Category: Baby food Recipes

केले का प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार

By: Salan Khalkho | 8 min read

केला पौष्टिक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। ये उन फलों में से एक हैं जिन्हे आप अपने बच्चे को पहले आहार के रूप में भी दे सकती हैं। इसमें लग-भग वो सारे पौष्टिक तत्त्व मौजूद हैं जो एक व्यक्ति के survival के लिए जरुरी है। केले का प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार (Indian baby food)

केले का प्यूरी (Banana Purée) शिशु आहार

केले को "perfect food" कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योँकि बच्चे के बढ़ते शरीर के लिए जो भी पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता वो सब केले मैं मौजूद है। 

इसके साथ-ही-साथ केले में antacids गुण भी हैं जिसकी वजह से केला पेट के लिए बहुत आच्छा है। केला में vitamin B6, manganese, vitamin C, potassium, dietary fiber, biotin, और कॉपर होता है। 



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केला बच्चों के लिए बहुत अच्छा है मगर इसका मतलब यह नहीं की बच्चों को बहुत ज्यादा केला खिला दिया जाये। बहुत ज्यादा केला खाने से बच्चों को कब्ज (constipation) का खतरा रहता है। 

केले के प्यूरी से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी 

  • बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  विटामिन B6, manganese, विटामिन C, पोटैशियम, dietary fiber, biotin, और कॉपर
  • सावधानी बरतें: ज्यादा केले खाने से कब्ज होने की सम्भावना है।
  • बनाने की विधि: केले की प्यूरी बनाने की विधि 

 

सामग्री (Ingredients)

  • 1 पूरी तरह पका हुआ केला
  • पानी या दूध (formula milk)

केले का प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार

  1. केले को छिल लें और छोटे छोटे टुकड़े में काट लें। 
  2. केले का प्यूरी बनाने के लिए किसी मिक्सी या blender की आवश्यकता नहीं है। 
  3. एक कटोरी में केले के टुकड़े को लें और कांटा चम्मच की मदद से उसे अच्छी तरह गूँथ (mash) ले मसल दें। 
  4. आप का बच्चा कितना बड़ा है या छोटा है - उसके हिसाब से आप केले के टुकड़ों को कम या ज्यादा मसल सकते हैं। 
  5. आवश्यकता अनुसार आप इसमें दूध या पानी मिला सकते हैं 

केला पौष्टिक तत्वों का जखीरा है 

केला पौष्टिक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। ये उन फलों में से एक हैं जिन्हे आप अपने बच्चे को पहले आहार के रूप में भी दे सकती हैं। 

केला एक perfect food है 

केले को प्रकृति का perfect food कहा जाता है। क्योँकि इसमें लग-भग वो सारे पौष्टिक तत्त्व मौजूद हैं जो एक व्यक्ति के survival के लिए जरुरी है। केले में सबसे महत्वपूर्ण तत्त्व है potassium और फाइबर। केले में विटामिन B6, विटामिन C और विटामिन B2  भी प्रचुर मात्रा में मौजूद रहता है। 

केले में मौजूद पोटैशियम शरीर के अच्छा है 

जहाँ सोडियम की अधिकता हमारे शरीर के लिए अच्छी नहीं है, वहीँ पोटैशियम हमारे शरीर के लिए वरदान से कम नहीं है। पोटैशियम बेहद जरुरी है शरीर के ठीक-ठाक तरीके से काम करने के लिए। पोटैशियम की वजह से शरीर में उचित मात्रा में blood pressure बनता है और ह्रदय (heart) ठीक तरीके से काम कर पता है।  

केला एक प्राकृतिक antacids है।  

केले को प्राकृतिक antacids भी कहा जाता है क्योँकि पेट के विकार जैसे की stomach ulcers से पेट की रक्षा करता है और पाचन तंत्र को दरुस्त रखता है। केला बहुत सरलता से पच भी जाता है। 

केला शिशु को चौथे महीने से ही दिया जा सकता है। 

शिशु को तब तक कोई भी ठोस आहार नहीं देना चाहिए जब ता की वो ६ महीने का न हो जाये। मगर केला एक ऐसा फल है जिसे आप बच्चे को चौथे महीने के बाद से ही दे सकती हैं। मगर अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें। आप के डॉक्टर को आप के बच्चे के बारे में ज्यादा बेहतर पता है और हर बच्चा भिन्न होता है। 

केला एक बहुत ही convenient food है

केला अपने आप में ही एक बेहतरीन आहार है। और ये बाजार से खरदे हुए डब्बा बंद आहार से बेहतर है। इसे आप आसानी से अपनी बैग में रख के कहीं भी ले जा सकते हैं। इस्तेमाल करने के वक्त बस आप को इसका छिलका उतरना है और खा लेना है। 

विडियो: केले की प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार (baby food)

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