Category: बच्चों का पोषण

बच्चों को बचाये एलेर्जी से भोजन के तीन दिवसीय नियम

By: Salan Khalkho | 3 min read

तीन दिवसीय नियम का सीधा सीधा मतलब यह है की जब भी आप आपने बच्चे को कोई नया आहार देना प्रारम्भ कर रहे हैं तो तीन दिन तक एक ही आहार दें। अगर बच्चे मैं food allergic reaction के कोई निशान न दिखे तो समझिये की आप का बच्चा उस नए आहार से सुरक्षित है

3 Day Wait Rule for Baby Food

बाल रोग विशेषज्ञ अक्सर माँ-बाप को यह राय देते हैं की बच्चे में ठोस आहार शुरू करते वक्त  तीन दिवसीय नियम का पालन करें। 

यह जानने के लिए की  तीन दिवसीय नियम क्योँ अनिवार्य है बच्चों में ठोस आहार की शुरुआत करने के लिए - आप को मैं एक जीवंत उदहारण देता हूँ। 

जब विद्या 6 माह की हुई तो उसकी माँ ने बड़े उत्साह के साथ ठोस आहार की शुरुआत की। विद्या की माँ हर सप्ताह एक नया आहार उसे देने लगी। 

विद्या को भी नए नए आहार बेहद पसंद आ रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था और इसी से उत्साहित होके उसकी माँ ने विद्या को एक दिन उबला अंडा और रागी खाने को दिया। 

अगले दिन उसकी माँ ने विद्या को केला और दलीय दिया खाने को। उसके अगले दिन विद्या की माँ ने उसे avocado और सेब दिया खाने को। इसके अगले दिन विद्या बहुत बीमार पड़ गयी।

सुबह भोर से ही विद्या को उलटी और दस्त हुरु हो गया। उसको बुखार भी चढ़ गया। बीमारी के ये लक्षण देख कर डॉक्टर को समझते देर नहीं लगी की बच्चे को food allergic reaction हुआ है। 

पिछले तीन दिनों में विद्या ने 6 नए आहार को ग्रहण किया। इसीलिए इस बात का पता नहीं लगाया जा सकता था की किस आहार के कारण से विद्या को food allergic reaction हुआ है। 

इसका नतीजा यह हुआ की विद्या की माँ ने पिछले तीन दिनों में जितने भी आहार दिए थे उन्हें विद्या को दोबारा न खिलने का निर्णय लिया। 

यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है की विद्या को उसकी माँ ने वो सरे आहार देना बंद कर दी क्योँकि उनमे से किसी एक आहार के कारण विद्या को food allergic reaction का सामना करना पड़ा। 

 

ठोस आहार शुरू करने के तीन दिवसीय नियम क्या है

तीन दिवसीय नियम का सीधा सीधा मतलब यह है की जब भी आप आपने बच्चे को कोई नया आहार देना प्रारम्भ कर रहे हैं तो तीन दिन तक एक ही आहार दें। 

अगर बच्चे मैं food allergic reaction के कोई निशान न दिखे तो समझिये की आप का बच्चा उस नए आहार से सुरक्षित है और आप चौथे दिन बच्चे को कोई भी आहार दे सकते हैं।

कोई भी नया आहार बच्चे को तीन के बाद ही दें। उदाहरण के लिए अगर आप बच्चे को गेहूं का दलीय खिलाना शुरू करते हैं तो तीन दिन तक सिर्फ गेहूं का दलीय ही खिलाएं। 

अगर बच्चे में food allergic reaction के कोई भी निशान न दिखे तो समझिये की बच्चे को गेहूं का दलिया खिलाना उसकी सेहत के लिए सुरक्षित है। 

तीन दिवसीय नियम का पालन करने से आप सटीक तौर पे पता लगा सकते हैं की किस आहार से बच्चे को food allergic reaction हुआ है। 

अगर बच्चे को food allergic reaction के लक्षण जैसे की गैस, उलटी, दस्त, पेट दर्द, हो तो आप समझ सकते हैं की किस आहार के कारण ऐसा हुआ है और कौन से आहार को बच्चे को खिलने से बचना है। 

how to prevent food allergic reaction in children

बच्चों के आहार से सम्बंधित एक डायरी लिखना शुरू करें 

आप आपने बच्चे के लिए एक डायरी भी बना सकती हैं जिसमें आप आपने बच्चे को खिलने वाले हर आहार का जिक्र कर सकती हैं। 

डायरी में लिखिए की किस तारीख को आपने कौन सा नया आहार बच्चे को दिया और उसका क्या असर पड़ा बच्चे पे। यह डायरी और भी जायदा फायदेमंद रहेगी अगर आपके परिवार में food allergic reaction का इतिहास है। 

कब तक करें तीन दिवसीय नियम का पालन

एक बार जब आपका बच्चा 9-10 माह का हो जाये और आप ने सभी आहार आजमा लिया है। और-तो-और आप ने आपने बच्चे को कई प्रकार के आहार को मिला कर खिलाना भी शुरू कर दिया है। 

लेकिन फिर भी आपको हमेशा सावधानी बनाये रखना है - विशेषकर अगर आप आपने बच्चे को भोजन में निम्न आहार दे रहें हैं। 

  • अंडा
  • गेहूं 
  • मूंगफली 
  • मछली 
  • मटर/चना 

बच्चों में ठोस आहार शुरू करते वक्त यह सावधानियां बरतें

  • बच्चे को नया आहार सुबह या दोपहर को खाने को दें। इस तरह अगर किसी आहार के प्रति आप का बच्चा food allergic reaction develop करे तो आपके पास दिन-भर पर्याप्त समय रहेगा डॉक्टर के पास जाने के लिए। मगर यह इस्तिथि अगर रात को हुई तो डॉक्टर से मिलना काफी मुश्किल हो जायेगा। 
  • नए आहार को शुरू करते वक्त हर सावधानी बरतें। विशेषकर ऐसे आहार को जोकी allergic reaction के लिए जाने जातेहैं। 

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