Category: प्रेगनेंसी

क्या गर्भावस्था के दौरान Vitamins लेना सुरक्षित है?

By: Editorial Team | 6 min read

गर्भावस्था के दौरान मां और उसके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए विटामिंस बहुत आवश्यक होते हैं। लेकिन इनकी अत्यधिक मात्रा गर्भ में पल रहे शिशु तथा मां दोनों की सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। इसीलिए गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में मल्टीविटामिन लेने से बचें। डॉक्टरों से संपर्क करें और उनके द्वारा बताए गए निश्चित मात्रा में ही विटामिन का सेवन करें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में मल्टीविटामिन लेने के कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान Vitamins लेना सुरक्षित है

गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण शिशु के विकास के लिए बहुत आवश्यक है।  इसी वजह से कई बार गर्भवती महिलाएं  दूसरे अन्य सप्लीमेंट के साथ साथ मल्टीविटामिन  भी लेती हैं। कई बार  जब गर्भ में पल रहे शिशु के लिए पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता है तब ऐसी परिस्थितियों में डॉक्टर भी मल्टीविटामिन लेने की राय देते हैं।

लेकिन जब आप मल्टीविटामिन लेती हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना है कि अगर निर्धारित मात्रा से ज्यादा मल्टीविटामिन लिया गया तो यह  फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाने लगता है।  कई बार गर्भवती महिलाएं अनजाने में मल्टीविटामिन ओवरडोज की शिकार हो जाती हैं।  

यह मुख्यतः उन परिस्थितियों में होता है जब गर्भवती महिलाएं एक से ज्यादा  प्रकार के मल्टीविटामिन का सेवन करती हैं। या फिर मल्टीविटामिन के साथ साथ अलग से भी कुछ विटामिन लेती हैं। 

इस लेख मे :

  1. गर्भावस्था के दौरान विटामिन  का महत्व
  2. कुछ विटामिन की अत्यधिक मात्रा हानिकारक हो सकती है
  3. विटामिन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
  4. महिलाओं में विटामिन की दैनिक आवश्यकता
  5. विटामिन ओवरडोज होने के लक्षण
  6. विटामिन ओवरडोज की स्थिति में क्या करें

गर्भावस्था के दौरान विटामिन का महत्व

गर्भावस्था के दौरान विटामिन  का महत्व

गर्भावस्था के दौरान आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप सही मात्रा में वह सभी  मल्टी विटामिन ए जो आपके गर्भ में पल रहे शिशु के सेहत के लिए जरूरी है और आपके स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण यही होगा कि आप अपने शरीर में विटामिन की आवश्यकता को पौष्टिक आहार के द्वारा पूरा करें। 

ऐसा इसलिए क्योंकि आहार के द्वारा हाथ में कभी भी मल्टीविटामिन का ओवरडोज नहीं होगा। लेकिन  गर्भकाल के दौरान अगर आप अपने और शिशु के शरीर में विटामिन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विटामिन लेती हैं -  तो इन्हें सावधानीपूर्वक ले और जितना आप के डॉक्टर ने निर्देश दिया है उसी के अनुसार ने नहीं तो विटामिन ओवरडोज का खतरा बढ़ जाता है।  विटामिन लेने से पहले हमेशा उसकी सही मात्रा जांचने। 

कुछ विटामिन की अत्यधिक मात्रा हानिकारक हो सकती है

कुछ विटामिन जैसे कि विटामिन ए कि अगर अत्यधिक मात्रा शरीर में हो जाए तो यह माता तथा शिशु के शरीर दोनों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।  यदि कैल्शियम और आयरन भी बड़ी मात्रा में लिया जाए यह भी बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

कुछ विटामिन की अत्यधिक मात्रा हानिकारक हो सकती है

हम आपको फिर बताना चाहेंगे कि गर्भावस्था के दौरान मल्टीविटामिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि गर्भ में शिशु का विकास बहुत तेजी से हो रहा होता है और इस विकास को सपोर्ट करने के लिए शरीर को कई प्रकार के विटामिन की आवश्यकता पड़ती है।  

इस आवश्यकता को मल्टीविटामिन और सप्लीमेंट के द्वारा पूरा किया जा सकता है।  लेकिन आप मल्टीविटामिन और सप्लीमेंट का सहारा तभी ने जब आपके शरीर में विटामिन की आवश्यकता पौष्टिक आहार द्वारा पूरी नहीं हो पा रही है। 

विटामिन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

विटामिन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

विटामिन के पर्चे पर उसके डोस से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए होते हैं।  अगर आप इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें तो आप यह समझ सकती हैं कि विटामिन की औसत मात्रा कितनी लेनी चाहिए और इतनी मात्रा से अधिक लेने पर ओवरडोज हो सकता है।  यह है विटामिन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण टर्म्स

  • UL: यह बिना किसी नुकसान के विटामिन लेने की सबसे अधिक मात्रा को दर्शाता है।  इतनी मात्रा या इससे कम विटामिन लेने पर ओवर डोस की संभावना नहीं रहती है।
  • AI: कई बार  दवाओं से संबंधित सरकारी नियामक संस्थानों पर कुछ विटामिन से संबंधित ओवरडोज की जानकारी नहीं होती है।  ऐसी स्थिति में सर्वेक्षण और शोध द्वारा किए गए एक्सपेरिमेंट और ऑब्जर्वेशन के आधार पर विटामिन की सुरक्षित मात्रा को निर्धारित किया जाता है।
  • विटामिन टाक्सीसिटी -  यह तब होता है जब कोई व्यक्ति विटामिंस की इतनी ज्यादा मात्रा ले ले कि वह उसके शरीर में जहर का काम करें। सभी विटामिन से विटामिन  टाक्सीसिटी नहीं होती है। लेकिन जिन विटामिन से टाक्सीसिटी हो सकती है वह इस प्रकार से हैं: विटामिन A, B6, C, D या नाइसिन।
  • यह वह विटामिन है जिन्हें आप कभी भी निर्धारित मात्रा से ज्यादा ना ले  नहीं तो यह आपके शरीर में यह जहर का काम करेंगे  और साथ ही गर्भ में पल रहे आपके शिशु के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं। 

महिलाओं में विटामिन की दैनिक आवश्यकता

महिलाओं में विटामिन की दैनिक आवश्यकता

विटामिन ओवरडोज होने के लक्षण

विटामिन ओवरडोज के बारे में आपको बहुत सावधान देने की आवश्यकता है क्योंकि विटामिन ओवरडोज के बहुत सारे लक्षण गर्भावस्था के लक्षणों से मेल खाते हैं।  ऐसे में यह समझना मुश्किल है कि कौन से लक्षण गर्भावस्था की वजह से हो रहे हैं और कौन से विटामिन के ओवरडोज की वजह से। 

विटामिन ओवरडोज होने के लक्षण

लेकिन अगर आप सावधानीपूर्वक गर्भावस्था के दौरान होने वाले लक्षणों पर गौर करें और आप उनमें किसी भी प्रकार का बदलाव देखिए तो इसे यह बात साबित हो जाता है कि आप आवश्यकता से ज्यादा विटामिन ले रही हैं। विटामिन ओवरडोज होने के लक्षण किस प्रकार के हैं:

  • बार बार मूत्र त्याग करने की इच्छा 
  • बदहजमी,  पाचन तंत्र से संबंधित गड़बड़ी
  •  डायरिया
  •  भूख में कमी या भूख ना लगना
  • पीठ में दर्द होना
  •  मांसपेशियों में कमजोरी महसूस करना
  •  जोड़ो तथा मांसपेशियों की हड्डियों में दर्द होना
  • त्वचा का पीला पड़ जाना
  • धूप के प्रति त्वचा का ज्यादा संवेदनशील हो जाना
  • शरीर पर खुजली व रैशेस पड़ना
  • सर दर्द
  • शारीरिक थकान
  •  पल-पल मूड बदलना
  •  हृदय की धड़कन  का तेज हो जाना या अनियमित होना
  • आंखों में जलन
  •  होंठ फटना

अगर आप ऊपर के लक्षणों को देखे तो आप पाएंगे कि इसमें से अधिकांश लक्षण ऐसे हैं जो आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान देखने को मिलते हैं।  अगर आप गर्भवती हैं तो आप गर्भावस्था के इन लक्षणों को अच्छी तरह पहचाने गी।

गर्भावस्था के दौरान अगर आपको यही लक्षण दिखे लेकिन उनका अनुभव थोड़ा दूसरी तरह हो तो समझ में किया गर्भावस्था के दौरान होने वाले सामान्य लक्षण नहीं है बल्कि नियर विटामिन की  ओवरडोज की वजह से हो रहा है। 

विटामिन ओवरडोज की स्थिति में क्या करें

विटामिन ओवरडोज की स्थिति में क्या करें

अगर आप अपने शरीर में विटामिन ओवरडोज की कोई भी लक्षण पाए तो आप तुरंत डॉक्टर से मिले और जो भी विटामिन या सप्लीमेंट आप ले रही हैं उसके बारे में डॉक्टर से सलाह ले। 

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