Category: शिशु रोग

क्यों छोटे बच्चों को अकसर हिचकी आता है?

By: Salan Khalkho | 3 min read

एक नवजात बच्चे को जब हिचकी आता है तो माँ-बाप का परेशान होना स्वाभाविक है। हालाँकि बच्चों में हिचकी कोई गंभीर समस्या नहीं है। छोटे बच्चों का हिचकियाँ लेने इतना स्वाभाविक है की आप का बच्चा तब से हिचकियाँ ले रहा है जब वो आप के गर्भ में ही था। चलिए देखते हैं की आप किस तरह आपने बच्चे की हिचकियोँ को दूर कर सकती हैं।

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आप की चिंता जायज है!

अगर आप का बच्चा अक्सर स्तनपान के बाद या बोतल से दूध पिने के बाद हिचकियाँ लेता है तो आप का चिंता करना जायज है।



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बच्चों में हिचकी की समस्या माँ-बाप के परेशानियों का एक आम कारण है। आइये देखते हैं की आप को क्या करना चाहिए जब आप के बच्चे को हिचकी आता है। 

किस तरह हिचकी होती है?

बच्चे को हिचकी आती है जब बच्चे के फेफड़ों के नीचे मौजूद झिल्ली की मांसपेशियों में संकुचन होता है। इस झिल्ली को डायफ्राम कहते हैं। इसके संकुचन होने से बच्चे का श्वसन तंत्र भी प्रभावित होता है। संकुचन की वजह से वोकल कॉर्ड पे ऐसा दबाव पड़ता है की गले से हिच्चक हिच्चक आवाज आती है जिसे हम हिचकी कहते हैं। कभी कभी बच्चे हिचकी से साथ उलटी भी कर देते हैं। 

 

बच्चों को हिचकी क्यों आती है?

शिशु को हिचकी कई कारणों से आ सकती है। इसमें सबसे बड़ा कारण है बच्चे का दूध पीते वक्त हवा को घोट लेना। इससे हवा बच्चे के पेट में भर जाता है। शिशु अगर अत्यधिक आहार ग्रहण कर ले तो भी उसे हिचकी आ सकती है। दोनों ही कारणों में हिचकी इस वजह से आती है। क्योँकि बच्चे का पेट तन जाता है और यह बच्चे के डायफ्राम पे दबाव बनता है और डायफ्राम के मांसपेशियों में संकुचन शुरू हो जाता है जिस वजह से बच्चे को हिचकी आने लगती है। 

बच्चे को हिचकी आने पर आप को क्या करना चाहिए

  • बच्चे को हिचकी आने पे सबसे पहले तो आप बिलकुल घबराये नहीं।
  • अधिकांश मामलों में बच्चे की हिचकी बिना कुछ किये ही कुछ ही देर में स्वतः समाप्त हो जाएगी। 
  • हिचकी ख़तम करने में आप बच्चे की मदद कर सकती है। बच्चे को सीधा पकड़ें, इस तरह से की बच्चा आप के छाती से चिपका हो। उसका थोडी (chin) आप के कंधे पे हो। बच्चे के पीट पे ऊपर की तरफ हाथ ले जाते हुए मसाज करें। कुछ देर ऐसा करने पे बच्चे को डकार आ जायेगा। डकार आने पे बच्चे को आराम मिलेगा। 
  • दूध पिलाते वक्त अगर बच्चे को हिचकी आने लगे तो थोड़ा रुक जाएँ। जब बच्चे की हिचकी बंद हो जाये तब दूध पिलायें। 
  • अगर आप का बच्चा बोतल से दूध पीता है तो आप उसे दूध पिलाने के बाद उसे डकार ज़रूर दिलाएं।
  • हिचकी आने पे कुछ लोग बच्चे को शहद देने का सुझाव देते हैं। बच्चे को शहद कभी न दें। बच्चों को एक साल से पहले शहद देना हानिकर है। 

कब चिंता की बात है

  1. अगर आप के बच्चे को बार बार हिचकियाँ आती है तो यह गैस सम्बन्धी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। बच्चों में कॉलिक के कारण भी हिचकी आती है। अगर आप के बच्चे को हर दो या तीन घंटे पे हिचकी आती है तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 
  2. बच्चों में सांस संबंधी विकार के कारण भी हिचकी आ सकती है। अगर आप के बच्चे को कुछ ज्यादा ही हिचकियाँ आती है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। 

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