Category: बच्चों की परवरिश

बच्चे को सुलाएं 60 सेकंड के अन्दर

By: Salan Khalkho | 1 min read

अगर आप परेशान हैं की आप का बच्चा समय पे नहीं सोता है तो कुछ तरीके हैं जिन्हें आप अजमा सकते हैं। अगर आप कुछ दिनों तक इन्हें आजमाएंगे तो आप के बच्चे में सोने का एक routine स्थापित हो गा और आप का बच्चा फिर हर दिन 60 सेकंड के अन्दर सो पायेगा।

बच्चे को सुलाएं 60 सेकंड के अन्दर

क्या आप भी परेशान हैं?

छोटे बच्चों को सुलाना किसी चुनौती से कम नहीं है। विशेषकर अगर बच्चे को गलत समय पे सोने की आदत पड़ गयी है तो वो रात में कई बार उठेगा। 

इसीलिए माताओं के लिए यह जरुरी है की बच्चे को हर दिन रात में एक निश्चित समय पे ही सुलाएं। इससे बच्चे में रात में उस समय पे सोने की आदत पड़ेगी। 

यह एक माँ के लिए बहुत ही तकलीफदेह होता है की वो अपने बच्चे को रात में रोते और जागते हुए देखे। हर माँ-बाप चाहते हैं की उनके बच्चे को आरामदायक नींद मिले। 

बच्चे के अच्छी विकास के लिए यह जरुरी है की बच्चा रात को पूरी नींद सोये। 

बच्चे को झट से सुलाने का तरीका

आइये हम बात करते हैं की आप अपने बच्चे को कैसे झट से सुला सकती हैं - या यूँ कहें की आप बच्चे कैसे सुला सकती हैं 60 second के अन्दर। 

  1. सबसे पहले तो आप अपने आप को शांत कर लें। बच्चे बहुत जल्दी से माँ की परेशानी और जल्दबाजी पहचान लेते हैं। अगर आप बच्चे के न सोने की वजह से परेशान हैं और चिंता मैं हैं तो आप का बच्चा बहुत जल्द इस बात को पहचान लेगा और तब वो न तो relax हो पायेग और न ही सो पाएगा। तो बच्चे को सुलाने से पहले आप अपने आप को शांत कर लें। 
  2. बच्चे का bedtime routine स्थापित करें। यानि बच्चे को हर दिन रात्रि एक ही समय पे सोने के लिए ले जाएँ। अगर आप का बच्चा हर दिन अलग अलग समय पे सोयेगा तो आप उसे कभी भी तुरंत नहीं सुला पाएंगी। और तो और आप को उसको सुलाने के लिए बहुत जदो-जहद करनी पड़ेगी। जब बच्चे समय पे नहीं सोते हैं तो वे चिड़चिड़ा जाते हैं और हताशा हो जाते हैं - जिसकी वजह से उनकी नींद और ख़तम हो जाती है। जैसे ही आप का नवजात बच्चा थोड़ा बड़ा होने लगे उसे सिखाएं की कब सोने का समय है और कब नहीं। हो सकता है की शुरुआती दौर में आप को थोड़ी मेहनत भी करनी पड़े। 
  3. रात में जब सोने का समय हो तो आप कोई हल्का सा संगीत लगा सकती हैं जो बच्चे के मन को शांत करे और relax करे। जैसे ही आप के बच्चे का मन शांत होगा वो सो जायेगा। बच्चे को तुरंत सुलाने का यह एक प्रमाणित तरीका है और कई देशों में ये तरीका सदियोँ से अपनाया जा रहा है। हमारे देश भारत में माँ अपने बच्चे को सुलाने के लिए लोरियां सुनती है। 
  4. बच्चे को सुलाने से पहले उसके बिस्तर या पलने पे नई चादर बिछाएं और बिस्तर को आरामदायक रखें। 
  5. बच्चे को सुलाने से पहले उसे नहलाने से बच्चों को नींद बहुत अच्छी आती है और तुरंत आती है। अगर बच्चे को पेट भर आहार मिला है और वो सोने से पहले नहाये है तो उसे आसानी से नींद आ जाएगी। 
  6. इस बात का ध्यान रखें की आप का बच्चा बिस्तर या पलने में आरामदायक स्थिति में है। 
  7. बच्चे के कमरे के परदे गिरा दें ताकि अंदर सूरज की रौशनी न आये। कमरे को पूरी तरह अंधकार न करें। आप चाहें तो कमरे में एक night bulb जला सकते हैं। 
  8. अपने बच्चे को सुलाने का आप का जो तरीका है उसे हर दिन दोहराएं। अपने बच्चे को हर दिन अलग अलग तरीके से न सुलाएं। एक बार आप के बच्चे को इस routine की आदत पड़ जाएगी तो वो जल्द ही सो जायेगा। 

ये कुछ आजमाए हुए तरीके हैं बच्चों को जल्द सुलाने के। 

मगर,

फिरभी अगर किसी वजह से आप का बच्चा रात में आराम से सो नहीं पा रहा है और बीच बीच में उठ कर रो रहा है तो आप पता करें की उसकी सेहत तो ठीक है। कहीं कुछ उसे तकलीफ तो नहीं दे रहा है। अगर जरुरत पड़े तो डॉक्टर से संपर्क भी करें। 

अगर समस्या ऐसी है जिसे आप ठीक कर सकते हैं तो उन्हें आजमाएं। जैसे की कुछ बच्चे थोड़े भी आवाज मैं नहीं सो पाते हैं। ऐसे में सोते-वक्त उनके कमरे में कोशिश करें की किसी भी प्रकार का आवाज न हो। 

नवजात बच्चे के लिए उप्पर दिए गए दिशानिर्देश का पालन ना करें। इस उम्र में आप उन्हें किसी भी प्रकार के रूटीन की आदत नहीं डाल सकती हैं। 

उनका पेट बहुत छोटा सा होता है। और हर दो घंटे पे उन्हें खाने की आवश्यकता पड़ती है। इसीलिए नवजात बच्चा रात में कई बार स्तनपान के लिए उठेगा। यह स्वाभाविक है। 

इसके आलावा एक बात और जानना महत्वपूर्ण है। हर बच्चा अलग होता है। जरुरी नहीं की ऊपर  बताये गए तरीके आप के बच्चे के लिए काम करे। 

आप को थोड़े से trial and error के जरिये यह पता लगाना पड़ेगा की आप के बच्चे के लिए कौन सी तरकीब काम कर रही है और कौन सी नहीं। 

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