त उन्हें एक बार में एक ही आहार देना चाहिए। आटे का हलुआ बनाने के लिए सिर्फ एक ही ingredient  का इस्तेमाल होता है - और एक 6 माह के शिशु आहार का ये सबसे महत्वपुर गुण है। बच्चे कोई भी नया आहार पहली बार दें तो तीन दिवसीय नियम का पालन अवश्य करें। 

केले का smoothie 

केले का smoothie शिशु आहार baby food

केला तो वैसे ही बच्चों को बहुत पसंद आता है, और केले के smoothie का कोई जवाब नहीं। केला एक प्राकृतिक antacids है यानी ये आप के बच्चे का पेट रखगे ठीक। केला पौष्टिक तत्वों का जखीरा है और शिशु में ठोस आहार शुरू करने के लिए सर्वोत्तम आहार। केला बढ़ते बच्चों के सभी पौष्टिक तत्वों की जरूरतों (nutritional requirements) को पूरा करता है। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  पोटैशियम, फाइबर, विटामिन B6, विटामिन C, विटामिन B2,   
  • सावधानी बरतें: कुछ बच्चों में केले से संवेदनशीलता और Latex एलेर्जी पाया गया है इसीलिए अगर पहली बार बच्चे को केला दें तो इस बात का ध्यान रखें। 
  • बनाने की विधि: केले का smoothie बनाने की विधि 

मसूर दाल की खिचड़ी  

मसूर दाल की खिचड़ी शिशु आहार baby food

मसूर दाल की खिचड़ी 9 से 12 महीने के बच्चों के लिए उपयुक्त है। नौ महीने से पहले शिशु को मसूर दाल और तूर दाल नहीं देना चाहिए क्योँकि इसे पचाने में छोटे बच्चों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। मसूर दाल पुरे भारत वर्ष में हर घर में किसी-न-किसी रूप में बनाया जाता है। ये दाल जितना स्वादिष्ट है उतना ही पौष्टिक भी। छोटे बच्चों को मसूर दाल का पानी या मसूर दाल की खिचड़ी दे सकते हैं। ताकि छोटे बच्चे भी इसके फायदे से वंचित न रह जाएँ। 

  • बच्चे का उम्र: 9 से 12 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, जिंक, विटामिन D, फॉस्फोरस, आयरन, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सल्फर, आयोडीन, कॉपर, 
  • सावधानी बरतें: सदा मसूर दाल बच्चों को न दें। या तो मसूर दाल का पानी या मसूर दाल की खिचड़ी क्योँकि बच्चों में ये आसानी से नहीं पचता। 
  • बनाने की विधि: मसूर दाल की खिचड़ी बनाने की विधि 

हरे मटर की प्यूरी (Pea puree) 

हरे मटर की प्यूरी (Pea puree) baby food

मटर के दाने होते तो बहुत छोटे हैं मगर पौष्टिक के मामले में ये बहुत आगे हैं। इनमे Vitamins A and C, आयरन, प्रोटीन, and कैल्शियम भरपुरी में होता है। मटर में मौजूद Vitamins A और C बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद करता है, आयरन बच्चे में नया खून बनाने में योगदान देता है, प्रोटीन से बच्चे की मासपेशियां बनती है और कैल्शियम बच्चे की हाड़ियोँ को मजबूती देता है। मटर की प्यूरी मैं मौजूद मटर के छिलके अगर आप के बच्चे को पसंद न आये तो मटर की प्यूरी बनाने से पहले मटर के छिलके निकल दें। इससे मटर की प्यूरी भी बहुत बारीक़ बनेगी। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन्स A और C, आयरन, प्रोटीन, और कैल्शियम
  • सावधानी बरतें: हरे मटर से बच्चे को गैस होने की सम्भावना रहती है। शुरू में कम दें और धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं 
  • बनाने की विधि: मटर की प्यूरी बनाने की विधि 

केले का प्यूरी (Banana Purée)

केले का प्यूरी (Banana Purée) शिशु आहार

केले को "perfect food" कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योँकि बच्चे के बढ़ते शरीर के लिए जो भी पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता वो सब केले मैं मौजूद है। इसके साथ-ही-साथ केले में antacids गुण भी हैं जिसकी वजह से केला पेट के लिए बहुत आच्छा है। केला में vitamin B6, manganese, vitamin C, potassium, dietary fiber, biotin, और कॉपर होता है। केला बच्चों के लिए बहुत अच्छा है मगर इसका मतलब यह नहीं की बच्चों को बहुत ज्यादा केला खिला दिया जाये। बहुत ज्यादा केला खाने से बच्चों को कब्ज (constipation) का खतरा रहता है। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन B6, manganese, विटामिन C, पोटैशियम, dietary fiber, biotin, और कॉपर
  • सावधानी बरतें: ज्यादा केले खाने से कब्ज होने की सम्भावना है।
  • बनाने की विधि: केले की प्यूरी बनाने की विधि 

चावल का आहार (Brown Rice Cereal)

चावल का आहार (Brown Rice Cereal) शिशु आहार

चावल छोटे बच्चों को दिया जाने वाला बहुत ही आम आहार है क्यूंकि इससे बच्चों को एलेर्जी का खतरा नहीं रहता और ये आराम से पच भी जाता है। पके हुए चावल को अगर थोड़े पानी या दूध के साथ पीस कर के जो आहार त्यार किया जाता है उसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं बच्चे को तरल आहार से ज्यादा ठोस आहार के तरफ ले जाने में। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन, magnesium, phosphorus, manganese, selenium, iron, folic acid, thiamine और niacin
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: चावल का आहार बनाने की विधि 

अवोकाडो का प्यूरी (Avocado Purée)

अवोकाडो का प्यूरी (Avocado Purée) baby food

अवोकाडो का प्यूरी मक्खन की तरह मुलायम और स्वादिष्ट होता है। इसमें 71 से 88 प्रतिशत तक वासा (fat) होती  है। इसमें मौजूद वासा बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका cream की तरह का texture बच्चों को बहुत पसंद आता है। 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन, magnesium, phosphorus, manganese, selenium, iron, folic acid, thiamine और niacin।
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: अवोकाडो का प्यूरी बनाने की विधि 

शकरकंद की प्यूरी (Baked Sweet Potato Purée) 

शकरकंद की प्यूरी (Baked Sweet Potato Purée) शिशु आहार

शकरकंद सेहत के फायदों के लिए जाना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन्स, antioxidants, और फाइबर होता है जो बच्चे के स्वस्थ के लिए बहुत फायदेमंद है। शकरकंद की प्यूरी को बनाने के लिए आप भुने या उबले शकरकंद को थोड़े पानी या दूध के साथ पीस सकते हैं। ये बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक शिशु आहार है।  

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन A (beta-carotene), vitamin C, मैनगिनीज, कॉपर, pantothenic acid and vitamin B6, पोटैशियम, dietary fiber, niacin, विटामिन B1, विटामिन B2 और फॉस्फोरस 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: शकरकंद की प्यूरी बनाने की विधि 

गाजर का प्यूरी (Carrot Purée)

गाजर का प्यूरी (Carrot Purée) शिशु आहार baby food

बच्चों में ठोस आहार शुरू करने के लिए गाजर का प्यूरी एक बेहतरीन विकल्प है। यह प्राकृतिक रूप से मीठा और इसका texture बच्चों को बहुत पसंद आता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। गाजर में antioxidant beta कैरोटीन, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन K और विटामिन A मिलता है।  

बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
पौष्टिक तत्त्व:  Antioxidant beta कैरोटीन, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन K और विटामिन A 
सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
बनाने की विधि: गाजर की प्यूरी बनाने की विधि 

कद्दू की प्यूरी (Pumpkin Thyme Purée)

कद्दू की प्यूरी (Pumpkin Thyme Purée) शिशु आहार

यह एक मौसमी रेसिपी है। कद्दू आप को साल भर नहीं मिलता इसीलिए कद्दू के मौसम में इसे अपने बच्चे को जरूर खिलाएं। कद्दू में अच्छी मात्रा में beta कैरोटीन, पोटैशियम, and आयरन होता है। इसे आप ज्यादा बनाकर फ्रिज में बाद के इस्तेमाल के लिए रख सकते हैं। कद्दू की प्यूरी को आप बर्फ ज़माने वाली ट्रे में रख कर फ्रिज में store कर सकते हैं।

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन E (Alpha Tocopherol), Thiamin, Niacin, विटामिन B6, फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, Dietary Fiber, विटामिन A, विटामिन C, Riboflavin, पोटैशियम, कॉपर और मैनगिनीज 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: कद्दू की प्यूरी बनाने की विधि 

गेहूं का दलिया

गेहूं का दलीय शिशु आहार baby food

गेहूं का दलीय पेट के लिए बहुत अच्छा और आसानी से पच जाता है। दलीय में प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है और इसके साथ ही इससे बच्चे के शरीर को बहुत प्रकार के नुट्रिएंट्स भी मिलता है। दलीय में मैग्नीशियम, फाइबर और कई प्रकार के मिनरल्स भी होते है।

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  प्रोटीन, मैग्नीशियम और फाइबर 
  • सावधानी बरतें: छोटे बच्चों को गेहूं से एलेर्जी का खतरा रहता है इसीलिए शुरू में थोड़स ही दें  
  • बनाने की विधि: गेहूं का दलीय बनाने की विधि 

रागी का खिचड़ी 

रागी का खिचड़ी शिशु आहार baby food

रागी दिखने में सरसों की तरह दीखता है और रागी का खिचड़ी बहुत ही पौष्टिक शिशु आहार है। इसमें बाकि अनाजों की तुलना मैं तीस गुना ज्यादा कैल्शियम होता है और साथ ही इसमें बहुत प्रकार के खनिज भी होते हैं। इसका मतलब बढ़ते बच्चों की हड्डियोँ को मजबूत करने के लिए रागी बहुत अच्छा शिशु आहार है। इसका नियमित आहार बच्चे को कुपोषण से बचा सकता है। 

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  आयरन, कैल्शियम, एमिनो एसिड एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: रागी का खिचड़ी बनाने की विधि 

रागी डोसा  

रागी डोसा शिशु आहार

रागी में भरपूर कैल्शियम होता है इसीलिए रागी का डोसा छोटे बच्चों के लिए एक अच्छा आहार है। कैल्शियम बच्चों के हड्डियोँ के विकास के लिए बहुत अच्छा है। चावल की तुलना में इसमें ज्यादा फाइबर होता है जो पाचन के लिए अच्छा है। रागी आयरन का भी अच्छा स्रोत है और इसमें विटामिन C भी होता है। विटामिन C शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता है। रागी मैं मौजूद एमिनो एसिड एंटीऑक्सीडेंट शरीर को स्वाभाविक रूप से आराम देने में मदद करता है। 

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  आयरन, कैल्शियम, एमिनो एसिड एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर 
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: रागी का खिचड़ी बनाने की विधि 

पालक और याम से बना शिशु आहार (Spinach with White Yams)

Spinach with White Yams baby food

पालक और याम का गठजोड़ भरपूर मात्रा मैं बच्चे को कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, और फोलेट प्रदान करता है। याम की वजह से इस शिशु आहार में थोड़ी सी मिठास आ जाती है। 

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, और फोलेट
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 
  • बनाने की विधि: पालक और याम बनाने की विधि 

लाल चुकंदर और काला अंगूर  

लाल चुकंदर और काला अंगूर शिशु आहार baby food

यह बहुत ही खूबसूरत लाल रंग का शिशु आहार है। लेकिन उससे भी बेहतरीन बात यह है की इसमें प्रचुर मात्रा में antioxidants, विटामिन्स, and फाइबर है जो बच्चे के लिए बहुत अच्छा है। इसे आप थोड़े से चावल के साथ मिलाके भी बच्चे को खिला सकती हैं। 

अवोकाडो और केले से बना शिशु आहार

अवोकाडो और केले से बना शिशु आहार शिशु आहार

यह एक बेमिसाल जोड़ी है। जहाँ एक और अवोकाडो में स्वास्थवर्धक वासा (fat) वहीँ केले में पोटैशियम और विटामिन C है। केले की वजह से इस शिशु आहार में थोड़ी से मिठास आ जाती है। बच्चों को जितना हो सके नमक और चीनी नहीं देना चाहिए। उस हिसाब से प्राकृतिक मिठास से युक्त ये आहार बच्चों के लिए बहुत अच्छा है। 

गाजर मटर और आलू से बना शिशु आहार

मछली से बना शिशु आहार शिशु आहार

इस शिशु आहार को बनाया गया है आलू, हरा मटर, और गाजर के साथ। बेहद स्वादिस्ट, इसे आप पाना पाएंगी सिर्फ 8 minute में। ये वाकई एक बेहतरीन तरीका है अपने बच्चे के आहार के पोषक तत्वों को समलित करने का। 

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक, आयोडीन, मैगनेसियम, पोटैशियम, mega-3 fatty acids और बहुत से विटामिन्स जैसे की D and B2 (riboflavin)
  • सावधानी बरतें: कुछ बच्चों को मछली से एलेर्जी हो सकता है इसीलिए पहली बार थोड़ा सा ही दें  
  • बनाने की विधि: मछली से बना शिशु आहार बनाने की विधि 

पपीते का प्यूरी (Papaya Purée)

Papaya Purée शिशु आहार

पपीते में बाकि फलों की तुलना में ज्यादा acidity होता है। इसीलिए बेहतर है की जब तक आप का शिशु सात से आठ महीने का न हो जाये तब तक उसे पपीता या पपीते से बने आहार न दें। पपीते में मौजूद enzymes पाचन के लिए बहुत अच्छा है। अगर आप के बच्चे को कब्ज या पेट से सम्बंधित परेशानी है तो पपीते का प्यूरी सबसे बढ़िया विकल्प है। 

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  Antioxidant , carotenes, विटामिन C and फ्लवोनोइड्स, विटामिन्स B, फोलेट,  pantothenic acid, पोटैशियम, कॉपर, और मैग्नीशियम और फाइबर
  • सावधानी बरतें: जब तक बच्चा 7 से 8 month का न हो जाये तब तक न दें   
  • बनाने की विधि: पपीते का प्यूरी आहार बनाने की विधि 

मछली और गाजर की प्यूरी

मछली और गाजर की प्यूरी शिशु आहार baby food

इस शिशु आहार का स्वाद में कोई जवाब नहीं - मगर सवाद के साथ-साथ ये दिमाग के विकास के लिए एक बहुत ही बेहतरीन शिशु आहार है। इस शिशु आहार को बच्चे को तब दें जब बच्चा 9 to 12 Months का हो जाये। मछली में omega-3 fatty acids पाया जाता है जो बच्चे के central nervous system के विकास अच्छा है। गाजर में ढेर सारा antioxidant होता है। अभी जब बच्चा बहुत ही तीव्र गति से विकास कर रहा है तब उसे बहुत सरे पोषक तत्वों की आवश्यकता है। ये आहार बच्चे की उस आवश्यकता को पूरी करता है।   

  • बच्चे का उम्र: 9 से 12 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  Antioxidant , carotenes, विटामिन C and फ्लवोनोइड्स, विटामिन्स B, फोलेट,  pantothenic acid, पोटैशियम, कॉपर, और मैग्नीशियम और फाइबर
  • सावधानी बरतें: जब तक बच्चा 9 month का न हो जाये तब तक न दें   
  • बनाने की विधि: मछली और गाजर की प्यूरी बनाने की विधि 

सूजी उपमा 

सूजी उपमा शिशु आहार

सूजी का उपमा या रवा उपमा बेहद पौष्टिक और बनाने में आसान व्यंजन है जिसे आप अपने 9 month के बच्चे को भी दे सकती हैं। सूजी पेट के लिए बहुत आरामदायक है। बच्चे को अगर बुखार है या बच्चे का पेट ख़राब है तो भी सूजी से बने आहार आप बच्चे को दे सकती हैं। सूजी में गेहूं के सारे गुण होता हैं जैसे की विटामिन B1, B2, B3, E, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन, और फाइबर।

  • बच्चे का उम्र: 9 से 12 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन B1, B2, B3, E, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन, और फाइबर।
  • सावधानी बरतें: जब तक बच्चा 9 month का न हो जाये तब तक न दें   
  • बनाने की विधि: सूजी का उपमा बनाने की विधि 

दही चावल

दही चावल curd rice शिशु आहार

दही चावल या कर्ड राइस (curd rice) बड़ों के लिए हर मर्ज की दवा है। चाहे पेट खरब हो या खाने में बहुत गरिष्ट आहार लिया हो - दही चावल  सब ठीक कर देगा। दही चावल सिर्फ बड़ों के लिए ही नहीं, बच्चों के लिए भी बहुत काम का आहार है। दही पाचन तंत्र को दरुस्त रखता है। ये pro-biotic और antibiotics का प्राकृतिक विकल्प है और शिशु को बुखार से बचाता है। इसमें भरपूर मात्रा में स्वस्थ वासा (healthy fat), कैल्शियम और प्रोटीन होता है। दही चावल बच्चे के immune system को मजबूत बनाता है। सबसे अच्छी बात यह है की दही चावल दूसरे आहारों से विटामिन्स और मिनरल्स को अवशोषित (absorb) करने में शरीर की मदद करता है। 

  • बच्चे का उम्र: 9 से 12 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन B1, B2, B3, E, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन, और फाइबर।
  • सावधानी बरतें: दूध से बने उत्पाद से बच्चों को एलेर्जी होने की सम्भावना रहती है    
  • बनाने की विधि: दही चावल बनाने की विधि 

वेजिटेबल पुलाव 

वेजिटेबल पुलाव vegetable pulav शिशु आहार baby food

वेजिटेबल पुलाव सभी को पसंद आने वाला व्यंजन है। चूँकि इसमें मौसम के अनुसार कई प्रकार के सब्जियों (vegetables) का इस्तेमाल होता है, पौष्टिकता के मामले में इसका कोई मिक़बला नहीं है। कई सब्जियों के होने साई इसमें कई प्रकार के विटामिन्स, मिनरल्स और पौष्टिक तत्त्व होता है। जो बच्चे खाने को लेकर बहुत ना-नुकुर करते (picky eaters) हैं उन्हें भी वेजिटेबल पुलाव बहुत पसंद आएगा। 

  • बच्चे का उम्र: 9 से 12 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  कई प्रकार के  विटामिन्स, मिनरल्स और पौष्टिक तत्त्व (nutrients)
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं     
  • बनाने की विधि: वेजिटेबल पुलाव बनाने की विधि 

इडली दाल 

इडली दाल idli dal शिशु आहार baby food

इडली चटनी और सांबर के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है - मगर जब आप बच्चे को इसे दें तो सादे दाल के साथ दें। इडली में भरपूर मात्रा मैं प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहायड्रेट होता है। इसके साथ इडली में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन A भी होता है। दाल से बच्चे को molybdenum और फोलेट मिलता है। साथ ही दाल में कॉपर, फॉस्फोरस, मैनगनीज, आयरन, प्रोटीन, विटामिन B1, pantothenic acid, जिंक, पोटैशियम, विटामिन B6 जैसे पोषक तत्त्व भी मिलता हैं। 



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2 साल के बच्चे का शाकाहारी आहार सारणी - baby food chart और Recipe

इस लेख में आप पड़ेंगे दो साल के बच्चे के लिए vegetarian Indian food chart जिसे आप आसानी से घर पर बना सकती हैं|

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11 माह के बच्चे का baby food chart (Indian Baby Food Recipe)

11 महीने के बच्चे का आहार सारणी इस तरह होना चाहिए की कम-से-कम दिन में तीन बार ठोस आहार का प्रावधान हो|

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इस लेख में आप जानेगे की ८ महीने के बच्चे को आहार देने का सही तरीका क्या है।

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12 माह के बच्चे का baby food chart (Indian Baby Food Recipe)

बढ़ते बच्चों के माँ-बाप को अक्सर यह चिंता रहती है की उनके बच्चे को सम्पूर्ण पोषक तत्त्व मिल पा रहा है की नहीं?

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2 साल के बच्चे का मांसाहारी food chart और Recipe

इस लेख में आप पड़ेंगे दो साल के बच्चे के लिए non-vegetarian Indian food chart जिसे आप आसानी से घर पर बना सकती हैं|

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सूजी का हलवा है बेहतरीन हिंदुस्तानी baby food

बनाने में यह बेहद आसान और पोषण (nutrition) के मामले में इसका कोई बराबरी नहीं।

सूजी-का-हलवा
घर पे करें त्यार बच्चों का आहार

2 साल से कम उम्र के बच्चों को घर का बना शिशु-आहार (baby food) ही दिया जाना चाहिए।

घर-पे-त्यार-बच्चों-का-आहार
6 माह से पहले ठोस आहार है बच्चे के लिए हानिकारक

समय से पहले बच्चों में ठोस आहार की शुरुआत करने के फायदे तो कुछ नहीं हैं मगर नुकसान बहुत हैं|

6-माह-से-पहले-ठोस-आहार
7 माह के बच्चे का baby food chart और Indian Baby Food Recipe

यह निर्धारित करने के लिए की बच्चे को सुबह, दोपहर और शाम को क्या खाने को दें|

7-month-के-बच्चे-का-baby-food
बच्चों को बचाये एलेर्जी से भोजन के तीन दिवसीय नियम

बच्चों में ठोस आहार शुरू करते वक्त यह सावधानियां बरतें

तीन-दिवसीय-नियम
3 साल तक के बच्चे का baby food chart

अक्सर माताओं के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण रहता है की 3 साल के बच्चे को क्या पौष्टिक आहार दें

3-years-baby-food-chart-in-Hindi
बच्चों को बीमार न कर दे ज्यादा नमक और चीनी का सेवन

बच्चों में जरूरत से ज्यादा नमक और चीनी का सावन उन्हें मोटापा जैसी बीमारियोँ के तरफ धकेल रहा है|

नमक-चीनी
इन चीज़ों की आवशकता पड़ेगी आपको बच्चे में ठोस आहार की शुरुआत करते वक्त

बच्चे को ठोस आहार खिलाने के लिए किन सही वस्तुओं की आवश्यकता पड़ेगी आपको

ठोस-आहार-के-लिए-वस्तुएं
बेबी फ़ूड खरीदते वक्त बरतें यह सावधानियां

बेबी फ़ूड खरीदते वक्त निम्न बातों का रखें ख्याल| चाहे बेबी फ़ूड अच्छे ब्रांड का ही क्यों न हो

बेबी-फ़ूड-खरीदते-वक्त-बरतें-सावधानियां
6 महीने से पहले बच्चे को पानी पिलाना है खतरनाक

शिशु में पानी की शुरुआत 6 महीने के बाद की जानी चाहिए।

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बच्चों के मजबूत हड्डियों के लिए उत्तम आहार

आहार जिनसे मिले बच्चों को कैल्शियम और आयरन से भरपूर पोषक तत्व

मजबूत-हड्डियों-के-लिए-आहार
6 से 12 वर्ष के शिशु को क्या खिलाएं - Indian Baby food diet chart

ठोस भोजन की शुरुआत का सही तरीका - The right way to start solid food in 5 to 6 month old baby

6-से-12-वर्ष-के-शिशु-को-क्या-खिलाएं
ठोस आहार की शुरुआत

ठोस आहार की शुरुआत करते वक्त कौन सा भोजन कब दिया जाना चाहिये

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क्यों होते हैं बच्चें कुपोषण के शिकार?

उचित पोषण न मिलना ही कुपोषण हैं। बच्चों को कुपोषण से बचने का आसान तरीका

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क्या शिशु को शहद देना सुरक्षित है?

विटामिन और मिनिरल से भरपूर, बढ़ते बच्चों को शहद देने के 8 फायदे हैं|

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बच्चों में वजन बढ़ाने के आहार

यदि आपका बच्चा कमज़ोर है तो यहां दिए खाद्य वस्तुयों का प्रयोग आपके बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए कारगर होगा।


How to Plan for Good Health Through Good Diet and Active Lifestyle

Be Active, Be Fit