प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली अच्छा संकेत है - जानिए क्योँ?

गर्भवती महिला में उल्टी और मतली का आना डोक्टर अच्छा संकेत मानते हैं। इसे मोर्निंग सिकनेस भी कहते हैं और इसकी वजह है स्त्री के शारीर में प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG) का बनना। जाने क्योँ जरुरी है गर्भावस्था में उल्टी और मतली के लक्षण और इसके ना होने से गर्भावस्था को क्या नुक्सान पहुँच सकता है।

प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली

प्रेगनेंसी में जहाँ गर्भवती महिला के लिए एक तरफ ख़ुशी की बात है वहीं यह थोड़ी परेशानी का भी सबब है 

प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness) यानी की उल्टी और मतली का आना आम बात है। कुछ महिलाओं में इसके लक्षण ज्यादा तो कुछ महिलाओं में कम पाए जाते हैं। 

विश्व भर में हुए अध्यन में यह बात तो साफ़ है की गर्भवती महिला में मॉर्निंग सिकनेस का होना के जरुरी चिन्ह है। 

मगर क्योँ?

इस लेख में हम यही बात जानेंगे की एक गर्भवती महिला को क्योँ मॉर्निंग सिकनेस यानी की उल्टी और मतली आना चाहिए। 

इस लेख में आप पढ़ेंगे:

  1. ~~~#1^^^गर्भवती महिला के लिए उल्टी और मतली क्योँ है अच्छा संकेत @@@
  2. ~~~#2^^^कब तक रहती है मॉर्निंग सिकनेस की समस्या@@@
  3. ~~~#3^^^आखिर क्योँ होता है मॉर्निंग सिकनेस@@@
  4. ~~~#4^^^स्त्री के शरीर में प्रेग्नेंसी हॉर्मोन (hCG) का बनना@@@
  5. ~~~#5^^^गर्भावस्था में उल्टी और मतली के लक्षणों का न होना@@@
  6. ~~~#6^^^कहाँ बनता है प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG)@@@

anchorlink[1]anchorclose गर्भवती महिला के लिए उल्टी और मतली क्योँ है अच्छा संकेत 

प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस को एक अच्छा संकेत माना गया है और बेहद जरुरी भी। जिन महिलाओं को उल्टी और मतली की समस्या होती है, उनमें समय से पूर्व प्रसव का ख़तरा कम होता है। 

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गर्भवती महिला के लिए उल्टी और मतली क्योँ है अच्छा संकेत

आकंड़े बताते हैं की जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस होती है उनमें गर्भपात होने की आशंका 50 से 75% तक कम हो जाती है।

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pregnant women with morning sickness symptom have 75 percent less  chances of miscarriage

anchorlink[2]anchorclose कब तक रहती है मॉर्निंग सिकनेस की समस्या

अधिकांश मामलों में देखा गया है की गर्भवती महिला को गर्भावस्था के पहले तीन महीने मरोनिंग सिकनेस की समस्या ज्यादा सताती है। 

कब तक रहती है मॉर्निंग सिकनेस की समस्या

कुछ गर्भवती महिलाओं को उल्टी और मतली की समस्या की वजह से औरों की मुकाबले कुछ ज्यादा ही तकलीफ झेलनी पड़ती है।  

लेकिन गर्भावस्था में उल्टी और मतली के लक्षण इस बात को बताते हैं की यह एक स्वस्थ प्रेग्नेंसी है। अगर किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान उल्टी और मतली के लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो इसका मतलब है की उसकी प्रेगनेंसी में जरूर कोई - ना - कोई समस्या की आशंका है। 

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anchorlink[3]anchorclose आखिर क्योँ होता है मॉर्निंग सिकनेस

गर्भावस्था के दौरान महिला का शरीर बहुत सारे परिवर्तनों से गुजरता है। ये परिवर्तन स्त्री के शरीरी में होने वाले बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए बेहतर वातावरण त्यार करते हैं। 

आखिर क्योँ होता है मॉर्निंग सिकनेस

गर्भवती स्त्री के शरीर में ये बदलाव प्रेग्नेंसी से लेकर प्रसव के कुछ समय बाद तक होते रहते हैं। इन सारे बदलावों में सबसे प्रमुख बदलाव होता है स्त्री के शरीर में प्रेग्नेंसी हार्मोन का बनना। ये हॉर्मोन शिशु के विकास के लिए बेहद जरुरी है। 

ये हॉर्मोन स्त्री के शरीर की मांसपेशियोँ और हड्डियोँ को लचीला बनता है। ताकि जैसे-जैसे बच्चा गर्भ बढे, स्त्री का शरीर रबर के बलून की तरह फ़ैल सके। 

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Acid Reflux during pregnancy

लेकिन इसका एक साइड इफ़ेक्ट है जो गर्भवती महिला को झेलना पड़ता है। इसे अंग्रेजी भाषा में "acid reflex" कहते हैं। 

साधारणतया जब हम कुछ खाते हैं तो esophagus में स्थित मासपेशी हमारे पेट में मौजूद आहार को बहार आने से रोकती है। 

लेकिन प्रेग्नेंसी हार्मोन के कारण esophagus में स्थित मासपेशी ढीली पड़ जाती है और पेट में मौजूद आहार को प्रभावी तरीके से बहार आने से रोक नहीं पाती है। इसी का नतीजा है उल्टी और मतली के लक्षण का होना।

anchorlink[4]anchorclose स्त्री के शरीर में प्रेग्नेंसी हॉर्मोन (hCG) का बनना

प्रेगनेंसी के शुरुआत से ही गर्भवती महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हॉर्मोन का बनना शुरू हो जाता है। जिस स्त्री के शरीर में जितना ज्यादा ये हॉर्मोन बनता है, उस स्त्री को उतना ज्यादा मॉर्निंग सिकनेस के साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ता है। 

स्त्री के शरीर में प्रेग्नेंसी हॉर्मोन (hCG) का बनना

अक्सर देखा गया है की जो महिलाएं जुड़वाँ बच्चों को जन्म देने वाली रहती हैं उन्हें उल्टी और मतली के ज्यादा गंभीर लक्षणों से गुजरना पड़ता है। 

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anchorlink[5]anchorclose गर्भावस्था में उल्टी और मतली के लक्षणों का न होना

अगर गर्भवती महिला में उल्टी और मतली के लक्षण न दिखे तो इसका साफ़ मतलब यही है की उस स्त्री के शरीर में पर्याप्त मात्रा में प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG) नहीं बन रहा है। 

गर्भावस्था में उल्टी और मतली के लक्षणों का न होना

यह अच्छा संकेत नहीं है और इसके पीछे जरूर कोई कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। ये आगे चल के किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। 

anchorlink[6]anchorclose कहाँ बनता है प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG)

स्त्री के शरीर में प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG) का निर्माण प्लेसनटा (placenta) को कोशिकाओं के दुवारा होता है। स्त्री के अंडाणु और गर्भावस्था जितनी स्वस्थ होती है - उसके शरीर में प्लेसनटा (placenta) की कोशिकाएं उतनी सक्रियता से प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG) का निर्माण करती हैं। 

कहाँ बनता है प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG)

लेकिन अगर निषेचित अंडाणु और गर्भावस्था में किसी तरह की कोई समस्या है, प्लेसनटा (placenta) की कोशिकाएं सक्रियता से प्रेगनेंसी हॉर्मोन (hCG) का निर्माण नहीं करेंगी। आगे चलकर इसकी वजह से प्रेग्नेंसी में दिक्कत भी पैदा हो सकती है। 

नोट: जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness) यानी की उल्टी और मतली नहीं आ रही है, उन्हें खुद कल्पना कर के परेशां नहीं होना चाहिए। 

इसके बदले डॉक्टर से मिले और उसके निर्देश पे जरुरी जाँच करवाएं। कुछ महिलाओं को सवस्थ प्रेगनेंसी के बावजूद भी मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness) यानी की उल्टी और मतली की समस्या नहीं होती है।